सूरत एयरपोर्ट पर CISF जवानों ने बचाई जान, कार्डियक अरेस्ट पीड़ित को तत्काल CPR दिया
सारांश
मुख्य बातें
सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने 3 अक्टूबर 2026 को अपनी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से एक कर्मचारी की जान बचा ली। स्टाफ गेट के पास स्ट्रीम हाउस में कार्यरत एक कर्मचारी अचानक चक्कर खाकर बेहोश हो गया, जिसे बाद में माइनर कार्डियक अरेस्ट का मामला पाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
घटना के समय ड्यूटी पर तैनात CISF हेड कांस्टेबल जीडी चौधरी, संजय कुमार अंबालाल और उनके साथी जवानों ने बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुँचकर स्थिति संभाली। जवानों ने पीड़ित कर्मचारी को तत्काल CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक चिकित्सा दी, जिससे पीड़ित की हालत स्थिर हो गई और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई उन चंद मिनटों में हुई जो किसी कार्डियक अरेस्ट के मामले में जीवन और मृत्यु के बीच की विभाजन-रेखा मानी जाती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के बाद पहले 4-6 मिनट में CPR मिलने से जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
CISF की आधिकारिक प्रतिक्रिया
CISF ने पूरी घटना का वीडियो अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर साझा किया। पोस्ट में लिखा गया, 'तेज प्रतिक्रिया। सहानुभूतिपूर्ण सेवा। सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्टाफ का एक सदस्य अचानक बेहोश हो गया। सतर्क CISF कर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला, फौरन प्राथमिक उपचार और जरूरी मदद दी, साथ ही समय पर मेडिकल सहायता भी सुनिश्चित की। यह CISF कर्मियों की सतर्कता, प्रोफेशनलिज्म और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।'
एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी जवानों की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है।
विशेष प्रशिक्षण की भूमिका
बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट सेक्टर में तैनात CISF जवानों को नियमित रूप से मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में CPR, फर्स्ट एड और इमरजेंसी रिस्पांस कोर्स शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक स्थलों पर अचानक होने वाली मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में प्रशिक्षित पहली प्रतिक्रिया की भूमिका पर जोर दिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर सराहना
इस घटना के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर CISF जवानों की व्यापक प्रशंसा हो रही है। नागरिकों ने कहा कि सुरक्षा कर्तव्यों के साथ-साथ मानवीय सेवा में भी CISF का यह उदाहरण सराहनीय है।
क्या होगा आगे
यह घटना एयरपोर्ट जैसे अति-व्यस्त सार्वजनिक स्थलों पर प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की अनिवार्यता को एक बार फिर रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि CISF के इस मॉडल को अन्य सार्वजनिक संस्थानों में भी अपनाया जाना चाहिए, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है।