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सक्ती के सोंठी में एक रात दो घरों में चोरी: ₹3.85 लाख का माल बरामद, सराफा व्यापारी समेत 4 गिरफ्तार

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सक्ती के सोंठी में एक रात दो घरों में चोरी: ₹3.85 लाख का माल बरामद, सराफा व्यापारी समेत 4 गिरफ्तार

सारांश

छत्तीसगढ़ के सक्ती में एक रात दो घर, एक गिरोह — और चोरी का माल बेचने वाला सराफा व्यापारी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के दम पर ₹3.85 लाख का सामान बरामद कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

28 जुलाई की रात सोंठी गाँव, सक्ती में एक ही गिरोह ने दो घरों में चोरी की।
देवराम पटेल के घर से ₹2 लाख 95 हजार के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हुए।
चोरी का माल सराफा व्यापारी अमित अग्रवाल, बनवारीलाल प्रेमचंद ज्वेलर्स को बेचा गया था।
24 अगस्त को बलवीर सतनामी, फलेश साहू, समीर डेनियल और अमित अग्रवाल — चारों गिरफ्तार।
बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत ₹3 लाख 85 हजार ; दोनों मामलों में शत-प्रतिशत बरामदगी।

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सोंठी गाँव में 28 जुलाई की रात एक ही गिरोह ने दो अलग-अलग घरों में सेंधमारी कर सोने-चांदी के जेवरात और नगदी सहित कीमती सामान उड़ाया। सक्ती पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 24 अगस्त को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें चोरी का माल खरीदने वाला एक सराफा व्यापारी भी शामिल है। पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में चोरी गए ₹3 लाख 85 हजार के सामान की शत-प्रतिशत बरामदगी की जा चुकी है।

पहली घटना: कमला बाई यादव के घर में सेंध

पहली वारदात सक्ती थाना क्षेत्र के सोंठी वार्ड नंबर 11 निवासी कमला बाई यादव के घर हुई। उनके अनुसार 28 जुलाई की रात परिवार के साथ खाना खाकर सोने के बाद रात करीब 3 बजे आँख खुलने पर घर की आलमारी खुली मिली। आलमारी से सोने-चांदी के जेवरात, नगदी, पोस्ट ऑफिस व बैंक की पासबुक, खेत की पर्ची, पैन कार्ड और आयुष्मान कार्ड सहित कई ज़रूरी दस्तावेज़ गायब थे।

कमला बाई के बेटे कृष्णचरण यादव का मोबाइल फोन भी चोरी हो गया। घर से लगे नाश्ता होटल से करीब 20 पैकेट सिगरेट भी चोर ले गए। जाँच में पाया गया कि आरोपियों ने पीछे के दरवाज़े का डंडा हटाकर प्रवेश किया और जाते समय मुख्य दरवाज़े का ताला तोड़कर फरार हो गए। फ्रिज से पानी की बोतल निकालकर आधा पानी पीने की बात भी सामने आई।

दूसरी घटना: देवराम पटेल के घर से ₹2.95 लाख के जेवरात गायब

दूसरी वारदात सोंठी फाटकपारा, कांजी हाउस के पीछे रहने वाले देवराम पटेल के घर हुई। उनके अनुसार उसी रात घर के मुख्य दरवाज़े पर ताला लगाकर सोए थे, लेकिन सुबह करीब 8 बजे उठने पर आलमारी और बरामदे का लोहे का दरवाज़ा खुला मिला। आलमारी के बैग से सवा तोला सोने का हार, झुमका-कनोती, टॉप्स, सोने के फदक, चार जोड़ी चांदी की पायल, चांदी का मंगलसूत्र, चार चांदी की अंगूठियाँ, आधार कार्ड और जेवरात के बिल गायब थे। चोरी गए जेवरात की कीमत करीब ₹2 लाख 95 हजार आँकी गई।

पुलिस की जाँच और गिरफ्तारी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) पंकज पटेल ने बताया कि दोनों घटनाओं में चोरी का तरीका लगभग एक जैसा होने पर पुलिस ने इसे एक ही गिरोह की करतूत मानकर जाँच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में आरोपियों ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर दोनों घरों में चोरी करना स्वीकार किया और बताया कि माल आपस में बाँटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया था।

जाँच में यह भी सामने आया कि चोरी का कुछ सोने-चांदी का सामान अमित अग्रवाल, बनवारीलाल प्रेमचंद ज्वेलर्स, सक्ती को बेचने के लिए दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने सराफा व्यापारी को भी गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान

24 अगस्त को गिरफ्तार चारों आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं — बलवीर सतनामी (22 वर्ष), फलेश साहू (26 वर्ष), समीर डेनियल (19 वर्ष) — तीनों निवासी सोंठी — और अमित अग्रवाल (45 वर्ष), निवासी सक्ती। आरोपियों की निशानदेही पर दोनों मामलों में चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात और अन्य सामान बरामद कर लिए गए। बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत ₹3 लाख 85 हजार बताई गई है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि चोरी का माल खरीदने वाले सराफा व्यापारी की संलिप्तता इस मामले को महज़ सेंधमारी से आगे ले जाती है और संगठित चोरी नेटवर्क की ओर इशारा करती है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पुरानी वारदातों से संबंध की भी जाँच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सराफा व्यापारी की संलिप्तता है — जो दर्शाती है कि छोटे शहरों में चोरी के गिरोह बिना स्थानीय 'खरीदार नेटवर्क' के टिक नहीं सकते। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों से त्वरित खुलासा किया, यह सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे व्यापारियों के खिलाफ दीर्घकालिक निगरानी तंत्र मौजूद है। शत-प्रतिशत बरामदगी का दावा उत्साहजनक है, परंतु गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पुरानी वारदातों की जाँच अभी बाकी है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सक्ती सोंठी चोरी कांड में क्या हुआ?
28 जुलाई की रात छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सोंठी गाँव में एक गिरोह ने कमला बाई यादव और देवराम पटेल के घरों में सेंधमारी कर सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और दस्तावेज़ चुराए। पुलिस ने 24 अगस्त को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹3.85 लाख का माल बरामद किया।
सराफा व्यापारी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
जाँच में सामने आया कि चोरी का सोने-चांदी का सामान अमित अग्रवाल, बनवारीलाल प्रेमचंद ज्वेलर्स, सक्ती को बेचा गया था। चोरी का माल जानते हुए खरीदने के आरोप में उन्हें भी 24 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
चारों आरोपियों में बलवीर सतनामी (22 वर्ष), फलेश साहू (26 वर्ष) और समीर डेनियल (19 वर्ष) — तीनों सोंठी निवासी — तथा सराफा व्यापारी अमित अग्रवाल (45 वर्ष), निवासी सक्ती शामिल हैं।
चोरी गए सामान की कुल कीमत कितनी थी?
देवराम पटेल के घर से चोरी गए जेवरात की कीमत करीब ₹2 लाख 95 हजार बताई गई। दोनों मामलों में बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत ₹3 लाख 85 हजार है और पुलिस ने शत-प्रतिशत बरामदगी का दावा किया है।
पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कैसे किया?
अतिरिक्त एसपी पंकज पटेल के अनुसार, दोनों घटनाओं में चोरी का तरीका एक जैसा होने पर पुलिस ने इसे एक ही गिरोह की करतूत माना। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई और पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल किया।
राष्ट्र प्रेस
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