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क्या तूफान दितवाह ने श्रीलंका में मचाई भारी तबाही, भारत ने भेजी मदद?

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क्या तूफान दितवाह ने श्रीलंका में मचाई भारी तबाही, भारत ने भेजी मदद?

सारांश

श्रीलंका में दितवाह तूफान ने भारी तबाही मचाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के लिए मदद भेजी है। जानिए इस आपदा के दौरान भारत का क्या कदम है और कैसे मदद पहुंचाई जा रही है।

मुख्य बातें

दितवाह तूफान ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है।
भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत मदद भेजी है।
श्रीलंकाई सेना ने राहत कार्य के लिए 20,500 जवानों को तैनात किया है।
अब तक 3,490 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
तूफान से 56 लोगों की जान गई है।

कोलंबो, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में दितवाह तूफान ने व्यापक तबाही उत्पन्न की है और अब यह भारत की दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे तूफान आगे बढ़ेगा, इसकी तीव्रता बढ़ सकती है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी साझा की है कि भारत ने इस तूफान से उत्पन्न संकट के बाद श्रीलंका के लिए सहायता भेजी है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "श्रीलंका के उन लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है जिन्होंने तूफान दितवाह के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।"

उन्होंने कहा, "अपने समुद्री पड़ोसी के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए, भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के अंतर्गत तुरंत राहत सामग्री और आवश्यक एचएडीआर समर्थन भेजा है। जैसे-जैसे स्थिति बदलती है, हम और सहायता देने के लिए तत्पर हैं। भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति और महासागर के दृष्टिकोण के अनुसार, भारत संकट के समय श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।"

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "ऑपरेशन सागर बंधु शुरू। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी ने कोलंबो में राहत सामग्री भेजी है। आगे की कार्रवाई जारी है।"

भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और नवीनतम स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरि श्रीलंका में मौजूद हैं। यह उल्लेखनीय है कि ये दोनों युद्धपोत श्रीलंकाई नौसेना द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2025 में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह गतिविधि कोलंबो में 27 से 29 नवंबर तक चलेगी।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, श्रीलंका की सेना ने बताया कि तूफान दितवाह के कारण आई भयंकर बाढ़ और भूस्खलन से निपटने के लिए देशभर में 20,500 से अधिक श्रीलंकाई मिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है। यह तूफान शुक्रवार सुबह भूमि पर आया था।

श्रीलंकाई सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल लसंथा रोड्रिगो ने कहा कि सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, राहत और सूचना साझा करने के प्रयासों के लिए एक केंद्रीय संचालन केंद्र स्थापित किया है। अब तक 3,490 लोगों को बचाया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।

सिन्हुआ ने बताया है कि श्रीलंका में इस तूफान के कारण मरने वालों की संख्या अब 56 है। मौसम विभाग ने बताया कि रविवार तक भारी बारिश जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तत्पर है। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत मदद भेजना एक स्पष्ट संकेत है कि भारत संकट के समय में अपने मित्र देशों के साथ खड़ा रहता है। यह न केवल मानवीय दृष्टिकोण है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी बनाए रखने में मदद करता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तूफान दितवाह ने श्रीलंका में कितनी तबाही मचाई?
तूफान दितवाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 56 लोगों की जानें जा चुकी हैं।
भारत ने श्रीलंका के लिए क्या मदद भेजी है?
भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तुरंत राहत सामग्री और अन्य सहायता भेजी है।
तूफान दितवाह कब आया था?
तूफान दितवाह शुक्रवार सुबह श्रीलंका के तट पर आया था।
श्रीलंकाई सेना ने राहत कार्य के लिए कितने जवानों को तैनात किया है?
20,500 से अधिक श्रीलंकाई मिलिट्री जवानों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है।
ऑपरेशन सागर बंधु का उद्देश्य क्या है?
ऑपरेशन सागर बंधु का उद्देश्य संकट के समय में श्रीलंका को सहायता पहुंचाना है।
राष्ट्र प्रेस
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