शारद्वत मुखर्जी का मछली खरीदकर चुनाव प्रचार, मांसाहार पर कोई रोक नहीं: बंगाल में स्थिति स्पष्ट

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शारद्वत मुखर्जी का मछली खरीदकर चुनाव प्रचार, मांसाहार पर कोई रोक नहीं: बंगाल में स्थिति स्पष्ट

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के शारद्वत मुखर्जी ने मछली खरीदकर प्रचार की शुरुआत की है। उनका कहना है कि ममता बनर्जी का मांसाहार पर बयान असत्य है। उन्होंने चुनावी रणनीति पर चर्चा की और मांसाहारी भोजन पर रोक लगाने की योजना से इनकार किया।

मुख्य बातें

शारद्वत मुखर्जी ने मछली खरीदकर चुनाव प्रचार शुरू किया।
ममता बनर्जी के मांसाहार पर बयान का खंडन किया।
बंगाल में मांसाहार पर रोक लगाने की कोई योजना नहीं है।
चुनाव जीतने पर विधानसभा में मछली बांटने की योजना है।
नवरात्रि के दौरान भी लोग मछली खाते हैं।

उत्तर 24 परगना, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। सभी दलों के प्रत्याशी अपनी जीत के लिए जमकर प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के बिधाननगर सीट से उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी ने राष्ट्र प्रेस से अपनी चुनावी रणनीति पर चर्चा की।

मछली खरीदकर चुनाव प्रचार करने के बारे में शारद्वत मुखर्जी ने कहा, "ममता बनर्जी का बयान सुना होगा कि 'अगर भाजपा सत्ता में आई तो मांसाहारियों का जीवन बर्बाद हो जाएगा।' परंतु ममता बनर्जी ने यह भूल गई हैं कि त्रिपुरा में भाजपा एक दशक से सत्ता में है, जहाँ 95 प्रतिशत जनसंख्या बंगाली है। इसीलिए मैंने मछली खरीदकर अपना चुनाव प्रचार प्रारंभ किया। हम बंगाली किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मछली खरीदकर ही करते हैं।"

नवरात्रि के दौरान मछली के साथ चुनाव प्रचार करना उचित है या नहीं, इस सवाल पर शारद्वत मुखर्जी ने कहा, "बंगाल में लोग नवरात्रि के दौरान भी मछली खाते हैं। यहाँ सभी समुदाय मांसाहारी हैं। खानपान की आदतें हर किसी की अपनी पसंद पर निर्भर करती हैं।"

चुनाव जीतने के बाद विधानसभा में मछली बांटने के सवाल पर भाजपा उम्मीदवार ने कहा, "अगर हम जीतते हैं, तो विधानसभा में हिलसा मछली, झींगा और अन्य चीजें बांटेंगे। विधानसभा में मछली पकाकर ममता बनर्जी को भी खिलाएंगे। हमने कालीघाट स्थित उनके घर और उनके भतीजे को भी मछली भेजने की योजना बनाई है, क्योंकि वह थोड़े दुबले हो गए हैं, हमें उन्हें और मछली खिलाने की जरूरत है।"

बिहार में नवरात्रि के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव द्वारा मछली प्रदर्शित करने पर भाजपा के विरोध पर मुखर्जी ने कहा, "अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग नियम हैं। यदि दक्षिण भारत के लोगों से खट्टा खाना बंद करने को कहेंगे, तो ऐसा नहीं होगा। खान-पान की आदतें समुदायों के अनुसार अलग-अलग होती हैं।"

मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर भाजपा उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी ने कहा, "हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है। वास्तव में हम इसका समर्थन करेंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना होगा कि यह कितनी प्रभावी साबित होती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या शारद्वत मुखर्जी ने मछली खरीदकर प्रचार करने का निर्णय क्यों लिया?
शारद्वत मुखर्जी का मानना है कि बंगाली संस्कृति में मछली को शुभ माना जाता है, इसलिए उन्होंने इसे प्रचार का हिस्सा बनाया।
क्या ममता बनर्जी का मांसाहार पर बयान सही है?
मुखर्जी का कहना है कि ममता बनर्जी का बयान असत्य है, क्योंकि भाजपा त्रिपुरा में पिछले एक दशक से सत्ता में है।
क्या बंगाल में मांसाहार पर कोई रोक है?
शारद्वत मुखर्जी ने स्पष्ट किया है कि भाजपा की कोई योजना मांसाहार पर रोक लगाने की नहीं है।
क्या चुनाव जीतने के बाद विधानसभा में मछली बांटी जाएगी?
मुखर्जी ने कहा कि यदि वे जीतते हैं, तो विधानसभा में हिलसा मछली और अन्य चीजें बांटने की योजना है।
नवरात्रि के दौरान मछली खाने के बारे में क्या कहा गया?
मुखर्जी का कहना है कि बंगाल में नवरात्रि के दौरान भी लोग मछली खाते हैं।
राष्ट्र प्रेस