29 जुलाई 2026
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असम AN-32 दुर्घटना: राजस्थान के अग्निवीर खेमाराम कुमावत सहित 5 वायुसेना कर्मी शहीद

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असम AN-32 दुर्घटना: राजस्थान के अग्निवीर खेमाराम कुमावत सहित 5 वायुसेना कर्मी शहीद

सारांश

राजस्थान के पंचोटा गाँव का 22 वर्षीय अग्निवीर खेमाराम कुमावत असम के जोरहाट में AN-32 विमान दुर्घटना में शहीद हो गया — वह परिवार जिसने देश को तीन वर्दीधारी दिए, आज चौथे को खो बैठा। शादी की बातें अधूरी रह गईं, तिरंगे में लिपटी विदाई बाकी है।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान 13 जून 2026 को असम के जोरहाट स्थित रोवरिया वायुसेना स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
हादसे में 5 वायुसेना कर्मी शहीद — स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह , फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार , सार्जेंट जितेंद्र शर्मा , अग्निवीर दानिश आलम और अग्निवीर खेमाराम कुमावत ।
राजस्थान के डिडवाना-कुचामन जिले के पंचोटा गाँव के 22 वर्षीय खेमाराम दिसंबर 2022 में अग्निपथ योजना के तहत वायुसेना में भर्ती हुए थे।
विमान टकराव के बाद आग की चपेट में आया और दो टुकड़ों में टूट गया; एक सह-पायलट घायल।
पार्थिव शरीर रविवार को नवा पहुँचेगा; पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ पंचोटा गाँव में अंतिम संस्कार होगा।

भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान शनिवार, 13 जून 2026 को असम के जोरहाट स्थित रोवरिया वायुसेना स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पाँच वायुसेना कर्मी शहीद हो गए। शहीदों में राजस्थान के डिडवाना-कुचामन जिले के पंचोटा गाँव के 22 वर्षीय अग्निवीर खेमाराम कुमावत भी शामिल हैं, जो दिसंबर 2022 में अग्निपथ योजना के तहत वायुसेना में भर्ती हुए थे।

दुर्घटना का घटनाक्रम

यह हादसा शनिवार तड़के करीब 10 बजे उस वक्त हुआ जब विमान रोवरिया वायुसेना स्टेशन पर उतरने का प्रयास कर रहा था। टकराव के बाद विमान में आग लग गई और खबरों के मुताबिक वह दो टुकड़ों में टूट गया। एक सह-पायलट इस हादसे में घायल हुआ।

शहीद वायुसेना कर्मी

इस दुर्घटना में जान गँवाने वाले पाँच वायुसेना कर्मियों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु दानिश आलम और अग्निवीर खेमाराम कुमावत शामिल हैं। खेमाराम का अग्निवीर कार्यकाल पूरा होने के करीब था और परिवार उनकी सेवा समाप्ति के बाद विवाह की योजना बना रहा था।

शोक में डूबा पंचोटा गाँव

खेमाराम के निधन की खबर मिलते ही पंचोटा गाँव और आसपास का पूरा इलाका शोक में डूब गया। उनके परिवार की जनसेवा की एक मजबूत परंपरा रही है — उनके पिता किसान हैं, बड़े भाई राजेंद्र कुमार सिविल इंजीनियर हैं, तथा दो अन्य भाई केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) में सेवारत हैं। गोविंदराम कुमावत चेन्नई हवाई अड्डे पर तैनात हैं, जबकि मनोज कुमावत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हेड कांस्टेबल के पद पर हैं। उनकी एक छोटी बहन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।

चचेरे भाई महेश कुमावत ने कहा, 'घर में शादी की चर्चा शुरू हो चुकी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसी दुखद खबर मिलेगी।'

अंतिम संस्कार की तैयारी

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह ने बताया कि खेमाराम का पार्थिव शरीर रविवार को नवा पहुँचने की उम्मीद है। वहाँ से तिरंगा यात्रा पार्थिव शरीर के साथ पंचोटा गाँव तक जाएगी, जहाँ पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार के सदस्य पार्थिव शरीर के परिवहन की व्यवस्था के लिए वायुसेना अधिकारियों के संपर्क में हैं।

अग्निपथ योजना और सेवा का सवाल

गौरतलब है कि खेमाराम दिसंबर 2022 में अग्निपथ योजना के तहत वायुसेना में शामिल हुए थे और उनका कार्यकाल समाप्ति के करीब था। यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती युवाओं की सेवा शर्तों और कल्याण को लेकर देशभर में बहस जारी है। AN-32 विमान भारतीय वायुसेना का एक पुराना परिवहन विमान है, जिसकी तकनीकी स्थिति को लेकर विशेषज्ञ पहले भी सवाल उठा चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे तिरंगे में लपेटकर विदाई मिली — यह विरोधाभास अग्निपथ की 'अल्पकालिक सेवा, पूर्ण जोखिम' की संरचना पर गंभीर सवाल खड़े करता है। AN-32 विमान की तकनीकी उम्र और पिछले हादसों का इतिहास भी इस जाँच के दायरे में आना चाहिए। शहीदों के परिवारों को मिलने वाले मुआवज़े और पुनर्वास की व्यवस्था — विशेषकर अग्निवीरों के लिए — पर सरकार की स्पष्टता अभी भी अधूरी है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में AN-32 विमान दुर्घटना कब और कहाँ हुई?
यह दुर्घटना 13 जून 2026 को सुबह करीब 10 बजे असम के जोरहाट स्थित रोवरिया वायुसेना स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान हुई। विमान टकराव के बाद आग की चपेट में आया और दो टुकड़ों में टूट गया।
अग्निवीर खेमाराम कुमावत कौन थे?
खेमाराम कुमावत राजस्थान के डिडवाना-कुचामन जिले के पंचोटा गाँव के 22 वर्षीय युवा थे, जो दिसंबर 2022 में अग्निपथ योजना के तहत भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। उनका अग्निवीर कार्यकाल समाप्ति के करीब था।
इस हादसे में कुल कितने लोग शहीद हुए और कौन-कौन थे?
हादसे में कुल 5 वायुसेना कर्मी शहीद हुए — स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु दानिश आलम और अग्निवीर खेमाराम कुमावत। एक सह-पायलट घायल हुआ।
खेमाराम कुमावत का अंतिम संस्कार कहाँ और कैसे होगा?
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह के अनुसार, पार्थिव शरीर रविवार को नवा पहुँचने की उम्मीद है। वहाँ से तिरंगा यात्रा के साथ पंचोटा गाँव ले जाया जाएगा, जहाँ पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
खेमाराम कुमावत के परिवार की पृष्ठभूमि क्या है?
खेमाराम के परिवार की जनसेवा की गहरी परंपरा रही है। उनके पिता किसान हैं, बड़े भाई राजेंद्र कुमार सिविल इंजीनियर हैं, और दो भाई CRPF में सेवारत हैं — गोविंदराम चेन्नई हवाई अड्डे पर और मनोज कुमावत प्रयागराज में हेड कांस्टेबल के पद पर। एक छोटी बहन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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