साहिबगंज में ब्रह्मपुत्र मेल से संदिग्ध बांग्लादेशी हिरासत में, 3 मोबाइल व विदेशी मुद्रा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के साहिबगंज में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ब्रह्मपुत्र मेल ट्रेन से एक संदिग्ध व्यक्ति को 10 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लिया, जिसने प्रारंभिक पूछताछ में कथित तौर पर खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद सुमन मियां के रूप में की गई है। उसके पास से एक एंड्रॉयड और दो कीपैड मोबाइल फोन, विदेशी मुद्रा तथा गुवाहाटी तक का रेल टिकट बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
हिरासत का घटनाक्रम
करमटोला और साहिबगंज रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन में चेन पुलिंग की घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने जाँच शुरू की। इसी दौरान जनरल बोगी में यात्रा कर रहे मोहम्मद सुमन मियां पर संदेह होने के कारण उसे रोका गया और हिरासत में ले लिया गया। शुक्रवार देर रात साहिबगंज रेल थाने में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में क्या आया सामने
जाँच एजेंसियों के अनुसार, संदिग्ध ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह इस वर्ष जुलाई 2026 के आसपास कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली होते हुए श्रीनगर पहुँचा, जहाँ उसकी मुलाकात सफर अली नामक एक कबाड़ कारोबारी से हुई। सफर अली के बारे में जानकारी सामने आई है कि वह करीब 30 वर्ष पहले बांग्लादेश से भारत आया था।
जाँच की दिशा और दायरा
खुफिया विभाग के अधिकारी और संबंधित जाँच एजेंसियाँ पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल में जुटी हैं। अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की नागरिकता, भारत में प्रवेश के मार्ग, यात्रा के उद्देश्य और संभावित संपर्कों की जाँच की जा रही है। उसके पास से बरामद तीनों मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी फॉरेंसिक जाँच किए जाने की संभावना है।
गौरतलब है कि जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगा रही हैं कि सफर अली और मोहम्मद सुमन मियां के बीच किस प्रकार का संपर्क था और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क भी शामिल है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब अवैध अप्रवासन को लेकर सीमावर्ती राज्यों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
आगे क्या होगा
फिलहाल मामले की जाँच जारी है और कई पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। अधिकारियों द्वारा सत्यापन और पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।