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प्रधानमंत्री मोदी की विदाई सत्र में राजनीति की निरंतरता पर महत्वपूर्ण बातें

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प्रधानमंत्री मोदी की विदाई सत्र में राजनीति की निरंतरता पर महत्वपूर्ण बातें

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में सेवानिवृत्त सांसदों के विदाई सत्र में राजनीति में निरंतरता पर जोर दिया। उन्होंने निवर्तमान सांसदों के योगदान की सराहना की और कहा कि राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता।

मुख्य बातें

राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता।
सांसदों का योगदान महत्वपूर्ण है।
विरासत एक निरंतर प्रक्रिया है।
अनुभव से सीखना आवश्यक है।
सदन में सामूहिक भावना का महत्व।

दिल्ली, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में सेवानिवृत्त होने जा रहे सांसदों के विदाई सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता है। पीएम मोदी ने निवर्तमान सांसदों के योगदान की सराहना की।

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यह एक ऐसा अवसर है जो हर दो साल में एक बार इस सदन में हमें भावुक क्षणों से भर देता है। सदन में कई विषयों पर चर्चा होती है, जिनमें से प्रत्येक का अपना महत्व होता है, लेकिन जब ऐसा अवसर आता है, तो हम अपने उन सहयोगियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं जो एक विशेष उद्देश्य के लिए आगे बढ़ रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "कुछ सहकर्मी यहां से विदाई लेकर लौट रहे हैं, जबकि कुछ अपने अनुभव का लाभ उठाकर सामाजिक जीवन में योगदान देने जा रहे हैं। जो लोग जा रहे हैं और वापस नहीं लौटेंगे, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि राजनीति में कभी भी विराम नहीं लगता।"

सदन में अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं, हर किसी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, और कुछ खट्टे-मीठे अनुभव भी रहते हैं। जब ऐसा अवसर आता है, तो स्वाभाविक रूप से दलगत भावना से ऊपर उठकर, हम सबके भीतर एक समान भाव प्रकट होता है कि हमारे ये साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं। आज यहां से जो साथी विदाई ले रहे हैं, उनमें से कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर सामाजिक जीवन में कुछ विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "जो जा रहे हैं, लेकिन आने वाले नहीं हैं, उन्हें भी मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता, भविष्य आपका इंतजार कर रहा है और आपका अनुभव, आपका योगदान राष्ट्र जीवन में हमेशा बना रहेगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे उपसभापति हरिवंश सदन से विदा ले रहे हैं। हरिवंश को इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिला। वे बहुत ही मृदुभाषी हैं और सदन को चलाने में सबका विश्वास जीतने का निरंतर प्रयास किया है।"

पीएम ने कहा कि इस सदन में हर २ साल के अंतराल के बाद एक बड़ा समूह हमारे बीच से जाता है। लेकिन यह ऐसी व्यवस्था है कि जो नया समूह आता है, उन्हें ४ साल से यहां बैठे साथियों से कुछ न कुछ सीखने का अवसर मिलता है। इसलिए, एक प्रकार से यहां की विरासत एक प्रक्रिया के रूप में बनी रहती है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "छह साल तक यहां रहने का अवसर न केवल नीति-निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय जीवन में योगदान देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक अमूल्य अनुभव भी है जो जीवन को समृद्ध बनाता है। जब सम्मानित सांसद अपने विचारों, समझ और क्षमताओं के साथ यहां आते हैं, तो उनके जाने तक, अनुभव की शक्ति से ये गुण कई गुना बढ़ जाते हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे अठावले जा रहे हैं, लेकिन वे अपने हास्य और बुद्धिमत्ता से लोगों का मनोरंजन करते रहेंगे; हमें इस बात का पूरा भरोसा है। हर दो साल में इस सदन में एक भव्य विदाई समारोह होता है। लेकिन व्यवस्था ऐसी है कि नए सदस्य आते ही उन सहकर्मियों से कुछ सीखने का मौका पाते हैं जो चार साल के अनुभव के साथ यहां लंबे समय से बैठे हैं। एक तरह से, यहां की विरासत एक सतत प्रक्रिया के रूप में जारी रहती है।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं जरूर कहूंगा कि देवगौड़ा, खड़गे, शरद पवार ऐसे वरिष्ठ लोग हैं, जिनके जीवन की आधे से अधिक उम्र संसदीय कार्यप्रणाली में गई है और इतने लंबे अनुभव के बाद भी सभी नए सांसदों को इनसे सीखना चाहिए कि समर्पित भाव से सदन में आना, यथासंभव योगदान करना और जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह समर्पित कैसे रहा जा सकता है। मैं उनके योगदान की भूरि-भूरि सराहना करूंगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक महत्वपूर्ण संदेश है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने विदाई सत्र में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता और उन्होंने निवर्तमान सांसदों के योगदान की सराहना की।
राजनीति में विरासत का क्या महत्व है?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजनीति में विरासत एक प्रक्रिया है, जो नए सांसदों को अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करती है।
राष्ट्र प्रेस
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