श्रीलेखा का शेन निगम की फिल्मों पर बड़ा आरोप: 'दृढ़म' और 'भूतकालम' मेरी कहानियों की नकल
सारांश
मुख्य बातें
केरल की पहली महिला डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पार्षद आर. श्रीलेखा ने मलयालम अभिनेता शेन निगम की दो फिल्मों — 'दृढ़म' और 'भूतकालम' — पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन फिल्मों की कहानियाँ उनकी अपनी लिखी रचनाओं से बिना अनुमति के ली गई हैं। तिरुवनंतपुरम से पार्षद चुनी गई श्रीलेखा ने यह आरोप सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए सार्वजनिक किए।
मुख्य आरोप: 'करिनकुडी पुलिस स्टेशन' और 'भूत भवनम'
श्रीलेखा के अनुसार, हाल ही में रिलीज़ हुई पुलिस-थीम आधारित फिल्म 'दृढ़म' की मूल कहानी उनकी लघुकथा 'करिनकुडी पुलिस स्टेशन' से ली गई है, जो वर्षों पहले प्रतिष्ठित पत्रिका 'मातृभूमि वीकली' में प्रकाशित हुई थी। उन्होंने कहा कि फिल्म देखने के बाद ही उन्हें इस समानता का अहसास हुआ।
अपनी बात को प्रमाणित करने के लिए उन्होंने उस कहानी के ऑडियो संस्करण का लिंक भी साझा किया, जिसे उन्होंने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया था।
दूसरी फिल्म 'भूतकालम' पर भी सवाल
पूर्व डीजीपी ने शेन निगम की एक और फिल्म 'भूतकालम' पर भी इसी तरह के आरोप लगाए। यह फिल्म व्यापक रूप से सराही गई थी और इसे कई पुरस्कार भी मिले। श्रीलेखा का दावा है कि यह फिल्म उनकी अनुभव-आधारित कहानी 'भूत भवनम' पर आधारित है, जिसे उन्होंने करीब तीन साल पहले अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया था। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दोनों रचनाओं के शीर्षकों में स्पष्ट समानता है।
गौरतलब है कि दोनों फिल्मों में एक साझा कड़ी यह है कि दोनों में शेन निगम मुख्य भूमिका में हैं।
शेन निगम के प्रति व्यक्तिगत लगाव भी जताया
आरोप लगाने के साथ-साथ श्रीलेखा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके मन में शेन निगम के प्रति कोई व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म 'परवा' देखने के बाद से वह इस अभिनेता की प्रशंसक रही हैं और उन्हें एक छोटे भाई की तरह मानती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि 'दृढ़म' में शेन का पुलिस अधिकारी का किरदार उन्हें मोहम्मद नाम के एक पुलिसकर्मी की याद दिलाता है, जो उनके साथ काम करते थे और जो उन्हें आम के पौधे, शुद्ध शहद और घी उपहार में दिया करते थे।
मलयालम सिनेमा में मौलिकता की बहस
श्रीलेखा के इन आरोपों ने मलयालम फिल्म उद्योग में कहानियों के मालिकाना हक और रचनात्मक मौलिकता को लेकर एक नई बहस खड़ी कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सिनेमा में बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि श्रीलेखा केरल पुलिस में डीजीपी के पद तक पहुँचने वाली पहली महिला अधिकारी रही हैं, और सेवानिवृत्ति के बाद वह BJP में शामिल हुईं तथा पिछले वर्ष तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन चुनाव में पार्षद चुनी गईं।
अभी तक शेन निगम या फिल्म निर्माताओं की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।