नीट-यूजी री-परीक्षा: सीकर के 91 केंद्रों पर BSF के 182 जवान तैनात, बैंकों के स्ट्रांग रूम से लाए गए प्रश्नपत्र
सारांश
मुख्य बातें
21 जून को देशभर में आयोजित री-नीट यूजी परीक्षा के लिए राजस्थान के सीकर जिले में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई, जहाँ 91 परीक्षा केंद्रों पर 27,106 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। प्रश्नपत्रों को 12 बैंकों के स्ट्रांग रूम से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों की निगरानी में केंद्रों तक पहुँचाया गया, और जिले में कुल 182 BSF जवान तथा लगभग 800 पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था
परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्रों को 12 बैंकों के स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था। BSF, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त देखरेख में इन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाया गया। प्रत्येक केंद्र पर दो BSF जवान तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को पूरी तरह रोका जा सके।
परीक्षा समाप्ति के बाद प्रश्नपत्रों को 6 निर्धारित कलेक्शन सेंटरों पर सुरक्षित रूप से जमा कराया जाएगा। सभी केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सीधी निगरानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा की जा रही है।
परीक्षार्थियों की संख्या और समय-सारणी
सीकर जिले में इस बार पंजीकृत 27,106 अभ्यर्थियों की संख्या 3 मई को आयोजित पिछली नीट परीक्षा की तुलना में 2,873 कम बताई जा रही है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई, जबकि परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक प्रवेश दिया गया। दोपहर 1:30 बजे के बाद केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए और किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
गौरतलब है कि इस बार परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया है, जिससे उन्हें प्रश्नपत्र हल करने में सुविधा मिल सके।
बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेज़ अनिवार्यता
परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। अभ्यर्थियों के लिए मूल प्रवेश पत्र, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य किया गया था।
प्रशासन की सतर्कता और अधिकारियों के निर्देश
जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की अफवाहों और गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता का स्तर बढ़ा दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा पिछले वर्ष विवादों के घेरे में रही थी, जिसके चलते इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
आने वाले दिनों में NTA द्वारा परीक्षा परिणाम की घोषणा की जाएगी, जिस पर लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं।