28 जुलाई 2026
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श्रावण मास में अयोध्या तैयार: एसएसपी गौरव ग्रोवर बोले — कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षा घेरा अभेद्य

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श्रावण मास में अयोध्या तैयार: एसएसपी गौरव ग्रोवर बोले — कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षा घेरा अभेद्य

सारांश

राम मंदिर के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या पहले से कहीं अधिक है — और इस श्रावण मास में प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। एसएसपी गौरव ग्रोवर के नेतृत्व में 24 घंटे पुलिस तैनाती, ड्रोन निगरानी, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ और चरणबद्ध दर्शन व्यवस्था के साथ अयोध्या पूरी तरह तैयार है।

मुख्य बातें

अयोध्या में श्रावण मास के दौरान लाखों कांवड़ यात्रियों के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियाँ पूरी की गई हैं।
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने 28 जुलाई को स्थलीय निरीक्षण के बाद सुरक्षा घेरे को मजबूत बताया।
पूरे आयोजन में 24 घंटे पुलिस बल तैनात; सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी।
एनडीआरएफ , एसडीआरएफ , जल पुलिस और गोताखोर सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनज़र घाटों पर तैनात।
नागेश्वरनाथ मंदिर में चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था; घाट से मंदिर तक मार्ग सेक्टरों में विभाजित और बैरिकेडिंग।
सभी सीमावर्ती जिलों के साथ ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन के लिए समन्वय बैठकें पूरी।

अयोध्या में श्रावण मास की शुरुआत के साथ लाखों कांवड़ यात्रियों के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने 28 जुलाई को तैयारियों का स्थलीय जायज़ा लेने के बाद कहा कि पुलिस, प्रशासन और संबंधित एजेंसियाँ पूरे आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

मुख्य सुरक्षा प्रबंध

एसएसपी ग्रोवर ने बताया कि श्रावण मास के पहले से चौथे रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री अयोध्या पहुँचते हैं। इसे देखते हुए जनपद के भीतर यातायात व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई है। अयोध्या से लगे सभी सीमावर्ती जिलों के कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण पूरा कर लिया गया है। संबंधित जनपदों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें कर ट्रैफिक डायवर्जन और यात्रियों की आवाजाही के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।

पूरे आयोजन के दौरान 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती रहेगी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। कांवड़ियों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित कर ली गई है। मुख्यालय, रेंज और जोन से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है।

घाट और मंदिर सुरक्षा

जिन घाटों से श्रद्धालु जल भरकर नागेश्वरनाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में जलाभिषेक के लिए जाते हैं, वहाँ जोन और सेक्टर के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर और पूरे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया है।

घाट से मंदिर तक जाने वाले मार्ग को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है और जगह-जगह बैरियर एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। मंदिर की होल्डिंग क्षमता और दर्शन क्षमता को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जाएगा — एक जत्था जलाभिषेक कर निकास द्वार से बाहर निकलने के बाद ही अगले जत्थे को प्रवेश की अनुमति मिलेगी। यह व्यवस्था पिछले वर्षों में भी प्रभावी रही है और इस बार इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।

सरयू के बढ़ते जलस्तर पर विशेष सतर्कता

सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। एसएसपी ग्रोवर ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि के मद्देनज़र एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती कर दी गई है। घाटों पर 24 घंटे सिविल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित अधिकारियों की व्यवस्था की गई है।

यातायात समन्वय और आम नागरिकों की सुविधा

एसएसपी ने बताया कि पूरे श्रावण मास के चारों सोमवार, श्रावण झूला मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान पिछले वर्षों के अनुभव और भीड़ के पैटर्न का विश्लेषण किया गया है। किस तिथि पर किन जिलों से अधिक संख्या में कांवड़ यात्री आते हैं, इसका आकलन कर पहले से ही संबंधित जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही भी बिना किसी परेशानी के जारी रहे। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह हर धार्मिक आयोजन में प्रशासन की क्षमता की परीक्षा लेता है। एसएसपी ग्रोवर की तैयारियाँ कागज़ पर व्यापक हैं — ड्रोन, एनडीआरएफ, चरणबद्ध दर्शन — लेकिन असली परीक्षा चारों सोमवार की भीड़ के चरम पर होगी, जब सरयू का जलस्तर और श्रद्धालुओं का सैलाब एक साथ प्रशासन को घेरेंगे। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भी इसी तरह की तैयारियों के दावे किए गए थे, इसलिए इस बार क्रियान्वयन की पारदर्शी रिपोर्टिंग ज़रूरी होगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावण मास में अयोध्या में कांवड़ यात्रियों के लिए क्या सुरक्षा व्यवस्था की गई है?
अयोध्या में 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी, तथा सभी सीमावर्ती जिलों के साथ ट्रैफिक डायवर्जन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यालय, रेंज और जोन से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है।
नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को कैसे प्रवेश मिलेगा?
मंदिर की होल्डिंग और दर्शन क्षमता के अनुसार श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जाएगा। एक जत्थे के जलाभिषेक कर निकास द्वार से बाहर निकलने के बाद ही अगले जत्थे को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती घाटों पर कर दी गई है। घाटों पर 24 घंटे सिविल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
श्रावण मास के किन दिनों में सबसे अधिक भीड़ की उम्मीद है?
एसएसपी गौरव ग्रोवर के अनुसार, श्रावण मास के पहले से चौथे रविवार और सोमवार को सबसे अधिक कांवड़ यात्री अयोध्या पहुँचते हैं। श्रावण झूला मेला के दौरान भी भारी भीड़ की संभावना रहती है।
अयोध्या में कांवड़ यात्रा के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होगी?
प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है कि कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही भी बिना किसी परेशानी के जारी रहे। इसके लिए विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन योजना और सीमावर्ती जिलों से समन्वय किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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