69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भारत: उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में दल केप टाउन पहुंचा
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के नेतृत्व में एक भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 14 सितंबर 2026 को केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका पहुंचा, जहाँ 13 से 19 सितंबर तक 69वाँ राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (CPA) आयोजित हो रहा है। यह सम्मेलन केपटाउन इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दक्षिण अफ्रीका की संसद और CPA दक्षिण अफ्रीका शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
स्वागत और आगमन
दक्षिण अफ्रीका में भारत के उच्चायुक्त प्रभात कुमार और केप टाउन में भारत की महावाणिज्य दूत रूबी जसप्रीत ने केप टाउन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस स्वागत की जानकारी साझा की।
इसके अतिरिक्त, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता भी शनिवार को इस सम्मेलन के लिए केप टाउन रवाना हुए। दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट भी इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं।
सम्मेलन का मुख्य विषय
इस वर्ष का सम्मेलन 'बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मज़बूत करना: राष्ट्रमंडल नेतृत्व' विषय के अंतर्गत आयोजित है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और बहुपक्षीय कूटनीति की प्रासंगिकता पर बहस तेज़ हो रही है।
सम्मेलन में राष्ट्रमंडल भर के स्पीकरों, पीठासीन अधिकारियों, सांसदों और संसदीय अधिकारियों को एकत्रित किया गया है, ताकि लोकतांत्रिक विधानमंडलों की समकालीन चुनौतियों पर सामूहिक विचार-विमर्श हो सके।
एजेंडे में प्रमुख विषय
सम्मेलन के व्यापक कार्यक्रम में कई महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है, जिनमें समावेशी और निष्पक्ष व्यापार, असमानता और अल्पविकास, दिव्यांगजनों की पहुँच और समावेश, जलवायु अनुकूलन और लचीलापन में संसदीय नेतृत्व, तथा विधायी-पश्चात जाँच और जनता के साथ संसद की भागीदारी को मज़बूत करना शामिल हैं।
गौरतलब है कि ये विषय भारत की घरेलू प्राथमिकताओं — जलवायु नीति, समावेशी विकास और संसदीय जवाबदेही — से भी गहराई से जुड़े हैं, जिससे भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।
CPA के बारे में
राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) की स्थापना 1911 में हुई थी। यह संस्था राष्ट्रमंडल की 180 से अधिक राष्ट्रीय, राज्य, प्रांतीय और क्षेत्रीय संसदों एवं विधानमंडलों को जोड़ती है। दुनिया के सबसे पुराने संसदीय संघों में से एक, CPA का उद्देश्य जवाबदेही, समावेश, कानून के शासन और संस्थागत अखंडता पर आधारित संसदीय प्रथाओं को सुदृढ़ करना है।
आगे क्या
सम्मेलन 19 सितंबर 2026 तक चलेगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल से अपेक्षा है कि वह वैश्विक संसदीय मंचों पर भारत की स्थिति और लोकतांत्रिक मूल्यों की वकालत को और मज़बूत करेगा।