लखनऊ में ओम नमः शिवाय आश्रम की स्वर्ण जयंती: दिनेश शर्मा बोले — संतों का सानिध्य और सेवा ही समाज की नींव
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विज्ञान खंड के जाप स्थल एवं सेवा केंद्र में सोमवार, 25 मई 2026 को आध्यात्म, संस्कृति और सेवाभाव का अनूठा संगम देखने को मिला। लाल महेंद्र शिव शक्ति सेवा समिति (ओम नमः शिवाय आश्रम) के सेवा कार्यों के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में हजारों श्रद्धालु उमड़े। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि संतों के सानिध्य से व्यक्ति में आत्मविश्वास जागता है और सेवाभाव से समाज मजबूत होता है।
मुख्य अतिथि का संबोधन
डॉ. दिनेश शर्मा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य के सानिध्य में आने से जीवन में आत्मविश्वास पैदा होता है और संतों का आशीर्वाद ही जीवन में चमत्कार बन जाता है। उन्होंने कहा कि संत समाज को जाति और भेदभाव से ऊपर उठाकर समरसता का मार्ग दिखाते हैं — 'जहाँ संत होते हैं, वहीं बसंत भी होता है।'
शर्मा ने कहा कि भारत ऋषि और कृषि दोनों का देश रहा है तथा किसान की उपज से ही देश की समृद्धि सुनिश्चित होती है। उन्होंने सनातन संस्कृति को केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि सेवा, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण की जीवनशैली बताया।
सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक मूल्यों पर जोर
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति को आक्रांताओं ने लूटने का प्रयास जरूर किया, लेकिन वे इसकी आत्मा और परंपरा को समाप्त नहीं कर सके। उन्होंने वर्तमान समय में पारिवारिक संबंधों में आ रहे बदलाव और बढ़ते विवादों को चिंता का विषय बताया।
शर्मा ने स्पष्ट कहा कि माता-पिता का वृद्धाश्रम जाने को मजबूर होना भारतीय संस्कृति नहीं हो सकती। उन्होंने गुरु की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु समाज को दिशा देने के साथ-साथ सबको साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है।
आश्रम के पाँच दशकों की सेवा यात्रा
आश्रम के गुरुजी ने कहा कि 'ओम नमः शिवाय' केवल मंत्र नहीं, बल्कि सेवा, संयम और शिवत्व की ओर ले जाने वाली साधना है। समिति पदाधिकारियों के अनुसार, आश्रम पिछले पाँच दशकों से धार्मिक, सामाजिक और मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय है।
प्रयागराज के माघ मेले से लेकर हरिद्वार, उज्जैन और नासिक कुंभ तक आश्रम निरंतर भंडारे संचालित करता रहा है। कोरोना काल में लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या में 24 घंटे भोजन सेवा चलाकर हजारों जरूरतमंदों की सहायता की गई थी।
समारोह का आयोजन और श्रद्धालुओं की भागीदारी
समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार तथा भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन-अर्चना के साथ हुआ। पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजता रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने शिव भक्ति, राष्ट्रभावना और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें खूब सराहना मिली।
विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और बैठने की व्यापक व्यवस्था की गई थी। डॉ. शर्मा ने विश्वास जताया कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा।