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स्तनपान के दौरान दर्द और सूजन: ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट से मैस्टाइटिस तक, जानें सही देखभाल

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स्तनपान के दौरान दर्द और सूजन: ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट से मैस्टाइटिस तक, जानें सही देखभाल

सारांश

प्रसव के बाद स्तनों में दर्द, सूजन और संक्रमण नई माताओं की आम समस्याएँ हैं। ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट से शुरू होकर यह स्थिति मैस्टाइटिस तक पहुँच सकती है। सही फीडिंग तकनीक, स्वच्छता और समय पर चिकित्सक परामर्श से इन समस्याओं को प्रारंभिक चरण में नियंत्रित किया जा सकता है।

मुख्य बातें

ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट तब होती है जब दूध ठीक से बाहर नहीं निकल पाता — स्तन सख्त, भारी और दर्दनाक हो जाते हैं।
इस स्थिति में स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए ; बार-बार और सही तकनीक से दूध पिलाना सबसे प्रभावी उपाय है।
समय पर ध्यान न देने पर स्थिति मैस्टाइटिस में बदल सकती है — लालिमा, तेज दर्द और बुखार इसके प्रमुख लक्षण हैं।
स्तन से पस या रक्त जैसा स्राव होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना अनिवार्य है।
फटे निप्पल के लिए प्राकृतिक तेल या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई क्रीम उपयोगी होती है।
कॉटन के ढीले कपड़े पहनना और स्तनों को साफ-सूखा रखना संक्रमण से बचाव में सहायक है।

प्रसव के बाद नई माताओं के शरीर में अनेक शारीरिक परिवर्तन होते हैं, जिनमें स्तनों में दूध उत्पादन की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब दूध ठीक से बाहर नहीं निकल पाता, तो स्तनों में भारीपन, दर्द और सूजन उत्पन्न होती है — इस स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट कहा जाता है। यह समस्या यदि समय पर नियंत्रित न की जाए, तो गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती है।

ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट क्या है और इसके लक्षण

इस स्थिति में स्तन सख्त, भारी और अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं। कई बार दर्द इतना तीव्र होता है कि माँ के लिए शिशु को स्तनपान कराना भी कठिन हो जाता है। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि इस स्थिति में स्तनपान बंद करना उचित नहीं है — बल्कि बार-बार और सही तकनीक से स्तनपान कराना ही इस समस्या को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।

यदि शिशु सही तरीके से दूध नहीं पी पा रहा, तो हल्के हाथ से दूध निकालना आवश्यक होता है ताकि स्तनों में दबाव कम हो सके। धीरे-धीरे की गई मालिश भी राहत प्रदान करती है।

स्वच्छता का महत्व और संक्रमण से बचाव

स्तनों की नियमित सफाई स्तनपान काल में अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक फीडिंग से पहले और बाद में उचित साफ-सफाई बनाए रखने से संक्रमण का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। इसके साथ ही कॉटन के ढीले वस्त्र पहनना, स्तनों को सूखा रखना और सिंथेटिक कपड़ों से परहेज करना भी संक्रमण-रोधी उपाय के रूप में कारगर माना जाता है।

मैस्टाइटिस: कब हो सकती है गंभीर स्थिति

यदि ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट पर ध्यान न दिया जाए, तो यह मैस्टाइटिस में बदल सकती है — एक गंभीर स्तन संक्रमण जिसमें त्वचा लाल हो जाती है, तेज दर्द होता है और बुखार भी आ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस अवस्था में तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है।

कुछ मामलों में स्तन से पस या रक्त जैसा स्राव भी हो सकता है, जिसे किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह स्थिति संभावित फोड़े (ब्रेस्ट एब्सेस) का संकेत हो सकती है।

फटे निप्पल और अन्य सामान्य समस्याएँ

फटे हुए निप्पल भी स्तनपान काल की एक आम समस्या है, जो गलत फीडिंग तकनीक या अत्यधिक सूखेपन के कारण हो सकती है। ऐसे में प्राकृतिक तेल या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई क्रीम का उपयोग राहत दे सकता है।

विशेषज्ञ की सलाह: क्या करें, क्या न करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि स्तनपान कराने वाली माताएँ हमेशा कॉटन के ढीले कपड़े पहनें, स्तनों को साफ और सूखा बनाए रखें और किसी भी असामान्य लक्षण — जैसे लालिमा, बुखार या असामान्य स्राव — पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें। सही जानकारी और समय पर देखभाल से अधिकांश समस्याओं को प्रारंभिक चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि भारत में प्रसवोत्तर देखभाल की पहुँच अभी भी असमान है। ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट और मैस्टाइटिस जैसी स्थितियाँ चिकित्सकीय रूप से उपचार-योग्य हैं, फिर भी जागरूकता के अभाव में कई माताएँ इन्हें 'सामान्य कष्ट' मानकर सहती रहती हैं। आवश्यकता है कि प्रसवोत्तर स्वास्थ्य सेवाओं में स्तनपान परामर्श को अनिवार्य और सुलभ बनाया जाए — विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहाँ प्रशिक्षित लैक्टेशन काउंसलर की भारी कमी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट क्या होती है और इसके लक्षण क्या हैं?
ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट वह स्थिति है जब स्तनों में दूध ठीक से बाहर नहीं निकल पाता और वे सख्त, भारी व दर्दनाक हो जाते हैं। यह प्रसव के बाद नई माताओं में आम समस्या है जिसमें स्तन अत्यधिक संवेदनशील भी हो जाते हैं।
क्या ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट में स्तनपान बंद कर देना चाहिए?
नहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति में स्तनपान बंद करना उचित नहीं है। बार-बार और सही तकनीक से स्तनपान कराना ही इस समस्या को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
मैस्टाइटिस के लक्षण क्या हैं और यह कब होती है?
मैस्टाइटिस एक गंभीर स्तन संक्रमण है जिसमें त्वचा लाल हो जाती है, तेज दर्द होता है और बुखार भी आ सकता है। यह आमतौर पर तब होती है जब ब्रेस्ट इंगोर्जमेंट पर समय पर ध्यान नहीं दिया जाता।
स्तन से पस या रक्त जैसा स्राव होने पर क्या करें?
स्तन से पस या रक्त जैसा स्राव होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना अनिवार्य है। यह स्थिति ब्रेस्ट एब्सेस (फोड़े) का संकेत हो सकती है जिसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
फटे निप्पल की समस्या में क्या उपाय करें?
फटे निप्पल की समस्या में प्राकृतिक तेल या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई क्रीम राहत दे सकती है। साथ ही सही फीडिंग तकनीक अपनाना और स्तनों को साफ-सूखा रखना भी इस समस्या को रोकने में सहायक है।
राष्ट्र प्रेस
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