3 अक्टूबर 2026
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सूरत एयरपोर्ट पर CISF जवानों ने बचाई जान, कार्डियक अरेस्ट पीड़ित को तत्काल CPR दिया

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सूरत एयरपोर्ट पर CISF जवानों ने बचाई जान, कार्डियक अरेस्ट पीड़ित को तत्काल CPR दिया

सारांश

सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्यूटी पर तैनात CISF जवानों ने माइनर कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित एक कर्मचारी को समय पर CPR देकर उसकी जान बचाई — यह घटना सुरक्षाबलों की मेडिकल ट्रेनिंग की अहमियत को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

3 अक्टूबर 2026 को सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्टाफ गेट के पास एक कर्मचारी माइनर कार्डियक अरेस्ट के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा।
CISF हेड कांस्टेबल जीडी चौधरी और संजय कुमार अंबालाल सहित जवानों ने तत्काल CPR और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की।
जवानों की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित की हालत स्थिर हुई और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
CISF ने घटना का वीडियो अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर साझा किया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली।
एयरपोर्ट सेक्टर में CISF जवानों को CPR, फर्स्ट एड और इमरजेंसी रिस्पांस का नियमित विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने 3 अक्टूबर 2026 को अपनी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से एक कर्मचारी की जान बचा ली। स्टाफ गेट के पास स्ट्रीम हाउस में कार्यरत एक कर्मचारी अचानक चक्कर खाकर बेहोश हो गया, जिसे बाद में माइनर कार्डियक अरेस्ट का मामला पाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

घटना के समय ड्यूटी पर तैनात CISF हेड कांस्टेबल जीडी चौधरी, संजय कुमार अंबालाल और उनके साथी जवानों ने बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुँचकर स्थिति संभाली। जवानों ने पीड़ित कर्मचारी को तत्काल CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक चिकित्सा दी, जिससे पीड़ित की हालत स्थिर हो गई और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई उन चंद मिनटों में हुई जो किसी कार्डियक अरेस्ट के मामले में जीवन और मृत्यु के बीच की विभाजन-रेखा मानी जाती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के बाद पहले 4-6 मिनट में CPR मिलने से जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

CISF की आधिकारिक प्रतिक्रिया

CISF ने पूरी घटना का वीडियो अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर साझा किया। पोस्ट में लिखा गया, 'तेज प्रतिक्रिया। सहानुभूतिपूर्ण सेवा। सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्टाफ का एक सदस्य अचानक बेहोश हो गया। सतर्क CISF कर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला, फौरन प्राथमिक उपचार और जरूरी मदद दी, साथ ही समय पर मेडिकल सहायता भी सुनिश्चित की। यह CISF कर्मियों की सतर्कता, प्रोफेशनलिज्म और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।'

एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी जवानों की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है।

विशेष प्रशिक्षण की भूमिका

बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट सेक्टर में तैनात CISF जवानों को नियमित रूप से मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में CPR, फर्स्ट एड और इमरजेंसी रिस्पांस कोर्स शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक स्थलों पर अचानक होने वाली मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में प्रशिक्षित पहली प्रतिक्रिया की भूमिका पर जोर दिया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर सराहना

इस घटना के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर CISF जवानों की व्यापक प्रशंसा हो रही है। नागरिकों ने कहा कि सुरक्षा कर्तव्यों के साथ-साथ मानवीय सेवा में भी CISF का यह उदाहरण सराहनीय है।

क्या होगा आगे

यह घटना एयरपोर्ट जैसे अति-व्यस्त सार्वजनिक स्थलों पर प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की अनिवार्यता को एक बार फिर रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि CISF के इस मॉडल को अन्य सार्वजनिक संस्थानों में भी अपनाया जाना चाहिए, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इसे रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों तक विस्तारित किया जाएगा। भारत में हृदय रोग से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय हिस्सा 'गोल्डन मिनट्स' में समुचित प्रतिक्रिया न मिलने के कारण होता है। CISF की यह पहल उस व्यापक नीतिगत बहस को भी जन्म देती है कि देश के हर बड़े सार्वजनिक संस्थान में CPR-प्रशिक्षित कर्मचारी अनिवार्य होने चाहिए।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत एयरपोर्ट पर CISF जवानों ने क्या किया?
3 अक्टूबर 2026 को सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर CISF जवानों ने माइनर कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित एक कर्मचारी को तत्काल CPR और प्राथमिक चिकित्सा देकर उसकी जान बचाई। हेड कांस्टेबल जीडी चौधरी और संजय कुमार अंबालाल ने यह त्वरित कार्रवाई की।
CPR क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?
CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया है, जो कार्डियक अरेस्ट के दौरान हृदय और फेफड़ों की कार्यप्रणाली को कृत्रिम रूप से जारी रखती है। कार्डियक अरेस्ट के बाद पहले 4-6 मिनट में CPR मिलने से जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
CISF जवानों को मेडिकल ट्रेनिंग कैसे मिलती है?
एयरपोर्ट सेक्टर में तैनात CISF जवानों को नियमित रूप से CPR, फर्स्ट एड और इमरजेंसी रिस्पांस कोर्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण उन्हें किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने और जीवन बचाने में सक्षम बनाता है।
CISF ने इस घटना को सार्वजनिक क्यों किया?
CISF ने घटना का वीडियो अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर साझा करते हुए इसे जवानों की सतर्कता, प्रोफेशनलिज्म और मानवीय दृष्टिकोण का उदाहरण बताया। इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रशंसा मिली।
इस घटना से क्या सबक लिया जा सकता है?
यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर प्रशिक्षित पहली प्रतिक्रिया (first responder) की अनिवार्यता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे स्टेशन, मेट्रो और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी इस तरह की मेडिकल ट्रेनिंग अनिवार्य की जानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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