अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन और गुजरात सरकार का MOU: कच्छ के 11 आईटीआई में उद्योग-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन (ASE) ने 29 मई 2026 को गुजरात सरकार के साथ दो समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए, जिनका उद्देश्य कच्छ जिले के 11 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को उद्योग-अनुकूल कौशल केंद्रों में रूपांतरित करना है। यह साझेदारी नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढाँचा क्षेत्रों के लिए तैयार कार्यबल निर्माण पर केंद्रित है।
साझेदारी का दायरा और उद्देश्य
ASE, जो अदाणी समूह का क्षमता-निर्माण मंच है, अपने 'Skill2Employ' दृष्टिकोण के अंतर्गत कक्षा शिक्षण को वास्तविक औद्योगिक परिचालन अनुभव से जोड़ेगा। इसमें सिमुलेशन, उत्कृष्टता केंद्र (CoE), ट्रेनर-प्रशिक्षण कार्यक्रम (TTT) और वैश्विक मानकों पर आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं, ताकि प्रशिक्षु पहले दिन से उत्पादक कार्यबल के रूप में तैयार हों।
इस पहल के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं — स्थानीय रोज़गार के अवसरों का सृजन, प्रतिभा पलायन में कमी, और क्षेत्र की वृद्धि में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना।
सरकार की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोज़गार मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण को आत्मनिर्भर कार्यबल निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा, 'हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को वैश्विक स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना और स्किल इंडिया मिशन के तहत प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनाना है। कुशल युवा एक समृद्ध राष्ट्र की नींव हैं।'
श्रम एवं कौशल विकास राज्य मंत्री कांतिलाल अमरुतिया ने छात्रों को तकनीकी शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, 'कुशल युवा हमारे राष्ट्र की असली ताकत हैं और भारत के आर्थिक विकास, राष्ट्रीय प्रगति और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।'
ASE का दीर्घकालिक दृष्टिकोण
ASE के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉबिन भौमिक ने कहा कि कच्छ संस्था के दीर्घकालिक कौशल विकास दृष्टिकोण का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'कच्छ हमारी कर्मभूमि है और हम इसके भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य एक ऐसा कुशल और उद्योग-तैयार कार्यबल तैयार करना है जो दीर्घकालिक क्षेत्रीय रूपांतरण में सहयोग करने में सक्षम हो।'
गुजरात मॉडल की राष्ट्रीय पहचान
ASE द्वारा आईटीआई रूपांतरण के लिए तैयार किए गए 10 सूत्री एजेंडे को अब देश के अन्य राज्यों में 'गुजरात मॉडल' के रूप में संदर्भित किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार कौशल विकास को रोज़गार नीति का अभिन्न अंग बनाने पर ज़ोर दे रही है।
आगे की राह
कार्यक्रम में कच्छ के सभी 11 सरकारी आईटीआई के संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित थे। साझेदारी के तहत प्रशिक्षण की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से होने की उम्मीद है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी — दोनों ही क्षेत्र कच्छ की औद्योगिक पहचान के लिए अहम हैं।