राज्यसभा के सेवानिवृत्त सांसदों की विदाई में सभापति का महत्वपूर्ण संदेश

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राज्यसभा के सेवानिवृत्त सांसदों की विदाई में सभापति का महत्वपूर्ण संदेश

सारांश

राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों के विदाई समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री मोदी ने उनके योगदान को सराहा। नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया के महत्व पर भी चर्चा हुई।

Key Takeaways

  • राज्यसभा में सेवानिवृत्त होने वाले 59 सदस्य।
  • नए सदस्यों का शामिल होना सदन की संरचना में बदलाव लाता है।
  • सांसदों का अनुभव और ज्ञान महत्वपूर्ण है।
  • सभापति ने एचडी देवगौड़ा का विशेष उल्लेख किया।
  • संसदीय कार्यवाही में निष्पक्षता और गरिमा का महत्व।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन सांसदों से संवाद किया जो राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कई केंद्रीय मंत्री और अन्य सांसद भी उपस्थित थे।

इस वर्ष अप्रैल से लेकर जुलाई के बीच कुल 59 सदस्य, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं, सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस संदर्भ में राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि आज हम अपने कुछ सम्मानित साथियों को विदाई दे रहे हैं।

सभापति ने कहा कि हमारे संविधान के अनुसार, हर दो वर्ष में इस सदन के एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं, जो सदन की संरचना में निरंतरता और नए सदस्यों को शामिल होने का मौका प्रदान करता है। यह प्रक्रिया हमारे विविधतापूर्ण राष्ट्र का एक जीवंत प्रतिबिंब बनाती है।

उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों को इस प्रक्रिया को अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए। उनके अनुभव और ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के सांसदों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

सभापति ने विशेष रूप से एचडी देवगौड़ा का उल्लेख किया, जो पूर्व प्रधानमंत्री हैं और जिनकी उपस्थिति ने सदन की गरिमा को बढ़ाया है। उनके अनुभव ने सदन की बहसों में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। साथ ही, मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व का भी सदन को लाभ मिला है।

उन्होंने हरिवंश जी का भी जिक्र किया, जो राज्यसभा के उपसभापति हैं। उनका संसदीय जीवन में अनुभव सदन के कार्यों को गरिमा और निष्पक्षता के साथ संचालित करने में सहायक रहा है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मंचों पर भी योगदान दिया है।

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उपसभापतियों के पैनल के सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों की सराहना की, जिन्होंने सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Point of View

बल्कि यह नई चुनौतियों और जिम्मेदारियों की शुरुआत का भी प्रतीक है। राज्यसभा की संरचना में निरंतरता और नवाचार का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

राज्यसभा के सेवानिवृत्त सदस्य कौन हैं?
इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच कुल 59 सदस्य, जिनमें 9 महिलाएं शामिल हैं, सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
सेवानिवृत्त सांसदों का योगदान क्या है?
सेवानिवृत्त सांसदों का अनुभव और ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के सांसदों का मार्गदर्शन करेगा।
सभापति ने किसका विशेष उल्लेख किया?
सभापति ने एचडी देवगौड़ा और हरिवंश जी का विशेष उल्लेख किया।
राज्यसभा में नए सदस्यों की भूमिका क्या है?
नए सदस्यों को सदन में नई ऊर्जा, विचार और प्रतिबद्धता लाने का अवसर मिलता है।
इस समारोह में कौन-कौन शामिल थे?
इस समारोह में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे।
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