दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल पद की शपथ ली, गंगटोक के लोक भवन में हुआ समारोह
सारांश
मुख्य बातें
दुष्यंत कुमार गौतम ने 19 अक्टूबर 2026 को गंगटोक के लोक भवन में सिक्किम के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह समारोह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 13 अक्टूबर को की गई नियुक्ति के बाद आयोजित किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह का विवरण
सोमवार को लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, कैबिनेट मंत्री, सिक्किम से लोकसभा सांसद इंद्र हंग सुब्बा, दार्जिलिंग से लोकसभा सांसद राजू बिष्ट तथा राज्य के विधायक उपस्थित रहे। इसके अलावा गंगटोक नगर निगम के मेयर, पार्षद, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी समारोह में शामिल हुए।
नवनियुक्त राज्यपाल गौतम एक दिन पहले, रविवार को, गंगटोक के बुरतुक हेलीपैड पर पहुँचे थे, जहाँ मुख्यमंत्री तमांग के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
दुष्यंत कुमार गौतम: राजनीतिक पृष्ठभूमि
दुष्यंत कुमार गौतम भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके पूर्व वे दिल्ली नगर निगम में पार्षद और राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। उनकी यह नियुक्ति छह राज्यों में किए गए राजनीतिक फेरबदल का हिस्सा है।
छह राज्यों में राज्यपालों का बड़ा फेरबदल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 अक्टूबर को एक साथ चार राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए। इस फेरबदल के अंतर्गत सुधा यादव को कर्नाटक, ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड, ब्रज मोहन राम को ओडिशा और दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया। गौरतलब है कि इस फेरबदल में सिक्किम और केरल के पूर्व राज्यपालों को क्रमशः केरल और तमिलनाडु स्थानांतरित किया गया है।
अन्य नवनियुक्त राज्यपालों का परिचय
कर्नाटक की नई राज्यपाल सुधा यादव, हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वे BJP संसदीय बोर्ड की सदस्य रहीं और 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रहीं।
उत्तराखंड के नए राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन, मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वह मध्य प्रदेश सरकार में विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने स्कूली शिक्षा, वन, परिवहन और खनन विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है।
धोबी समुदाय से आने वाले दलित नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह झारखंड से पूर्व लोकसभा सांसद हैं और 1996, 1998 तथा 1999 में लगातार तीन बार पलामू का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह अविभाजित बिहार में विधायक भी रह चुके हैं।
आगे की राह
नए राज्यपाल के कार्यभार संभालने के साथ सिक्किम में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की उम्मीद है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार राज्यपालों के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों में अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक उपस्थिति मजबूत कर रही है।