10 अक्टूबर 2026
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एसआईआर विवाद: श्रीकांत शर्मा का विपक्ष पर हमला — 'भारत को बांग्लादेश-पाकिस्तान बनाने की साजिश'

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एसआईआर विवाद: श्रीकांत शर्मा का विपक्ष पर हमला — 'भारत को बांग्लादेश-पाकिस्तान बनाने की साजिश'

सारांश

एसआईआर को लेकर सियासी तापमान चढ़ा हुआ है और BJP विधायक श्रीकांत शर्मा ने मथुरा से विपक्ष पर सीधा हमला बोला — विपक्ष पर 'भारत को बांग्लादेश-पाकिस्तान बनाने की साजिश' का आरोप लगाया, राहुल गांधी को 'पनौती' कहा और अखिलेश यादव को गठबंधन पर पुनर्विचार की नसीहत दी।

मुख्य बातें

BJP विधायक श्रीकांत शर्मा ने 10 अक्टूबर को मथुरा में विपक्ष पर आरोप लगाया कि एसआईआर विवाद के पीछे 'भारत को बांग्लादेश-पाकिस्तान बनाने की साजिश' है।
शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को नियमित शुद्धिकरण प्रक्रिया बताया और विपक्ष के विरोध को 'खुराफात' करार दिया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'पनौती' कहते हुए दावा किया कि उनके खाते में 100 से अधिक चुनावी हार दर्ज हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे तय करें — राहुल गांधी के साथ गठबंधन रखना है या विधानसभा में सीटें जीतनी हैं।
शर्मा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगली सरकार BJP की बनेगी और पार्टी ईवीएम व बैलेट — दोनों पर जीतती है।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिमाचल प्रदेश प्रभारी और विधायक श्रीकांत शर्मा ने 10 अक्टूबर को मथुरा में विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का वास्तविक उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता नहीं, बल्कि देश में अराजकता फैलाकर भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी स्थिति में पहुँचाना है।

श्रीकांत शर्मा के मुख्य आरोप

श्रीकांत शर्मा ने कहा, 'योजनाबद्ध तरीके से भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान बनाने की कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं। यह मतदाता सूची का शुद्धिकरण है — केवल उस पर इतना हंगामा है। मतदाता सूची में जो गड़बड़ियाँ थीं, उन्हें ठीक किया जा रहा है; गाँव का आदमी समझ सकता है, लेकिन इन्हें समझ में नहीं आ रहा।'

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची महज बहाना है — असली मंशा देश में अस्थिरता पैदा करना है। शर्मा के अनुसार, देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं, वैश्विक मंच पर भारत की साख बढ़ रही है और भारत आयात-निर्भर राष्ट्र से निर्यातक राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है — यह तरक्की विपक्ष को रास नहीं आ रही।

ईवीएम, बैलेट और एसआईआर पर BJP का दावा

शर्मा ने दावा किया कि BJP हर परिस्थिति में जीतती है — 'हम ईवीएम पर भी जीतते हैं, बैलेट पर भी जीतते हैं। हम एसआईआर से पहले भी जीतते हैं और बाद में भी, क्योंकि जनता हमारी नीतियों को चुनती है।' उन्होंने विपक्षी गठबंधन को 'पराजित लोगों का समूह' करार दिया।

गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं, जबकि BJP का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को दुरुस्त करने का नियमित संवैधानिक कदम है।

राहुल गांधी पर 'पनौती' का तंज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शर्मा ने कहा कि उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए कि वे 'अपनी हार का सैकड़ा क्यों बना रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के खाते में 100 से अधिक चुनावी हार दर्ज हैं। शर्मा ने उन्हें 'पनौती' तक कह डाला और असम में हाल के लोकसभा उपचुनाव में BJP की जीत का उल्लेख किया।

अखिलेश यादव को नसीहत

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी पहले लालू यादव के बेटे के साथ गए और उनका 'सूपड़ा साफ' हो गया — अब वे अखिलेश यादव के 'कंधे पर चढ़ने की तैयारी में हैं।' उन्होंने अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया कि क्या वे राहुल गांधी के साथ गठबंधन रखना चाहते हैं या विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाने लायक सीटें जीतना चाहते हैं।

शर्मा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगली सरकार BJP की ही बनेगी और जनता एक बार फिर उनके नेतृत्व और नीतियों पर भरोसा जताएगी।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। BJP और विपक्ष दोनों अपने-अपने आधार को गोलबंद करने में जुटे हैं — आने वाले हफ्तों में यह बहस और तीखी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन पर बहस होनी चाहिए। 'पनौती' जैसे व्यक्तिगत आक्षेप और 'सूपड़ा साफ' जैसी भाषा राजनीतिक विमर्श को तथ्य से दूर ले जाती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसे बयान ज़मीनी चुनावी गोलबंदी के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं — इनका मूल्यांकन नीतिगत बहस के बजाय चुनावी रणनीति के नज़रिए से होना चाहिए।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण — चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं, जबकि BJP इसे नियमित संवैधानिक कदम बताती है।
श्रीकांत शर्मा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
BJP विधायक श्रीकांत शर्मा ने 10 अक्टूबर को मथुरा में कहा कि विपक्ष का असली मकसद मतदाता सूची नहीं, बल्कि देश में अराजकता फैलाकर भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी स्थिति में पहुँचाना है। उन्होंने चुनाव आयोग को निशाना बनाने को 'बहाना' करार दिया।
श्रीकांत शर्मा ने राहुल गांधी को 'पनौती' क्यों कहा?
शर्मा ने दावा किया कि राहुल गांधी के साथ जो भी दल गठबंधन करता है, उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है — जैसे कि लालू यादव के बेटे के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नाम पर 100 से अधिक चुनावी हार दर्ज हैं।
अखिलेश यादव को BJP ने क्या संदेश दिया?
शर्मा ने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे तय करें कि राहुल गांधी के साथ गठबंधन रखना है या उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाने लायक सीटें जीतनी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि राहुल के साथ रहने पर समाजवादी पार्टी को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर BJP का दावा क्या है?
श्रीकांत शर्मा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगली विधानसभा सरकार BJP की बनेगी क्योंकि जनता उनकी नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा करती है। उन्होंने हाल के उपचुनावों में BJP की जीत को अपने दावे के समर्थन में उद्धृत किया।
राष्ट्र प्रेस
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