30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सिक्किम सांसद इंद्र हंग सुब्बा ने PM मोदी को सौंपा ज्ञापन, 12 समुदायों को ST दर्जे समेत कई मांगें रखीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सिक्किम सांसद इंद्र हंग सुब्बा ने PM मोदी को सौंपा ज्ञापन, 12 समुदायों को ST दर्जे समेत कई मांगें रखीं

सारांश

सिक्किम के सांसद इंद्र हंग सुब्बा ने PM मोदी को सौंपे ज्ञापन में 12 समुदायों को ST दर्जा, NH-10 समानांतर ग्रीनफील्ड हाईवे, पाकयोंग हवाई अड्डे पर उड़ानें बहाल करने और IIT-NIFT की स्थापना जैसी दीर्घकालीन माँगें रखीं — जो सिक्किम के विकास की बहुआयामी तस्वीर पेश करती हैं।

मुख्य बातें

इंद्र हंग सुब्बा ने 30 जुलाई 2026 को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
सिक्किम के 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल करने की दीर्घकालीन माँग दोहराई गई।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन की माँग, ताकि सिक्किम विधानसभा में ST सीटें आरक्षित हो सकें।
NH-10 के समानांतर ग्रीनफील्ड हाईवे और पश्चिमी सिक्किम में हर मौसम चालू रणनीतिक सड़क की माँग।
पाकयोंग हवाई अड्डे पर व्यावसायिक उड़ानें बहाल करने और राज्य में IIT व NIFT स्थापित करने का अनुरोध।
17वें करमापा की सिक्किम यात्रा सुगम बनाने के लिए केंद्र से सहयोग माँगा गया।

सिक्किम के एकमात्र लोकसभा सांसद इंद्र हंग सुब्बा ने 30 जुलाई 2026 को संसद भवन, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और हिमालयी राज्य से जुड़े विकास, संवैधानिक एवं रणनीतिक मुद्दों पर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की माँग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस बैठक में 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल करने से लेकर पाकयोंग हवाई अड्डे पर व्यावसायिक उड़ानें बहाल करने तक कई दीर्घकालीन माँगें उठाई गईं।

मुख्य घटनाक्रम

सांसद सुब्बा ने बैठक में सिक्किम के लोगों और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) की ओर से प्रधानमंत्री का अभिवादन किया तथा राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान सिक्किम में हाल ही में हुई सुरंग दुर्घटना के बारे में जानकारी ली, जिस पर सुब्बा ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से उन्हें अवगत कराया और प्रभावित परिवारों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदना के लिए धन्यवाद दिया।

संवैधानिक और जनजातीय माँगें

ज्ञापन में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण माँग यह रही कि सिक्किम के 12 समुदायों को शीघ्र अनुसूचित जनजाति की सूची में सम्मिलित किया जाए — यह राज्य की वर्षों पुरानी लंबित माँग है। इसके अतिरिक्त, केंद्र से 'जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया, ताकि सिक्किम विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीट आरक्षण की व्यवस्था हो सके। लिंबू और तमांग अनुसूचित जनजातियों से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान भी ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल रहा।

बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी की माँगें

बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर सुब्बा ने नेशनल हाईवे-10 के समानांतर एक ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण की माँग रखी, जो राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करे। इसके साथ ही पश्चिमी सिक्किम में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बॉर्डर आउटपोस्ट को जोड़ने वाली हर मौसम में चालू रहने वाली रणनीतिक सड़क के विकास की भी अपील की गई — जो सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा और विकास दोनों दृष्टियों से अहम है।

शिक्षा, हवाई संपर्क और धार्मिक मुद्दे

सांसद ने पाकयोंग हवाई अड्डे पर अनुसूचित व्यावसायिक उड़ानों को पुनः शुरू करने की माँग की, जो राज्य के पर्यटन और व्यापार के लिए अत्यंत जरूरी बताई जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) अथवा उसका एक्सटेंशन कैंपस और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) सिक्किम में स्थापित करने का अनुरोध किया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक पहलू पर ज्ञापन में 17वें करमापा की सिक्किम यात्रा को सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की माँग भी शामिल की गई।

आगे की राह

सांसद के कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, सुब्बा ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए इन मुद्दों पर सकारात्मक विचार होगा, जिससे सिक्किम के समावेशी, रणनीतिक और टिकाऊ विकास को गति मिलेगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सिक्किम कई प्राकृतिक आपदाओं और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियों से जूझ रहा है, और राज्य सरकार केंद्र से अधिक वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग की उम्मीद रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्र हंग सुब्बा ने PM मोदी से मिलकर कौन-सी प्रमुख माँगें रखीं?
सुब्बा ने 12 समुदायों को ST सूची में शामिल करना, NH-10 के समानांतर ग्रीनफील्ड हाईवे, पाकयोंग हवाई अड्डे पर उड़ानें बहाल करना, IIT और NIFT की स्थापना तथा 17वें करमापा की यात्रा सुगम बनाने जैसी माँगें रखीं। यह सभी माँगें एक विस्तृत ज्ञापन के रूप में प्रधानमंत्री को सौंपी गईं।
सिक्किम के 12 समुदायों को ST दर्जे की माँग क्यों अहम है?
ST दर्जा मिलने पर इन समुदायों को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में संवैधानिक आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह सिक्किम की वर्षों पुरानी लंबित माँग है, जिसका सीधा असर राज्य की बड़ी आबादी पर पड़ेगा।
पाकयोंग हवाई अड्डे पर उड़ानें क्यों बंद हैं और इन्हें बहाल करने की माँग क्यों की गई?
पाकयोंग हवाई अड्डे पर अनुसूचित व्यावसायिक उड़ानें फिलहाल संचालित नहीं हो रही हैं, जिससे सिक्किम का हवाई संपर्क बाधित है। इनके बहाल होने से पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन कनेक्टिविटी को बल मिलेगा।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन से सिक्किम को क्या फायदा होगा?
इस संशोधन से सिक्किम विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीट आरक्षण संभव हो सकेगा। इससे लिंबू और तमांग जैसे समुदायों को विधायी प्रतिनिधित्व मिलेगा, जो अभी तक इस सुविधा से वंचित हैं।
सिक्किम में IIT या NIFT स्थापित करने की माँग का क्या महत्त्व है?
सिक्किम में उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित केंद्रों का अभाव है, जिससे राज्य के युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। IIT या NIFT की स्थापना से स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार सृजन भी होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले