एसआईआर विवाद: श्रीकांत शर्मा का विपक्ष पर हमला — 'भारत को बांग्लादेश-पाकिस्तान बनाने की साजिश'
सारांश
मुख्य बातें
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिमाचल प्रदेश प्रभारी और विधायक श्रीकांत शर्मा ने 10 अक्टूबर को मथुरा में विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का वास्तविक उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता नहीं, बल्कि देश में अराजकता फैलाकर भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी स्थिति में पहुँचाना है।
श्रीकांत शर्मा के मुख्य आरोप
श्रीकांत शर्मा ने कहा, 'योजनाबद्ध तरीके से भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान बनाने की कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं। यह मतदाता सूची का शुद्धिकरण है — केवल उस पर इतना हंगामा है। मतदाता सूची में जो गड़बड़ियाँ थीं, उन्हें ठीक किया जा रहा है; गाँव का आदमी समझ सकता है, लेकिन इन्हें समझ में नहीं आ रहा।'
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची महज बहाना है — असली मंशा देश में अस्थिरता पैदा करना है। शर्मा के अनुसार, देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं, वैश्विक मंच पर भारत की साख बढ़ रही है और भारत आयात-निर्भर राष्ट्र से निर्यातक राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है — यह तरक्की विपक्ष को रास नहीं आ रही।
ईवीएम, बैलेट और एसआईआर पर BJP का दावा
शर्मा ने दावा किया कि BJP हर परिस्थिति में जीतती है — 'हम ईवीएम पर भी जीतते हैं, बैलेट पर भी जीतते हैं। हम एसआईआर से पहले भी जीतते हैं और बाद में भी, क्योंकि जनता हमारी नीतियों को चुनती है।' उन्होंने विपक्षी गठबंधन को 'पराजित लोगों का समूह' करार दिया।
गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं, जबकि BJP का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को दुरुस्त करने का नियमित संवैधानिक कदम है।
राहुल गांधी पर 'पनौती' का तंज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शर्मा ने कहा कि उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए कि वे 'अपनी हार का सैकड़ा क्यों बना रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के खाते में 100 से अधिक चुनावी हार दर्ज हैं। शर्मा ने उन्हें 'पनौती' तक कह डाला और असम में हाल के लोकसभा उपचुनाव में BJP की जीत का उल्लेख किया।
अखिलेश यादव को नसीहत
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी पहले लालू यादव के बेटे के साथ गए और उनका 'सूपड़ा साफ' हो गया — अब वे अखिलेश यादव के 'कंधे पर चढ़ने की तैयारी में हैं।' उन्होंने अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया कि क्या वे राहुल गांधी के साथ गठबंधन रखना चाहते हैं या विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाने लायक सीटें जीतना चाहते हैं।
शर्मा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगली सरकार BJP की ही बनेगी और जनता एक बार फिर उनके नेतृत्व और नीतियों पर भरोसा जताएगी।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। BJP और विपक्ष दोनों अपने-अपने आधार को गोलबंद करने में जुटे हैं — आने वाले हफ्तों में यह बहस और तीखी होने की संभावना है।