सुदर्शन पटनायक की 25 फीट की सैंड आर्ट: पुरी बीच पर तंबाकू के खिलाफ शक्तिशाली संदेश
सारांश
मुख्य बातें
विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने 31 मई को मनाए जाने वाले विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर 30 मई 2026 को पुरी समुद्र तट, ओडिशा पर एक प्रभावशाली 25 फीट लंबी सैंड आर्ट कलाकृति तैयार की। इस कलाकृति में सिगार के भीतर मानव कंकाल को उकेरकर तंबाकू सेवन के घातक परिणामों को दर्शाया गया है।
कलाकृति का स्वरूप और संदेश
पटनायक ने 25 फीट लंबी विशाल सिगार की आकृति रेत पर गढ़ी, जिसके भीतर एक मानव कंकाल को चित्रित किया गया है। यह प्रतीकात्मक चित्रण इस बात को रेखांकित करता है कि तंबाकू किस प्रकार धीरे-धीरे मानव शरीर को नष्ट करता है। कलाकृति पर अंकित मुख्य संदेश था — 'तंबाकू ने मेरी जान ले ली। तंबाकू का इस्तेमाल न करें — अपनी जान बचाएं।'
कलाकार का उद्देश्य
पटनायक ने बताया कि हर वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर वे जन-जागरूकता के उद्देश्य से इस तरह की कलाकृति तैयार करते हैं। उनके अनुसार, तंबाकू का सेवन अनेक गंभीर और जानलेवा बीमारियों की जड़ है। उन्होंने कहा कि लोग जितना अधिक तंबाकू से दूरी बनाएंगे, उतना ही स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जी सकेंगे।
आम जनता की प्रतिक्रिया
इस अनूठी कलाकृति को देखने के लिए पुरी बीच पर बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। लोगों ने पटनायक के सामाजिक संदेश की सराहना की और तंबाकू-मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया। यह कलाकृति केवल एक रेत की मूर्ति नहीं, बल्कि समाज को झकझोरने वाला एक सशक्त माध्यम बनी।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पृष्ठभूमि
प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व भर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस लत से मुक्त होने के लिए प्रेरित करना है। पटनायक की यह पहल इसी वैश्विक अभियान का एक सशक्त स्थानीय प्रतिबिंब है।
क्या होगा आगे
सुदर्शन पटनायक की यह कलाकृति तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। उनकी अपील है कि हर नागरिक तंबाकू को 'ना' कहे और अपने परिवार व समाज को स्वस्थ रखने में योगदान दे।