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असम में भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों की हुई मौत

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असम में भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों की हुई मौत

सारांश

असम में भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान एक प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दोनों पायलटों की जान चली गई। वायुसेना ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्य बातें

असम में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
दुर्घटना में दोनों पायलटों की जान चली गई।
भारतीय वायुसेना ने घटना पर शोक व्यक्त किया।
सुखोई-30 भारतीय वायुसेना के लिए एक महत्वपूर्ण विमान है।
पिछले भी सुखोई-30 के साथ दुर्घटनाएँ हुई हैं।

नई दिल्ली/गुवाहाटी, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम में भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की जान चली गई। भारतीय वायुसेना ने यह जानकारी साझा की।

भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया, "वायुसेना, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करती है, जिन्हें सुखोई-30 के क्रैश में गंभीर चोटें आई थीं। वायुसेना के सभी सदस्य इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़े हैं।"

सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के गुरुवार को असम में लापता होने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक रिपोर्टों से यह पता चला था कि यह विमान कार्बी आंगलोंग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, जब अचानक ग्राउंड कंट्रोल से इसका संवाद टूट गया।

रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के अनुसार, यह लड़ाकू विमान एक नियमित मिशन के दौरान रडार से गायब हो गया। वायुसेना की टीमों को तथ्यों की जांच और पुष्टि के लिए भेजा गया। जिस क्षेत्र में रडार संपर्क टूटा, वह अधिकतर घने जंगल और पहाड़ी इलाका है। घटना के अगले दिन भारतीय वायुसेना ने विमान के क्रैश होने की पुष्टि की।

सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों में से एक है और यह भारत की सम्पूर्ण एयर डिफेंस क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालांकि, सुखोई-30 एमकेआई विमान से जुड़ी घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं। अगस्त 2019 में, यह विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान असम में तेजपुर के पास धान के खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दोनों पायलट सुरक्षित निकलने में सफल रहे और उन्हें बाद में बचा लिया गया।

इसके अलावा, मई 2015 में, एक और सुखोई-30 एमकेआई विमान टेक-ऑफ के तुरंत बाद तेजपुर एयर फोर्स बेस से लगभग 36 किलोमीटर दक्षिण में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें दोनों पायलट सुरक्षित निकल गए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसकी तकनीकी क्षमता भी महत्वपूर्ण है। दुर्घटना की जांच की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखोई-30 एमकेआई क्या है?
सुखोई-30 एमकेआई एक मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण है।
इस दुर्घटना में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस दुर्घटना में विमान में सवार दोनों पायलट की मौत हो गई।
क्या पहले भी सुखोई-30 के साथ दुर्घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, सुखोई-30 के साथ पहले भी दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
इस घटना पर वायुसेना का क्या कहना है?
भारतीय वायुसेना ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की है।
दुर्घटना के कारण क्या हो सकते हैं?
दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें तकनीकी खराबी या मौसम संबंधी मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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