सिक्किम सांसद इंद्र हंग सुब्बा ने PM मोदी को सौंपा ज्ञापन, 12 समुदायों को ST दर्जे समेत कई मांगें रखीं
सारांश
मुख्य बातें
सिक्किम के एकमात्र लोकसभा सांसद इंद्र हंग सुब्बा ने 30 जुलाई 2026 को संसद भवन, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और हिमालयी राज्य से जुड़े विकास, संवैधानिक एवं रणनीतिक मुद्दों पर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की माँग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस बैठक में 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल करने से लेकर पाकयोंग हवाई अड्डे पर व्यावसायिक उड़ानें बहाल करने तक कई दीर्घकालीन माँगें उठाई गईं।
मुख्य घटनाक्रम
सांसद सुब्बा ने बैठक में सिक्किम के लोगों और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) की ओर से प्रधानमंत्री का अभिवादन किया तथा राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान सिक्किम में हाल ही में हुई सुरंग दुर्घटना के बारे में जानकारी ली, जिस पर सुब्बा ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से उन्हें अवगत कराया और प्रभावित परिवारों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदना के लिए धन्यवाद दिया।
संवैधानिक और जनजातीय माँगें
ज्ञापन में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण माँग यह रही कि सिक्किम के 12 समुदायों को शीघ्र अनुसूचित जनजाति की सूची में सम्मिलित किया जाए — यह राज्य की वर्षों पुरानी लंबित माँग है। इसके अतिरिक्त, केंद्र से 'जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया, ताकि सिक्किम विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीट आरक्षण की व्यवस्था हो सके। लिंबू और तमांग अनुसूचित जनजातियों से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान भी ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल रहा।
बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी की माँगें
बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर सुब्बा ने नेशनल हाईवे-10 के समानांतर एक ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण की माँग रखी, जो राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करे। इसके साथ ही पश्चिमी सिक्किम में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बॉर्डर आउटपोस्ट को जोड़ने वाली हर मौसम में चालू रहने वाली रणनीतिक सड़क के विकास की भी अपील की गई — जो सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा और विकास दोनों दृष्टियों से अहम है।
शिक्षा, हवाई संपर्क और धार्मिक मुद्दे
सांसद ने पाकयोंग हवाई अड्डे पर अनुसूचित व्यावसायिक उड़ानों को पुनः शुरू करने की माँग की, जो राज्य के पर्यटन और व्यापार के लिए अत्यंत जरूरी बताई जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) अथवा उसका एक्सटेंशन कैंपस और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) सिक्किम में स्थापित करने का अनुरोध किया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक पहलू पर ज्ञापन में 17वें करमापा की सिक्किम यात्रा को सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की माँग भी शामिल की गई।
आगे की राह
सांसद के कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, सुब्बा ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए इन मुद्दों पर सकारात्मक विचार होगा, जिससे सिक्किम के समावेशी, रणनीतिक और टिकाऊ विकास को गति मिलेगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सिक्किम कई प्राकृतिक आपदाओं और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियों से जूझ रहा है, और राज्य सरकार केंद्र से अधिक वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग की उम्मीद रखती है।