17 जुलाई 2026
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सुदर्शन चक्र कोर की समीक्षा: लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने स्वदेशी ड्रोन क्षमता का लिया जायज़ा

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सुदर्शन चक्र कोर की समीक्षा: लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने स्वदेशी ड्रोन क्षमता का लिया जायज़ा

सारांश

भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने सुदर्शन चक्र कोर की समीक्षा में स्वदेशी ड्रोन की सटीक मारक क्षमता देखी — यह 'परिवर्तन के दशक' अभियान के तहत AI और नेटवर्क-केंद्रित युद्धक क्षमता की दिशा में भारतीय सेना का ठोस कदम है।

मुख्य बातें

लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने 17 जुलाई को सुदर्शन चक्र कोर और शाहबाज डिवीजन की ऑपरेशनल समीक्षा की।
शाहबाज डिवीजन में स्वदेशी यूएवी ने उभरते खतरों के विरुद्ध सटीक लक्ष्य भेदन क्षमता का प्रदर्शन किया।
यह दौरा भारतीय सेना के 'परिवर्तन के दशक' अभियान के अनुरूप स्वदेशी क्षमता निर्माण पर केंद्रित था।
सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ इससे पहले सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाल चुके हैं।
भारतीय सेना AI , ड्रोन और नेटवर्क-केंद्रित युद्धक क्षमताओं को प्राथमिकता दे रही है।

भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने 17 जुलाई को सुदर्शन चक्र कोर, शाहबाज डिवीजन और उनसे संबद्ध सैन्य संरचनाओं की ऑपरेशनल तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरे में युद्धक तत्परता, मिशन की तैयारी और क्षमता विकास से जुड़े प्रयासों का विस्तृत आकलन किया गया।

स्वदेशी ड्रोन और यूएवी का प्रदर्शन

शाहबाज डिवीजन में समीक्षा के दौरान स्वदेशी मानव रहित हवाई प्रणालियों (यूएवी) का विशेष प्रदर्शन किया गया। इन ड्रोन और यूएवी ने उभरते खतरों के विरुद्ध सटीक लक्ष्य भेदन क्षमता का प्रदर्शन किया। स्वदेशी तकनीक पर आधारित इन प्रणालियों ने आधुनिक युद्धक्षेत्र में भारतीय सेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता और तकनीकी दक्षता को रेखांकित किया।

मुख्य घटनाक्रम और सैनिकों से संवाद

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने उन्नत सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों और नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने की पहलों का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने सभी रैंकों के सैनिकों से सीधा संवाद किया और उनकी पेशेवर दक्षता, परिचालन तैयारी तथा उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।

सैन्य कमांडर ने सैनिकों का आह्वान किया कि वे स्वदेशी क्षमताओं को और सुदृढ़ करें, नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाएँ तथा भविष्य के युद्धक्षेत्रों की चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार और दृढ़ बने रहें।

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परिवर्तन के दशक से जुड़ाव

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने इन पहलों को भारतीय सेना के 'परिवर्तन के दशक' अभियान के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी क्षमता निर्माण की दिशा में ये कदम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय सेना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, स्वदेशी रक्षा प्रणालियों और नेटवर्क-केंद्रित युद्धक क्षमताओं पर विशेष ज़ोर दे रही है।

सुदर्शन चक्र कोर की पृष्ठभूमि

सुदर्शन चक्र कोर भारतीय सेना की एक प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर रहते हुए इसी कोर की कमान संभाल चुके हैं। उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी कार्य किया है, जिस दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सैन्य दायित्वों की देखरेख की।

आगे की राह

सुदर्शन चक्र कोर और शाहबाज डिवीजन में प्रदर्शित स्वदेशी तकनीकी क्षमताएँ भारतीय सेना के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण का अभिन्न हिस्सा मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, AI और ड्रोन तकनीक को युद्धक संरचनाओं में एकीकृत करने की यह प्रक्रिया भविष्य के संघर्षों में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मज़बूत करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये प्रणालियाँ बड़े पैमाने पर तैनाती और वास्तविक परिचालन दबाव में कितनी कारगर साबित होती हैं। 'परिवर्तन के दशक' की घोषणाएँ अब तक प्रभावशाली रही हैं, पर AI और नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं के एकीकरण की गति और गहराई पर स्वतंत्र मूल्यांकन अभी सीमित है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुदर्शन चक्र कोर क्या है और इसकी समीक्षा क्यों हुई?
सुदर्शन चक्र कोर भारतीय सेना की एक प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन है। 17 जुलाई को दक्षिणी कमान के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने इसकी ऑपरेशनल तैयारियों, युद्धक तत्परता और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं का व्यापक आकलन करने के लिए यह समीक्षा की।
शाहबाज डिवीजन में किस तकनीक का प्रदर्शन हुआ?
शाहबाज डिवीजन में स्वदेशी मानव रहित हवाई प्रणालियों (यूएवी) ने उभरते खतरों के विरुद्ध सटीक लक्ष्य भेदन क्षमता का प्रदर्शन किया। ये प्रणालियाँ पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित हैं और आधुनिक युद्धक्षेत्र में भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता को दर्शाती हैं।
भारतीय सेना का 'परिवर्तन के दशक' अभियान क्या है?
'परिवर्तन के दशक' भारतीय सेना का एक व्यापक आधुनिकीकरण अभियान है, जिसके तहत AI, ड्रोन, स्वदेशी रक्षा प्रणालियाँ और नेटवर्क-केंद्रित युद्धक क्षमताओं को सैन्य संरचनाओं में एकीकृत किया जा रहा है। सुदर्शन चक्र कोर की यह समीक्षा उसी अभियान की कड़ी मानी जा रही है।
जनरल धीरज सेठ का सुदर्शन चक्र कोर से क्या संबंध है?
वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर रहते हुए सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाल चुके हैं। उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी कार्य किया है।
इस समीक्षा का भविष्य की सैन्य तैयारियों पर क्या असर होगा?
इस समीक्षा से सुदर्शन चक्र कोर की स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को और मज़बूत करने की दिशा मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, AI और ड्रोन तकनीक का युद्धक संरचनाओं में एकीकरण भविष्य के संघर्षों में भारत की रणनीतिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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