सीधी अग्निकांड: कसिहवा गांव में आग से तीन मासूम जिंदा जले, CM मोहन यादव ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के कसिहवा गांव में शनिवार, 23 मई को एक दर्दनाक अग्निकांड में डेढ़ से छह साल के तीन सगे भाई-बहनों की जिंदा जलकर मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली लाइन में स्पार्किंग से लगी यह आग कुछ ही पलों में भीषण रूप ले गई और बच्चे घर से बाहर नहीं निकल सके। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है।
हादसे का घटनाक्रम
जमोड़ी थाना क्षेत्र के कसिहवा गांव में एक कच्चे मकान में उस समय आग भड़की जब तीनों बच्चों की माँ राशन लेने दुकान गई थीं और पिता राम रतन साकेत मजदूरी के लिए शहर में थे। माँ बाहर का दरवाज़ा बंद करके गई थीं, जिसके कारण आग लगने पर बच्चे घर से निकल नहीं पाए।
ग्रामीणों ने बच्चों को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन आग की तेज़ लपटों के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची, परंतु तब तक तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। तीनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजे गए हैं।
आग लगने की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि कच्चे मकान के ऊपर से गुज़रने वाली बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी बांस और सूखे सामान पर गिरी, जिससे आग लगी। आग ने देखते-देखते पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने बयान में इसे शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा बताया है, हालांकि आधिकारिक जाँच की पुष्टि अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और सरकारी सहायता
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'आज सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से हुए हादसे में तीन बच्चों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद व हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।'
उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक बच्चे के परिजन को ₹6 लाख और जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
आम जनता पर असर
इस हादसे से पूरे कसिहवा गांव में शोक का माहौल है। यह घटना उन खतरनाक परिस्थितियों की ओर ध्यान दिलाती है जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के कच्चे मकानों के ऊपर से बिजली के तार गुज़रते हैं। राम रतन साकेत का परिवार एक ही झटके में तीन बच्चों को खो चुका है — यह त्रासदी न केवल एक परिवार की, बल्कि पूरे गांव की पीड़ा बन गई है।
आगे क्या
प्रशासन ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। सरकारी मुआवज़े की राशि शीघ्र परिजनों तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं।