69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भारत-त्रिनिदाद संसदीय संबंध मज़बूत करने पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने 18 सितंबर 2026 को दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में त्रिनिदाद और टोबैगो के प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष जगदेव सिंह से भेंट की। 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन की साइडलाइंस पर हुई इस बैठक में दोनों देशों के बीच संसदीय जुड़ाव और द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
दक्षिण अफ्रीका में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उपसभापति सिंह और अध्यक्ष जगदेव सिंह ने दोनों देशों की संसदों के बीच सहयोग को नई ऊँचाई देने के उपायों पर गहन चर्चा की। यह बैठक केप टाउन इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में जारी पाँच दिवसीय सम्मेलन के दौरान आयोजित हुई।
इससे पहले मंगलवार को उपसभापति सिंह ने दक्षिण अफ्रीकी संसद की नेशनल काउंसिल ऑफ प्रोविंसेस (NCOP) की अध्यक्ष रिफिल्वे मत्स्वेनी-त्सिपाने से भी भेंट की। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इस वार्ता में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दीर्घकालीन संसदीय संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा दोनों विधायिकाओं के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया गया।
प्रतिनिधिमंडल और सम्मेलन की पृष्ठभूमि
उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के नेतृत्व में राज्यसभा का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल सोमवार, 13 सितंबर 2026 को केप टाउन पहुँचा। यह सम्मेलन 13 से 19 सितंबर 2026 तक केप टाउन इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है।
दक्षिण अफ्रीका की संसद और CPA (राष्ट्रमंडल संसदीय संघ) की दक्षिण अफ्रीका शाखा द्वारा आयोजित इस सम्मेलन की केंद्रीय विषयवस्तु है — 'बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना: राष्ट्रमंडल नेतृत्व'। यह विषय ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
सम्मेलन का व्यापक स्वरूप
इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों से अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी, सांसद और संसदीय अधिकारी एकत्रित हुए हैं। सभी प्रतिभागी लोकतांत्रिक विधायिकाओं के समक्ष आने वाली समसामयिक चुनौतियों पर विमर्श कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग को नई दिशा देने के तरीके तलाश रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ सांस्कृतिक और राजनयिक संबंध रहे हैं, जिनकी जड़ें भारतीय प्रवासी समुदाय की उपस्थिति में निहित हैं। यह संसदीय स्तर की बैठक उन संबंधों को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे की दिशा
सम्मेलन 19 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा, और इस दौरान उपसभापति सिंह अन्य राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधियों से भी भेंट करने की संभावना है। इन बहुपक्षीय संवादों से आने वाले समय में भारत की संसदीय कूटनीति को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।