स्मृति ईरानी का दावा: भाजपा सरकार बनने पर बंगाल में होगा यूसीसी लागू
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कोलकाता, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच शब्दों की जंग और तेज होती जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भाजपा के संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वह अपने चुनावी वादों को पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यूसीसी को लेकर किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। सरकार बनने के बाद बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होगा।
स्मृति ईरानी ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए टीएमसी सरकार की विफल कानून व्यवस्था पर तंज कसा।
उन्होंने कहा कि बंगाल एक ऐसा राज्य है जहां न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया। क्या मुझे इस पर कुछ भी कहने की आवश्यकता है? पिछले एक दशक में ऐसा कौन सा राज्य देखा गया है जहां न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया हो, और भारत के राष्ट्रपति भी वहां मौजूद हों, फिर भी प्रशासन ने उनके प्रति अनादर दिखाया हो।
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह बिल टीएमसी के लिए नहीं था, बल्कि उन आम भारतीय महिलाओं के लिए था जो अपने राजनीतिक अधिकार और विधायी समानता की आशा करती हैं, जैसा कि अब हमारे संविधान में निहित है। यह टीएमसी के लिए कोई साधारण बिल नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके लिए नहीं है, बल्कि देश के लिए है। यह आम भारतीय महिलाओं का अधिकार है। भारत की संसद तृणमूल के हितों को नहीं, बल्कि भारत की जनता के हितों को प्राथमिकता देती है।
महिला आरक्षण पर उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर भी तंज कसा।
स्मृति ईरानी ने टीएमसी पर बंगाल और देश की महिलाओं के साथ धोखे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 सालों से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने का निर्णय लिया और 2023 में संसद के दोनों सदनों में महिला आरक्षण अधिनियम पारित किया। उन्होंने आगामी चुनावों में महिलाओं की उम्मीदवारी सुनिश्चित करने की बात की, लेकिन विपक्ष नहीं चाहता था कि महिलाएं राजनीतिक रूप से सक्रिय हों।
स्मृति ईरानी ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी विपक्षी दलों से समर्थन की अपील की। हमें उम्मीद थी कि किसी भी राजनीतिक पार्टी या नेता को राष्ट्र की नारी शक्ति के साथ धोखा करने का साहस नहीं होगा, लेकिन विपक्षी दल महिला आरक्षण के खिलाफ खड़े हो गए।
उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता महिलाओं को राजनीतिक सम्मान और राजनेता बनने का अवसर देना चाहता है, जबकि टीएमसी महिला आरक्षण की व्यवस्था को लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रही है। बंगाल और देश की महिलाएं इसे याद रखेंगी।