देबाशीष मुखर्जी ने ममता सरकार पर निशाना साधा, बंद उद्योगों को खोलने और अस्पतालों में सुधार का दिया आश्वासन

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देबाशीष मुखर्जी ने ममता सरकार पर निशाना साधा, बंद उद्योगों को खोलने और अस्पतालों में सुधार का दिया आश्वासन

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा उम्मीदवार देबाशीष मुखर्जी ने ममता बनर्जी सरकार पर बेरोजगारी और अस्पतालों की स्थिति को लेकर हमला किया। उन्होंने विजयी होने पर बंद उद्योगों को फिर से चालू करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का वादा किया।

Key Takeaways

  • देबाशीष मुखर्जी ने ममता सरकार पर बेरोजगारी और अस्पतालों की स्थिति का आरोप लगाया।
  • उन्होंने बंद उद्योगों को पुनः चालू करने का वादा किया।
  • चुनाव 2026 में दो चरणों में होंगे, पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को है।

हुगली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ की तैयारियों में तेजी आ गई है। चुनावी उम्मीदवार अपनी जीत के लिए भरपूर प्रचार कर रहे हैं और अपनी नीतियों को सामने लाने के साथ-साथ प्रतिपक्ष की विफलताओं को उजागर कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को चंदिताला विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार देबाशीष मुखर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर बेरोजगारी और अस्पतालों की खराब स्थिति को लेकर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि यदि वे चुनाव जीतते हैं, तो बंद पड़े उद्योगों को पुनः चालू करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने का वादा किया।

देबाशीष मुखर्जी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "बंगाल में ममता बनर्जी ने बदलाव का वादा किया था, लेकिन केवल नाम बदला गया है। मदर डेयरी का नाम बदलकर बंगाल डेयरी किया गया है। यह बदलाव धीरे-धीरे किया गया है और ऐसा लगता है कि इसे धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो डेयरी पूरी तरह से बंद हो सकती है।"

मुखर्जी ने आगे कहा, "चंदिताला अस्पताल के विकास के लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकार को उपलब्ध करानी चाहिए। यहां के विधायक ने अस्पताल के विकास के लिए कोई पहल नहीं की है। इसलिए मैं जनता से अपील करता हूं कि वे विधायक और ममता सरकार को विदाई दें, ताकि क्षेत्र और राज्य का विकास हो सके। जब नई सरकार और नया विधायक आएंगे, तो तेजी से विकास होगा।"

वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने चुनाव प्रक्रिया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। दिलीप घोष ने कहा कि राज्य में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें अब भी जारी हैं। कुछ पुलिस अधिकारी जानबूझकर चुनाव में बाधा डाल रहे हैं और लोगों को अपने पास बुलाकर बैठा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज के एक विशेष वर्ग के लोगों को यह धमकी दी जा रही है कि उन्हें केवल टीएमसी के साथ रहना होगा।

पश्चिम बंगाल की २९४ विधानसभा सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण की १५२ सीटों के लिए मतदान २३ अप्रैल को और १४२ सीटों के लिए २९ अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती ४ मई को की जाएगी।

Point of View

लेकिन यह देखना होगा कि वे कितने प्रभावी होते हैं।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

देबाशीष मुखर्जी ने ममता सरकार पर कौन से आरोप लगाए?
उन्होंने बेरोजगारी और अस्पतालों की खराब स्थिति को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है।
चुनाव में देबाशीष मुखर्जी का क्या वादा है?
उन्होंने बंद उद्योगों को फिर से चालू करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का वादा किया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कब होंगे?
पहले चरण के मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण के मतदान 29 अप्रैल को होंगे।
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