उज्जैन: ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का वैश्विक केंद्र - मुख्यमंत्री मोहन यादव का उद्घाटन

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उज्जैन: ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का वैश्विक केंद्र - मुख्यमंत्री मोहन यादव का उद्घाटन

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन को ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का वैश्विक केंद्र बताया। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के महत्व और समाज की सेवा की बात की।

Key Takeaways

  • उज्जैन को ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का वैश्विक केंद्र माना जाता है।
  • सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 30वां था।
  • मुख्यमंत्री ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।
  • सिंहस्थ का आयोजन 2028 में होने वाला है।
  • राज्य सरकार विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उज्जैन, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि धार्मिक नगरी उज्जैन ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का एक वैश्विक केंद्र है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा का स्थान चुना था।

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में 181 विद्यार्थियों को डिग्रियां, 198 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, एक शोधार्थी को डी-लिट और 88 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियाँ प्रदान की गईं।

कुलाधिपति और राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने कहा कि उज्जैन नगरी में प्रविष्ट होते ही एक विशेष अनुभूति होती है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर एक विद्यार्थी आज मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत के बाद समाज और देश की एकता के लिए शपथ लें।

आपको जो संस्कार मिले हैं, उन्हें जीवन भर याद रखें और अपने माता-पिता की सेवा करें। शिक्षित होना मात्र एक उपाधि पाना नहीं है, बल्कि समाज और देश के उत्थान में योगदान देना भी है।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का वैश्विक केंद्र उज्जैन है, जिसे भगवान श्री कृष्ण ने अपनी शिक्षास्थली के रूप में चुना। यह धरती चौसठ कलाओं और 14 विद्याओं का प्रतीक है और सम्राट विक्रमादित्य ने यहां सुशासन का उदाहरण पेश किया।

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण नहीं, बल्कि 7 दशकों के समर्पण का परिणाम है, जिसने दुनिया को उत्कृष्ट मानव संसाधन दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन में सीखने की नई शुरुआत है। विद्यार्थियों को जीवन में सीखने की ललक बनाए रखनी होगी।

यह विश्वविद्यालय प्रसिद्ध कवि शिवमंगल सिंह सुमन और पद्म श्री विष्णु श्रीधर वाकणकर जैसी महान विभूतियों की कर्मस्थली रहा है। विश्वविद्यालय ने कृषि अध्ययन शाला और डेयरी टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक विषयों को आरंभ करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री यादव ने विश्वविद्यालय को विभिन्न उपकरणों के लिए 51 लाख रुपए, कृषि अध्ययन शाला के लिए पांच ड्रोन और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए एक बस देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास की राह पर अग्रसर है।

उज्जैन वर्ष 2028 में भव्य और दिव्य सिंहस्थ का साक्षी बनेगा, जिसके लिए राज्य सरकार पहले से तैयारी कर रही है।

Point of View

जहाँ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षा और ज्ञान को समाज के उत्थान के लिए आवश्यक बताया। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का प्रेरणा देता है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

उज्जैन का महत्व क्या है?
उज्जैन को ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का वैश्विक केंद्र माना जाता है।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह कब हुआ?
यह समारोह 17 मार्च को आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को क्या संदेश दिया?
उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज और देश की सेवा करने का संदेश दिया।
सिंहस्थ का आयोजन कब होगा?
सिंहस्थ का आयोजन वर्ष 2028 में होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय को क्या सहायता प्रदान की?
उन्होंने विश्वविद्यालय को 51 लाख रुपए, ड्रोन और बस प्रदान की।
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