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शाहजहांपुर में बनेगा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय, चिन्मयानंद ने दान की ₹550 करोड़ की संपत्ति

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शाहजहांपुर में बनेगा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय, चिन्मयानंद ने दान की ₹550 करोड़ की संपत्ति

सारांश

शाहजहांपुर में दशकों पुराना सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने ₹550 करोड़ की मुमुक्षु आश्रम संपत्ति स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के लिए राज्य सरकार को सौंप दी — जो 1940 के दशक से चली आ रही शिक्षा-यात्रा की सबसे बड़ी कड़ी है।

मुख्य बातें

स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने 27 मई 2026 को ₹550 करोड़ से अधिक की मुमुक्षु आश्रम संपत्ति स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को दान की।
विश्वविद्यालय की परिकल्पना 1940 के दशक में शुरू हुई; 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक के बाद प्रक्रिया तेज हुई।
इससे पहले शाहजहांपुर के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ , बरेली या दिल्ली जाना पड़ता था।
स्वामी शुकदेवानंद ने 1952 में इंटर कॉलेज और 1964 में डिग्री कॉलेज की स्थापना की थी।
स्वामी चिन्मयानंद के अनुसार यह दान निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि 'शिक्षा के भविष्य में निवेश' है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 27 मई 2026 को पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने मुमुक्षु आश्रम की ₹550 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्ति स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राज्य सरकार को औपचारिक रूप से दान कर दी। उनके अनुसार यह कदम शिक्षा के भविष्य में निवेश है, जो हजारों युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा।

दान का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, जो स्वामी शुकदेवानंद डिग्री कॉलेज और मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता भी हैं, ने बताया कि इस क्षेत्र में शिक्षा की नींव बेहद सीमित संसाधनों से रखी गई थी। 1940 के दशक में स्वामी शुकदेवानंद ने यहाँ गुरुकुल की स्थापना की, इसके बाद 1952 में इंटर कॉलेज और 1964 में डिग्री कॉलेज की नींव रखी गई। उस दौर में छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ, बरेली या दिल्ली तक जाना पड़ता था।

गौरतलब है कि स्वामी शुकदेवानंद का सपना था कि शाहजहांपुर में ही उच्च शिक्षा का एक सुदृढ़ केंद्र स्थापित हो, ताकि स्थानीय युवाओं को दूर न जाना पड़े। यह संकल्प दशकों तक अधूरा रहा।

मुख्य घटनाक्रम

वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई एक बैठक के बाद विश्वविद्यालय स्थापना की दिशा में ठोस कार्य शुरू हुआ। भूमि की तलाश के बाद मुमुक्षु आश्रम परिसर की जमीन को इस परियोजना के लिए उपयुक्त चुना गया। 27 मई 2026 को इसी संपत्ति को आधिकारिक रूप से विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित कर दिया गया।

स्वामी चिन्मयानंद ने स्पष्ट किया कि यह दान किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा के समग्र विकास के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ जमीन या संपत्ति का दान नहीं है, बल्कि शिक्षा के भविष्य में निवेश है।'

शिक्षा पर असर

शाहजहांपुर जिले में आज कई कॉलेज — जिनमें से अनेक सरकारी हैं — संचालित होते हैं, फिर भी एक पूर्ण विश्वविद्यालय की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना से इस कमी को दूर करने की उम्मीद है। स्वामी चिन्मयानंद के अनुसार, यह विश्वविद्यालय हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए जिले के बाहर जाने की मजबूरी से मुक्त करेगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में सुव्यवस्थित और सुलभ शिक्षा की भूमिका सर्वोपरि है। उनके अनुसार, शिक्षा की मजबूती से युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और समाज प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

कार्यक्रम के दौरान स्वामी चिन्मयानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना यह सपना साकार नहीं होता। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विश्वविद्यालय शीघ्र ही पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में उभरेगा। संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब विश्वविद्यालय की औपचारिक स्थापना और संचालन की दिशा में अगले कदम उठाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि विश्वविद्यालय कब तक कार्यात्मक रूप से स्थापित होता है और इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता कैसी रहती है। उत्तर प्रदेश में अनेक नई यूनिवर्सिटियाँ घोषित हुई हैं, परंतु बुनियादी ढाँचे और संकाय की कमी अक्सर उनकी प्रगति को धीमा करती है। स्वामी चिन्मयानंद की विवादास्पद राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए यह दान सार्वजनिक जाँच के दायरे में रहेगा। यह देखना होगा कि सरकार इस संपत्ति के प्रबंधन और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को लेकर क्या पारदर्शी ढाँचा तैयार करती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय क्या है और यह कहाँ बनेगा?
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में स्थापित होने वाला एक नया उच्च शिक्षा संस्थान है। इसके लिए मुमुक्षु आश्रम परिसर की भूमि और संपत्ति राज्य सरकार को हस्तांतरित की गई है।
स्वामी चिन्मयानंद ने कितनी संपत्ति दान की और क्यों?
स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने ₹550 करोड़ से अधिक मूल्य की मुमुक्षु आश्रम संपत्ति विश्वविद्यालय स्थापना के लिए राज्य सरकार को दान की। उनके अनुसार यह कदम निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि शाहजहांपुर के युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
शाहजहांपुर में विश्वविद्यालय बनाने की माँग कब से थी?
यह माँग लंबे समय से चली आ रही थी। 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बैठक के बाद इस दिशा में ठोस काम शुरू हुआ और मुमुक्षु आश्रम की भूमि को विश्वविद्यालय के लिए चुना गया।
इस विश्वविद्यालय से शाहजहांपुर के छात्रों को क्या फायदा होगा?
अब तक शाहजहांपुर के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ, बरेली या दिल्ली जाना पड़ता था। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से हजारों छात्र अपने जिले में ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें दूर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी।
स्वामी शुकदेवानंद कौन थे और उनका शिक्षा से क्या संबंध था?
स्वामी शुकदेवानंद ने शाहजहांपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने 1940 के दशक में गुरुकुल, 1952 में इंटर कॉलेज और 1964 में डिग्री कॉलेज की स्थापना की थी। उनका सपना था कि शाहजहांपुर में एक पूर्ण विश्वविद्यालय हो।
राष्ट्र प्रेस
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