सिंधिया ने मिजोरम में ₹350 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का अनावरण किया, आइजोल में कला संगीत संस्थान का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 12 अक्टूबर 2026 को मिजोरम में लगभग ₹350 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स का अनावरण किया। उन्होंने आइजोल के पश्चिमी बाहरी इलाके तुइवामित में उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लिए 'आइजोल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स एंड म्यूजिक' का उद्घाटन किया और मुख्यमंत्री लालदुहोमा की उपस्थिति में नौ अन्य प्रोजेक्ट्स की आधारशिला वर्चुअली रखी। सिंधिया ने इन परियोजनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तर पूर्व रूपांतरण विजन का अभिन्न हिस्सा बताया।
मुख्य घटनाक्रम
सिंधिया ने लेंगपुई हवाई अड्डे पर पहुँचने के तुरंत बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि ये प्रोजेक्ट्स मिजोरम और व्यापक उत्तर पूर्वी क्षेत्र की प्रगति में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उद्घाटन समारोह में उन्होंने यह भी बताया कि पिछले ढाई वर्षों में वे उत्तर पूर्वी क्षेत्र का 35 बार दौरा कर चुके हैं।
मंत्री ने 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने में पूर्वोत्तर की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने चंद्रयान 3 मून मिशन और इंटीग्रेटेड 4जी टेलीकम्युनिकेशन स्टैक जैसी तकनीकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की समग्र तरक्की में पूर्वोत्तर राज्यों की अनिवार्य भागीदारी है।
नौ प्रोजेक्ट्स में क्या शामिल है
जिन नौ परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनमें सड़क कनेक्टिविटी, बिजली ट्रांसमिशन, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और खेल अवसंरचना का समावेश है। प्रमुख परियोजनाओं में डैडो वांगकावट रोड का उन्नयन, बैराबी से वेस्ट फाईलेंग तक ममित होते हुए 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण और नॉर्थ वनलाइफाई वॉटर सप्लाई स्कीम का विस्तार शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त मिजोरम न्यू कैपिटल कॉम्प्लेक्स (MINECO) में आयुष डेवलपमेंट सेंटर, पुकजिंग सिल्सुरी रोड और तुअलपुई चम्फाई रोड का निर्माण, कोलासिब, ममित, लुंगलेई और लॉंग्टलाई जिलों में ऑयल पाम लिंक रोड का उन्नयन, जेमाबॉक में 40 बेड वाले ANM हॉस्टल का निर्माण और पूरे मिजोरम में खेल अवसंरचना का विकास शामिल है। ये सभी परियोजनाएँ नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (NESIDS) और नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) के तहत क्रियान्वित की जा रही हैं।
मिजोरम में विकास की वर्तमान स्थिति
सिंधिया ने बताया कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत मिजोरम में लगभग 375 परियोजनाएँ सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 75 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं। गौरतलब है कि यह आँकड़ा केंद्र की उत्तर पूर्व केंद्रित नीति के व्यापक दायरे को दर्शाता है, जिसे पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि इससे राज्य के नागरिकों को ठोस लाभ मिलेगा।
नॉर्थईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव और निवेश की राह
सिंधिया ने घोषणा की कि 13 अक्टूबर 2026 को मिजोरम यूनिवर्सिटी में 'नॉर्थईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव' आयोजित किया जाएगा, जिसे वित्तीय सेवा विभाग का सहयोग प्राप्त है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य संस्थागत ऋण तक पहुँच सुगम बनाना और MSME तथा उद्यमियों के लिए निवेश के अवसर खोलना है।
उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में आयोजित 'नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव' में उत्तर पूर्व के लिए लगभग ₹4.5 लाख करोड़ के निवेश का वादा किया गया था, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा मिजोरम के लिए निर्धारित है। सिंधिया के अनुसार, बैंकर्स कॉन्क्लेव इस निवेश वादे को वास्तविक आर्थिक गतिविधि में रूपांतरित करने की कड़ी है। उन्होंने कहा, "इस कोशिश से हमारे सभी आठ राज्यों में आर्थिक क्षमता और जीडीपी ग्रोथ बढ़ेगी।"
आगे की राह
मिजोरम के मुख्य सचिव खिली राम मीना ने स्वागत भाषण दिया, जबकि उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास सचिव कटिकिथला श्रीनिवास और NEC सचिव सतिंदर कुमार भल्ला सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। सिंधिया 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली रवाना होने से पहले बैंकर्स कॉन्क्लेव में सहभागिता करेंगे। यह कॉन्क्लेव पूर्वोत्तर में वित्तीय समावेश को गति देने और बैंकिंग क्षेत्र को विकास का सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।