संतोष सुमन का राहुल-तेजस्वी पर तंज: सीजेपी के डर से जागे विपक्षी नेता, मुद्दा-विचारधारा दोनों नहीं
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन ने 6 अक्टूबर 2026 को पटना में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के अचानक सामने आने से विपक्षी नेताओं में अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने की होड़ मच गई है। मंत्री सुमन के अनुसार, विपक्ष के पास न कोई वास्तविक मुद्दा है और न कोई विचारधारा।
सीजेपी का ज़िक्र और विपक्ष पर निशाना
मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि राहुल गांधी अधिकतर विदेश में रहते हैं, और अब एक 'कॉकरोच पार्टी' के भारतवर्ष में अचानक उभरने से इन नेताओं को डर सताने लगा है कि कहीं उनका राजनीतिक स्थान कोई और न ले ले। उन्होंने कहा, 'तब जाकर इन लोगों की नींद टूटी है।' उनका स्पष्ट आरोप था कि विपक्षी नेताओं की वर्तमान सक्रियता सिर्फ दिखावे की है।
वोट चोरी के आरोपों पर सुमन का पलटवार
विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे वोट चोरी और ईवीएम विवाद पर मंत्री सुमन ने कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, वे भी जनता के वोट से ही चुनकर आए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्षी दलों की दोहरी राजनीति स्वीकार्य नहीं — 'अगर जीते तो सब कुछ ठीक, और हारे तो ठीकरा चुनाव आयोग से लेकर ईवीएम तक जाता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष को जो सीटें मिलीं, वे भी उसी ईवीएम के ज़रिए मिलीं।
तेजस्वी यादव पर सीधा प्रहार
मंत्री सुमन ने तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे पहले यह स्पष्ट करें कि उनके गठबंधन में वास्तविक सहयोगी कौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीटों का बंटवारा करते वक्त तेजस्वी यादव अकेले ही निर्णय ले लेते हैं, उस समय सहयोगियों की याद नहीं आती। सुमन ने कहा, 'जनता ने इन्हें 25 सीटों पर समेट दिया है, इसलिए ये परेशान हैं कि कहीं 25 से 5 पर न पहुंच जाएं।'
अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री सुमन ने कहा कि चुनाव के समय इनका गठबंधन दिखाई नहीं देता। उन्होंने चेताया कि कहीं ऐसा न हो कि 403 की जगह महज तीन सीटों पर ही सिमटकर रह जाएं।
जनादेश को स्वीकारने की अपील
मंत्री सुमन ने कहा कि जनता भी जानती है कि विपक्ष का यह रुख महज राजनीतिक विरोध तक सीमित है। उन्होंने विपक्षी दलों से जनता के जनादेश को सम्मान देने और उसका विरोध न करने की अपील की। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में आगामी चुनावों की रणनीतिक तैयारी सभी दलों की ओर से तेज़ हो रही है, और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।