15 जुलाई 2026
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सुदर्शन पटनायक की 25 फीट की सैंड आर्ट: पुरी बीच पर तंबाकू के खिलाफ शक्तिशाली संदेश

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सुदर्शन पटनायक की 25 फीट की सैंड आर्ट: पुरी बीच पर तंबाकू के खिलाफ शक्तिशाली संदेश

सारांश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस से एक दिन पहले सुदर्शन पटनायक ने पुरी बीच पर 25 फीट की सिगार-कंकाल सैंड आर्ट से समाज को चेताया — 'तंबाकू ने मेरी जान ले ली।' रेत पर उकेरा यह संदेश हर साल की तरह इस बार भी जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम बना।

मुख्य बातें

सुदर्शन पटनायक ने 30 मई 2026 को पुरी समुद्र तट पर 25 फीट लंबी सैंड आर्ट कलाकृति तैयार की।
कलाकृति में सिगार के भीतर मानव कंकाल को दर्शाया गया, जो तंबाकू के घातक प्रभाव का प्रतीक है।
मुख्य संदेश: 'तंबाकू ने मेरी जान ले ली — तंबाकू का इस्तेमाल न करें, अपनी जान बचाएं।' यह पहल 31 मई को मनाए जाने वाले विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर की गई।
बड़ी संख्या में दर्शक कलाकृति देखने पहुँचे और तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में योगदान का संकल्प लिया।

विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने 31 मई को मनाए जाने वाले विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर 30 मई 2026 को पुरी समुद्र तट, ओडिशा पर एक प्रभावशाली 25 फीट लंबी सैंड आर्ट कलाकृति तैयार की। इस कलाकृति में सिगार के भीतर मानव कंकाल को उकेरकर तंबाकू सेवन के घातक परिणामों को दर्शाया गया है।

कलाकृति का स्वरूप और संदेश

पटनायक ने 25 फीट लंबी विशाल सिगार की आकृति रेत पर गढ़ी, जिसके भीतर एक मानव कंकाल को चित्रित किया गया है। यह प्रतीकात्मक चित्रण इस बात को रेखांकित करता है कि तंबाकू किस प्रकार धीरे-धीरे मानव शरीर को नष्ट करता है। कलाकृति पर अंकित मुख्य संदेश था — 'तंबाकू ने मेरी जान ले ली। तंबाकू का इस्तेमाल न करें — अपनी जान बचाएं।'

कलाकार का उद्देश्य

पटनायक ने बताया कि हर वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर वे जन-जागरूकता के उद्देश्य से इस तरह की कलाकृति तैयार करते हैं। उनके अनुसार, तंबाकू का सेवन अनेक गंभीर और जानलेवा बीमारियों की जड़ है। उन्होंने कहा कि लोग जितना अधिक तंबाकू से दूरी बनाएंगे, उतना ही स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जी सकेंगे।

आम जनता की प्रतिक्रिया

इस अनूठी कलाकृति को देखने के लिए पुरी बीच पर बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। लोगों ने पटनायक के सामाजिक संदेश की सराहना की और तंबाकू-मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया। यह कलाकृति केवल एक रेत की मूर्ति नहीं, बल्कि समाज को झकझोरने वाला एक सशक्त माध्यम बनी।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पृष्ठभूमि

प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व भर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस लत से मुक्त होने के लिए प्रेरित करना है। पटनायक की यह पहल इसी वैश्विक अभियान का एक सशक्त स्थानीय प्रतिबिंब है।

क्या होगा आगे

सुदर्शन पटनायक की यह कलाकृति तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। उनकी अपील है कि हर नागरिक तंबाकू को 'ना' कहे और अपने परिवार व समाज को स्वस्थ रखने में योगदान दे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जन-स्वास्थ्य संचार का एक सुसंगत वार्षिक मंच बन चुकी है — जो मुख्यधारा के स्वास्थ्य अभियानों से कहीं अधिक भावनात्मक प्रभाव रखती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ों के अनुसार भारत में तंबाकू से प्रतिवर्ष लाखों मौतें होती हैं, फिर भी नीतिगत जागरूकता अभियान अक्सर ग्रामीण और तटीय समुदायों तक नहीं पहुँच पाते। पटनायक की कला उस खाई को पाटती है जहाँ सरकारी विज्ञापन विफल रहते हैं। सवाल यह है कि क्या इस दृश्यात्मक प्रभाव को नीति-निर्माता व्यवस्थागत तंबाकू-नियंत्रण कार्यक्रमों से जोड़ने की पहल करेंगे।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुदर्शन पटनायक ने पुरी बीच पर कौन-सी सैंड आर्ट बनाई?
उन्होंने 30 मई 2026 को पुरी समुद्र तट पर 25 फीट लंबी सिगार के आकार की रेत की मूर्ति बनाई, जिसके भीतर एक मानव कंकाल को दर्शाया गया। यह कलाकृति तंबाकू के घातक स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से तैयार की गई।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व भर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
इस सैंड आर्ट का मुख्य संदेश क्या था?
कलाकृति पर अंकित मुख्य संदेश था — 'तंबाकू ने मेरी जान ले ली। तंबाकू का इस्तेमाल न करें — अपनी जान बचाएं।' पटनायक ने अपील की कि लोग तंबाकू को 'ना' कहें और एक स्वस्थ, तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
सुदर्शन पटनायक कौन हैं और वे इस तरह की कलाकृतियाँ क्यों बनाते हैं?
सुदर्शन पटनायक ओडिशा के पुरी के विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार हैं, जो सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को अपनी सैंड आर्ट के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाते हैं। वे हर वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर इसी तरह की जागरूकता कलाकृति तैयार करते हैं।
पुरी बीच पर इस कलाकृति को देखने कितने लोग पहुँचे?
कलाकृति देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पुरी समुद्र तट पर पहुँचे। दर्शकों ने पटनायक के सामाजिक संदेश की सराहना की और तंबाकू-मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।
राष्ट्र प्रेस
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