26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज्यसभा उपसभापति हरिवंश का विदाई भाषण: संसदीय अनुभव साझा किए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज्यसभा उपसभापति हरिवंश का विदाई भाषण: संसदीय अनुभव साझा किए

सारांश

हरिवंश नारायण सिंह ने राज्यसभा में विदाई भाषण देते हुए अपने संसदीय अनुभवों को साझा किया और रिटायर हो रहे 59 सांसदों को शुभकामनाएं दीं। यह विदाई उनके लिए भी विशेष थी क्योंकि वे स्वयं भी रिटायर हो रहे हैं।

मुख्य बातें

हरिवंश नारायण सिंह का विदाई भाषण संसदीय अनुभवों से भरा था।
उन्होंने 59 रिटायर सांसदों को शुभकामनाएं दीं।
संसद की प्रक्रियाओं में डिजिटल बदलाव पर जोर दिया।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने भावुकता के साथ सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों को विदाई दी। उन्होंने सदन में मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के बाद अपनी बात रखते हुए 59 रिटायर हो रहे सांसदों को शुभकामनाएं दीं। विशेष बात यह है कि हरिवंश नारायण सिंह स्वयं भी इन 59 सांसदों में शामिल हैं और अब वह सदन में वापस नहीं लौटेंगे।

अपने विदाई भाषण में उन्होंने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कई नेताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से उन्होंने शालीनता के साथ अपनी बात रखना सीखा और सदन के नियमों का पालन करना हमेशा याद रहेगा।

मल्लिकार्जुन खरगे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में उनके साथ बैठने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके व्यापक अनुभव से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला और देश की राजनीति को करीब से समझने का मौका मिला।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की भी उन्होंने सराहना की और कहा कि उनकी शालीनता और संयम से बात रखने का तरीका हमेशा याद रहेगा।

हरिवंश नारायण सिंह ने सदन के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि वे खुद को एक ऐसे उपसभापति के रूप में देखते हैं, जो सदन में धैर्यपूर्वक सबकी बातें सुनते रहे। उन्होंने कहा कि इस भूमिका ने उन्हें एक अच्छा श्रोता बनने का संयम और धैर्य सिखाया।

अपने व्यक्तिगत जीवन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनका जन्म एक ऐसे गांव में हुआ, जहां अक्सर बाढ़ आती थी। एक साधारण परिवार से निकलकर यहां तक पहुंचने की यात्रा का भी उन्होंने जिक्र किया।

उन्होंने संसद के बदलते स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार संसद में आए थे, तब सारी कार्यवाही कागजों पर होती थी लेकिन आज संसद पूरी तरह पेपरलेस हो गई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।

डिजिटल इंडिया की प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केवल 10 वर्षों में गांवों की अर्थव्यवस्था भी डिजिटल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने यूपीआई को दुनिया की सबसे बड़ी भुगतान प्रणाली बताया है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी सांसदों के साथ बिताए गए समय को याद करते हुए इसे एक समृद्ध अनुभव बताया और सभी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय राजनीति के बदलते स्वरूप की भी एक झलक प्रदान करता है। उनका अनुभव सभी सांसदों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिवंश नारायण सिंह ने अपने विदाई भाषण में क्या कहा?
उन्होंने संसदीय अनुभवों को साझा करते हुए रिटायर हो रहे सांसदों को शुभकामनाएं दीं और कई नेताओं का जिक्र किया।
हरिवंश खुद क्यों रिटायर हो रहे हैं?
हरिवंश नारायण सिंह भी उन 59 सांसदों में शामिल हैं जो रिटायर हो रहे हैं और अब सदन में वापस नहीं लौटेंगे।
उन्होंने संसद के किस पहलू पर प्रकाश डाला?
उन्होंने संसद के पेपरलेस होने की उपलब्धि पर प्रकाश डाला और डिजिटल इंडिया की प्रगति का उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले