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क्या शिवपाल यादव ने भाई दूज पर बहन से तिलक करवाया और आशीर्वाद लिया?

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क्या शिवपाल यादव ने भाई दूज पर बहन से तिलक करवाया और आशीर्वाद लिया?

सारांश

इटावा में शिवपाल यादव ने भाई दूज के अवसर पर अपनी बहन से तिलक करवा कर आशीर्वाद लिया। यह पारिवारिक परंपरा हर साल निभाई जाती है, जिससे भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती का संदेश मिलता है। जानिए इस खास पल के बारे में।

मुख्य बातें

भाई दूज पर भाई-बहन के रिश्ते का महत्व।
परिवार की एकता और स्नेह का प्रतीक।
पारंपरिक तिलक विधि का पालन।
सादगी से मनाए जाने वाले पर्व की महत्ता।
स्थानीय समुदाय में पारिवारिक मूल्यों की सराहना।

इटावा, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक पर्व भाई दूज बड़े धूमधाम से मनाया। इस खास मौके पर उन्होंने इटावा में अपनी एकमात्र बहन कमला देवी के घर जाकर तिलक करवाया और उनका आशीर्वाद लिया। यह पारिवारिक परंपरा हर वर्ष शिवपाल पूरी श्रद्धा से निभाते हैं।

भाई दूज के दिन सुबह लगभग 10 बजे शिवपाल सिंह यादव इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी में अपनी बहन कमला देवी के निवास पर पहुँचे। वहां कमला देवी ने पारंपरिक विधि से अपने भाई का तिलक किया। उन्होंने शिवपाल को लड्डू खिलाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस दौरान घर में एक भावनात्मक और आत्मीय वातावरण बना रहा। परिवार के अन्य सदस्य भी इस खास पल के साक्षी बने।

शिवपाल सिंह यादव ने इस मौके पर अपनी बहन के प्रति स्नेह और सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता अनमोल है और भाई दूज का पर्व इस रिश्ते को और मजबूत बनाता है। हमेशा की तरह, इस बार भी उन्होंने इस परंपरा को सादगी के साथ निभाया। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी इस पर्व की खुशियों में शामिल हुए।

भाई दूज का त्योहार यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है, जो दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए तिलक करती हैं, वहीं भाई अपनी बहनों को उपहार देकर उनका आभार व्यक्त करते हैं।

शिवपाल की यह परंपरा न केवल उनके परिवार की एकता को दर्शाती है, बल्कि समाज में भाई-बहन के रिश्ते के महत्व को भी उजागर करती है। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने भी शिवपाल की सादगी और पारिवारिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि शिवपाल यादव का भाई दूज पर अपनी बहन के प्रति स्नेह और सम्मान की अभिव्यक्ति एक महत्वपूर्ण संदेश है। यह न केवल पारिवारिक मूल्यों को दर्शाता है, बल्कि समाज में भाई-बहन के रिश्ते की महत्ता को भी उजागर करता है। ऐसे पर्व हमारे समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई दूज का पर्व कब मनाया जाता है?
भाई दूज का पर्व दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है।
शिवपाल यादव ने अपनी बहन से कब तिलक करवाया?
शिवपाल यादव ने 23 अक्टूबर को अपनी बहन कमला देवी से तिलक करवाया।
भाई दूज पर क्या खास होता है?
भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों का तिलक कर उनकी लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती हैं।
क्या शिवपाल यादव हर साल यह परंपरा निभाते हैं?
जी हां, शिवपाल यादव हर वर्ष अपनी बहन से तिलक करवाने की परंपरा को निभाते हैं।
इस पर्व का सामाजिक महत्व क्या है?
यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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