क्या सनातन धर्म किसी समुदाय के खिलाफ है? मंत्री सुरेश पुजारी का स्पष्ट उत्तर
सारांश
Key Takeaways
- सनातन धर्म का उद्देश्य सभी का कल्याण है।
- हरिद्वार में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर विभिन्न मत हैं।
- ओडिशा सरकार गो सुरक्षा के लिए सख्त कानून लाने जा रही है।
पुरी, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने शंकराचार्य से जुड़े मुद्दे और हरिद्वार में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सभी के कल्याण की कामना करने वाला धर्म है।
सुरेश पुजारी ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "सनातन धर्म हमें सिखाता है कि समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। मानवता के कल्याण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। यह धर्म सबका मंगल चाहता है और हमें इससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।"
हरिद्वार में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि विभिन्न लोगों की अलग-अलग समझ हो सकती है। उन्होंने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जोड़ा और कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार हैं।
सुरेश पुजारी ने कहा, "हम किसी भी धर्म या मजहब के खिलाफ नहीं हैं। हम सभी का कल्याण चाहते हैं। पूरा विश्व एक परिवार है। 'वसुधैव कुटुंबकम' का विचार भी सनातन धर्म की देन है। हम सब मिलकर समाज में भाईचारे और शांति का वातावरण बनाएं।"
इसके साथ ही, मंत्री ने ओडिशा में गो-सुरक्षा को लेकर सरकार की सख्त नीति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में गो हत्या रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और इस मामले में अनेक लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।
सुरेश पुजारी ने आगे बताया कि सरकार गो सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नए और सख्त कानून लाने पर विचार कर रही है। हम जल्द ही गो सुरक्षा के लिए नया कानून लाएंगे, ताकि इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य समाज में शांति, भाईचारे और सभी के कल्याण को बढ़ावा देना है।