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क्या शुक्रवार को सेना के नए उपप्रमुख कमान संभालेंगे?

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क्या शुक्रवार को सेना के नए उपप्रमुख कमान संभालेंगे?

सारांश

भारतीय सेना के नये उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह 1 अगस्त को कार्यभार संभालेंगे। इस अवसर पर महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे, जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि और गॉर्ड ऑफ ऑनर का आयोजन होगा। जानिए इस अद्वितीय परिवर्तन के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह 1 अगस्त को उपप्रमुख बनेंगे।
शहीदों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम आयोजित होगा।
सैन्य की गरिमा और परंपराओं का पालन किया जाएगा।
सेना में चार दशकों की सेवा का सम्मान किया गया।
नए उपप्रमुख का अनुभव और नेतृत्व महत्वपूर्ण होगा।

नई दिल्ली, 31 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना के उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने आज सेवानिवृत्त होने की प्रक्रिया पूरी की। लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह 1 अगस्त से सेना के अगले उपप्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर दो विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पहले कार्यक्रम में, लेफ्टिनेंट जनरल सिंह 1 अगस्त को सुबह 09:30 बजे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद, सुबह 10 बजे साउथ ब्लॉक (रक्षा मंत्रालय) के लॉन में उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। यह आयोजन सेना की गरिमा और परंपराओं के अनुरूप भव्य तरीके से होगा।

लेफ्टिनेंट जनरल सिंह भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र हैं और उन्हें दिसंबर 1987 में 4 पैरा में कमीशन मिला था। उनके पास तीन दशकों का एक शानदार सैन्य करियर है जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में भाग लिया है, जैसे ऑपरेशन पवन, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन आर्किड।

भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे सभी अधिकारियों की अद्वितीय सेवा की सराहना की और उन्हें विदाई दी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा में समर्पित ये अधिकारी अपने अनुभव और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की यात्रा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से शुरू हुई और दिसंबर 1985 में उन्हें गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला। उन्होंने किंग्स कॉलेज, लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एम.फिल. की डिग्री प्राप्त की।

उनकी सामरिक समझ, विशेष रूप से पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर, परिचालन तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण रही है। उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना ने उनके चार दशकों के अनुकरणीय सेवा के लिए सराहना की और उन्हें भविष्य के प्रयासों में सफलता की शुभकामनाएं दीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि भारतीय सेना में बदलाव केवल नेतृत्व का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह हमारी रक्षा नीति और सामरिक दृष्टिकोण के लिए एक नई दिशा भी है। यह हमारे देश की सुरक्षा और सामर्थ्य को और मजबूत बनाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह का अनुभव क्या है?
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह का सैन्य करियर तीन दशकों से अधिक है, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में भाग लिया है।
सेना के नए उपप्रमुख का कार्यभार कब ग्रहण किया जाएगा?
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह 1 अगस्त को सेना के उपप्रमुख का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की सेवानिवृत्ति का कार्यक्रम क्या था?
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 1 अगस्त को शहीदों को श्रद्धांजलि दी और गॉर्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया।
सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को क्या कहा?
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवा की सराहना की और उन्हें विदाई दी।
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?
उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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