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शहीद अग्निवीर खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर पहुंचेगा पांचोता गांव, भाई बोले — 'गम नहीं, गर्व है'

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शहीद अग्निवीर खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर पहुंचेगा पांचोता गांव, भाई बोले — 'गम नहीं, गर्व है'

सारांश

राजस्थान के पांचोता गांव का एक युवा जो दूसरे प्रयास में वायुसेना में चुना गया — असम के जोरहाट में एएन-32 हादसे ने उसे छीन लिया। शहीद खेमाराम कुमावत के भाई के शब्द — 'गम नहीं, गर्व है' — पूरे देश की भावना बन गए हैं।

मुख्य बातें

अग्निवीर खेमाराम कुमावत असम के जोरहाट में एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए।
पार्थिव शरीर सोमवार, 16 जून को राजस्थान के डीडवाना जिले के पांचोता गांव पहुंचेगा।
खेमाराम साढ़े तीन साल पहले दूसरे प्रयास में अग्निवीर योजना के तहत वायुसेना में भर्ती हुए थे।
भाई राजेंद्र कुमावत ने कहा — 'मुझे शहादत पर गम नहीं, गर्व है।' राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार; मोक्षधाम में प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियाँ कीं।

जोरहाट (असम) में एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए अग्निवीर खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर सोमवार, 16 जून को राजस्थान के डीडवाना जिले के नावा उपखंड स्थित पांचोता गांव पहुंचेगा। वहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी शहादत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिवार पर दुखों का पहाड़

महज साढ़े तीन साल पहले ही अग्निवीर के रूप में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए खेमाराम कुमावत की शहादत की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। उनकी माँ और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। गौरतलब है कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद खेमाराम ने कोचिंग ली थी और दूसरे प्रयास में अग्निवीर योजना के तहत वायुसेना में चयन पाया था।

भाई की भावुक बात — 'शहादत पर गर्व है'

शहीद के भाई राजेंद्र कुमावत ने कहा, 'खेमाराम का स्वभाव सबसे अच्छा था। वे जितने दयालु थे, उतने साहसी भी थे। 12वीं पास करने के बाद खेमाराम ने कोचिंग ली। उसके बाद दूसरी बार में उनका चयन अग्निवीर में हुआ। अब समय को कुछ और ही मंजूर था।' राजेंद्र ने आगे कहा कि उनके पिता के पास फोन आया, तब शहादत की सूचना मिली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा — 'मेरा भाई एक सच्चा देशभक्त था। मुझे उनकी शहादत पर गम नहीं, बल्कि गर्व है।'

गांव में उमड़ा जनसैलाब

शहीद के घर पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पड़ोसी क्षेत्रों के लोगों का ताँता लगा हुआ है। हर कोई परिवार को ढाँढस बँधाने और वीर सपूत के अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ पड़ा है। गांव के नागरिकों का कहना है कि देश ने एक जाँबाज़ सैनिक खोया है, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती।

प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

राजकीय सम्मान के साथ होने वाले अंतिम संस्कार को देखते हुए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। मोक्षधाम में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतज़ाम किए जा रहे हैं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएँ पुख्ता की हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब अग्निवीर योजना को लेकर देशभर में बहस जारी है — और खेमाराम कुमावत जैसे युवाओं का सर्वोच्च बलिदान इस बहस को एक मानवीय चेहरा देता है। उनकी विदाई सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे क्षेत्र का दर्द है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरे प्रयास में चयन, और फिर सर्वोच्च बलिदान — यह सिलसिला बताता है कि अग्निवीर योजना के तहत भर्ती युवा देश की रक्षा में पूरी तरह समर्पित हैं। सवाल यह है कि क्या शहादत के बाद उनके परिवारों को मिलने वाले मुआवज़े और सम्मान का ढाँचा उस बलिदान के अनुरूप है — यह जवाबदेही की माँग करने वाला सवाल है जो इस खबर के पीछे अनकहा रह जाता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निवीर खेमाराम कुमावत कौन थे और उनकी मृत्यु कैसे हुई?
खेमाराम कुमावत राजस्थान के डीडवाना जिले के पांचोता गांव के निवासी थे, जो साढ़े तीन साल पहले अग्निवीर योजना के तहत भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। असम के जोरहाट में एएन-32 विमान हादसे में वे शहीद हो गए।
शहीद खेमाराम कुमावत का अंतिम संस्कार कहाँ और कब होगा?
उनका अंतिम संस्कार राजस्थान के डीडवाना जिले के नावा उपखंड स्थित पांचोता गांव के मोक्षधाम में राजकीय सम्मान के साथ होगा। पार्थिव शरीर सोमवार, 16 जून को गांव पहुंचने की सूचना है।
खेमाराम कुमावत के परिवार ने शहादत पर क्या कहा?
उनके भाई राजेंद्र कुमावत ने कहा कि खेमाराम दयालु और साहसी दोनों थे, और दूसरे प्रयास में अग्निवीर में चुने गए थे। राजेंद्र ने स्पष्ट कहा — 'मुझे उनकी शहादत पर गम नहीं, बल्कि गर्व है।'
एएन-32 विमान हादसा क्या था?
एएन-32 भारतीय वायुसेना का एक परिवहन विमान है। असम के जोरहाट में हुए इस हादसे में अग्निवीर खेमाराम कुमावत सहित वायुसेना के जवान सवार थे। हादसे का विस्तृत कारण अधिकारियों द्वारा जाँच के अधीन है।
अग्निवीर योजना क्या है और खेमाराम इसमें कैसे शामिल हुए?
अग्निवीर योजना भारत सरकार की अल्पकालिक सैन्य भर्ती योजना है। खेमाराम ने 12वीं कक्षा के बाद कोचिंग ली और दूसरे प्रयास में इस योजना के तहत वायुसेना में चयन पाया था।
राष्ट्र प्रेस
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