5 अक्टूबर 2026
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चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर की मांग: रोहिणी घावरी राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचीं, कहा — 18 महीने से न्याय नहीं

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चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर की मांग: रोहिणी घावरी राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचीं, कहा — 18 महीने से न्याय नहीं

सारांश

स्विट्जरलैंड में करियर छोड़कर वापस आई डॉ. रोहिणी घावरी 18 महीने बाद भी न्याय के इंतज़ार में हैं — पुलिस ने तीसरी बार समय माँगा, कोर्ट में अर्जी दाखिल। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दुष्कर्म एफआईआर की माँग ने दलित महिलाओं के लिए न्याय तक पहुँच के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

मुख्य बातें

रोहिणी घावरी ने 5 अक्टूबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की माँग वाली अर्जी दाखिल की।
रोहिणी के अनुसार यह लड़ाई 6 अगस्त 2025 से जारी है और अब 18 महीने बीत चुके हैं।
पुलिस ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीसरी बार अतिरिक्त समय माँगा।
रोहिणी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में 12 घंटे तक बिठाए रखा।
वकील आशीष दास ने पिछली रिपोर्ट में कैमरे से खींची गई फोटो के साथ संभावित छेड़छाड़ की जाँच पर सवाल उठाए।

दलित एक्टिविस्ट और पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी दाखिल कर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की माँग दोहराई। रोहिणी ने सांसद पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा कि 18 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है। यह मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है।

मुख्य घटनाक्रम

कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत में डॉ. रोहिणी घावरी ने कहा कि यह संघर्ष 6 अगस्त 2025 से जारी है। उन्होंने कहा, 'यह लड़ाई 6 अगस्त, 2025 को शुरू हुई थी। हम लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि कानून के जरिए हमारी आवाज सुनी जाए। देश की बेटियों को कानून पर भरोसा है। अब 18 महीने हो चुके हैं।'

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्विट्जरलैंड में अपना करियर छोड़कर भारत वापस आने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि अपने लोगों के बीच रहकर और अदालत का दरवाज़ा खटखटाकर उनकी बात सुनी जाएगी।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

डॉ. रोहिणी ने पुलिस के रवैये पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार पुलिस ने उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में लगातार 12 घंटे तक बिठाए रखा और एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में भी इसी तरह का व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि अब जब मामला कोर्ट तक पहुँचा है, तो पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीसरी बार और समय माँगा है, और कोर्ट ने तीनों बार समय दिया है।

वकील की दलीलें

डॉ. रोहिणी के वकील एडवोकेट आशीष दास ने पत्रकारों से बात करते हुए जाँच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली रिपोर्ट में कैमरे से खींची गई फोटो के साथ संभावित छेड़छाड़ की जाँच की जा रही है। उनका कहना था, 'मेरी माँग है कि पहले एफआईआर रजिस्टर्ड हो, उसके बाद जाँच की जाए। इस देश में न्याय मिलना इतना आसान नहीं है।' उन्होंने जोड़ा कि कई प्रयासों के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने पर पीड़िता को अंततः कोर्ट की शरण लेनी पड़ती है।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि डॉ. रोहिणी घावरी एक दलित एक्टिविस्ट और पीएचडी स्कॉलर हैं, जिन्होंने नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की माँग करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दायर की है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दलित महिलाओं के लिए न्याय तक पहुँच और पुलिस की संवेदनशीलता पर राष्ट्रीय बहस जारी है। चंद्रशेखर आजाद दलित राजनीति के एक प्रमुख चेहरा हैं और इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं।

आगे की राह

मामला अभी राउज एवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट के लिए अतिरिक्त समय माँगा है और अदालत ने वह समय दिया है। एडवोकेट आशीष दास के अनुसार अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि जाँच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। डॉ. रोहिणी ने स्पष्ट किया है कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो संस्थागत निष्पक्षता की परीक्षा और भी कठिन हो जाती है — और इसीलिए अदालत की सक्रिय भूमिका यहाँ निर्णायक है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. रोहिणी घावरी का चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ मामला क्या है?
डॉ. रोहिणी घावरी ने नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की माँग की है और इसके लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि 6 अगस्त 2025 से यह संघर्ष जारी है और 18 महीने बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई का अब तक क्या हुआ?
कोर्ट में मामला विचाराधीन है और पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अब तक तीन बार अतिरिक्त समय माँगा है, जो कोर्ट ने दिया है। जाँच में कैमरे से खींची गई फोटो के साथ संभावित छेड़छाड़ की जाँच भी शामिल है।
डॉ. रोहिणी घावरी ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
रोहिणी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में लगातार 12 घंटे तक बिठाए रखा और एयरपोर्ट थाने में भी इसी तरह का व्यवहार किया। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी।
इस मामले में वकील आशीष दास की क्या माँग है?
एडवोकेट आशीष दास की माँग है कि पहले एफआईआर रजिस्टर्ड की जाए और उसके बाद जाँच की जाए। उन्होंने कहा कि जाँच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और पिछली रिपोर्ट में फोटो के साथ छेड़छाड़ की जाँच जारी है।
चंद्रशेखर आजाद कौन हैं और यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
चंद्रशेखर आजाद उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और दलित राजनीति के एक प्रमुख चेहरा हैं। यह मामला दलित महिलाओं के लिए न्याय तक पहुँच और पुलिस की संवेदनशीलता के व्यापक सवाल को उजागर करता है, खासकर तब जब आरोपी एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि हों।
राष्ट्र प्रेस
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