शाहजहांपुर में बनेगा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय, चिन्मयानंद ने दान की ₹550 करोड़ की संपत्ति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 27 मई 2026 को पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने मुमुक्षु आश्रम की ₹550 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्ति स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राज्य सरकार को औपचारिक रूप से दान कर दी। उनके अनुसार यह कदम शिक्षा के भविष्य में निवेश है, जो हजारों युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा।
दान का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, जो स्वामी शुकदेवानंद डिग्री कॉलेज और मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता भी हैं, ने बताया कि इस क्षेत्र में शिक्षा की नींव बेहद सीमित संसाधनों से रखी गई थी। 1940 के दशक में स्वामी शुकदेवानंद ने यहाँ गुरुकुल की स्थापना की, इसके बाद 1952 में इंटर कॉलेज और 1964 में डिग्री कॉलेज की नींव रखी गई। उस दौर में छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ, बरेली या दिल्ली तक जाना पड़ता था।
गौरतलब है कि स्वामी शुकदेवानंद का सपना था कि शाहजहांपुर में ही उच्च शिक्षा का एक सुदृढ़ केंद्र स्थापित हो, ताकि स्थानीय युवाओं को दूर न जाना पड़े। यह संकल्प दशकों तक अधूरा रहा।
मुख्य घटनाक्रम
वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई एक बैठक के बाद विश्वविद्यालय स्थापना की दिशा में ठोस कार्य शुरू हुआ। भूमि की तलाश के बाद मुमुक्षु आश्रम परिसर की जमीन को इस परियोजना के लिए उपयुक्त चुना गया। 27 मई 2026 को इसी संपत्ति को आधिकारिक रूप से विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित कर दिया गया।
स्वामी चिन्मयानंद ने स्पष्ट किया कि यह दान किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा के समग्र विकास के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ जमीन या संपत्ति का दान नहीं है, बल्कि शिक्षा के भविष्य में निवेश है।'
शिक्षा पर असर
शाहजहांपुर जिले में आज कई कॉलेज — जिनमें से अनेक सरकारी हैं — संचालित होते हैं, फिर भी एक पूर्ण विश्वविद्यालय की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना से इस कमी को दूर करने की उम्मीद है। स्वामी चिन्मयानंद के अनुसार, यह विश्वविद्यालय हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए जिले के बाहर जाने की मजबूरी से मुक्त करेगा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में सुव्यवस्थित और सुलभ शिक्षा की भूमिका सर्वोपरि है। उनके अनुसार, शिक्षा की मजबूती से युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और समाज प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
कार्यक्रम के दौरान स्वामी चिन्मयानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना यह सपना साकार नहीं होता। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विश्वविद्यालय शीघ्र ही पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में उभरेगा। संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब विश्वविद्यालय की औपचारिक स्थापना और संचालन की दिशा में अगले कदम उठाए जाने की संभावना है।