संजय निषाद का विश्वास- 2027 में फिर से एनडीए की होगी सरकार
सारांश
Key Takeaways
- संजय निषाद ने 2027 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत का दावा किया।
- 5 अप्रैल को भगवान महर्षि कश्यप की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित होगा।
- कार्यक्रम में सभी समाज के लोगों को शामिल होने की अपील की गई है।
लखनऊ, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अब भी समय है, परंतु राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी ताकत दिखाने की योजना बनानी शुरू कर दी है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दादरी में एक विशाल रैली आयोजित कर प्रचार का आरंभ किया। अब यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद भी एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ५ अप्रैल को भगवान महर्षि कश्यप की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
नोएडा में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान संजय निषाद ने कहा कि २०२७ के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से एनडीएएनडीए ही सरकार बनाएगी और सपा और कांग्रेस से धोखा खाए लोग भी अब एनडीए के साथ हैं।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि ५ अप्रैल को भगवान महर्षि कश्यप की जयंती है और इस दिन एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सभी समुदायों के लोगों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाएं। यह कार्यक्रम इंडोर स्टेडियम नोएडा में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप का जीवन हमें समाज में एकता, समरसता और सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इसी उद्देश्य से यह आयोजन समाज को जोड़ने और जागरूकता बढ़ाने का एक माध्यम बनेगा। सदियों से उपेक्षित समाज अब जाग चुका है, और यह समय है कि हम अपने हक, सम्मान और अधिकार के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं। एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी ताकत को प्रदर्शित करने के लिए नोएडा के इंडोर स्टेडियम में एक विशाल एकता महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर हम सब मिलकर अपने समाज की शक्ति, एकता और संकल्प का परिचय देंगे।
संजय निषाद ने कहा कि आज हम सभी एकजुट होकर यह कसम लेते हैं कि न तो हम झुकेंगे, न रुकेंगे, और अपने हक लेकर ही दम लेंगे। एकता हमारी पहचान है, संघर्ष हमारी ताकत है, और जीत हमारा अधिकार है। हमारा हक हमसे कोई छीन नहीं सकता। निषाद समाज का इतिहास संघर्ष और सम्मान का रहा है, और आज भी हम अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हैं। जो हमें उजाड़ने की सोच रखते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि निषाद समाज अब अपने हक के लिए हर मंच पर आवाज उठाता रहेगा।