सूरत SBI डकैती: ₹50 लाख लूट का तीसरा मास्टरमाइंड नेपाल सीमा से गिरफ्तार, साजिश बेउर जेल से रची गई
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात की सूरत क्राइम ब्रांच ने वराछा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा में 27 अप्रैल को हुई ₹50 लाख की हथियारबंद डकैती के मामले में तीसरे मुख्य आरोपी मन्तीश उर्फ मुकेश कुमार को बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) ज़िले के बिरती बाज़ार चौक इलाक़े से, नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरी डकैती की साजिश पटना की बेउर जेल में बंद कथित मास्टरमाइंड कुंदन भगत ने रची थी।
घटना और जाँच का घटनाक्रम
एडिशनल सीपी करण राज वाघेला ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 27 अप्रैल को वराछा की SBI शाखा में छह हथियारबंद आरोपियों ने डकैती को अंजाम दिया और ₹50 लाख से अधिक की राशि लूटकर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद सूरत सिटी पुलिस, ज़ोन-1 पुलिस, लोकल क्राइम ब्रांच और स्थानीय टीमों ने संयुक्त जाँच शुरू की।
वाघेला के अनुसार, टीम ने 1,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जाँच और तकनीकी एवं मानवीय इंटेलिजेंस के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाई।
पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी
जाँच के दौरान दो आरोपियों — शुभम ठाकुर और विकास राजपूत — को उत्तर प्रदेश के अयोध्या और गोंडा ज़िलों से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि कुंदन भगत इस डकैती का मुख्य मास्टरमाइंड है, जो वर्तमान में पटना की बेउर जेल में बंद है।
पुलिस के अनुसार, कुंदन भगत कथित तौर पर उत्तराखंड में हुई ₹14 करोड़ की रिलायंस ज्वेलरी डकैती का भी मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी और नेपाल कनेक्शन
एडिशनल सीपी वाघेला ने कहा, “सूरत पुलिस ने मुख्य आरोपी मन्तीश उर्फ मुकेश कुमार को बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) ज़िले के बिरती बाज़ार चौक इलाक़े से गिरफ्तार किया। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था।” उन्होंने बताया कि जेल में बंद कुंदन भगत ने वराछा SBI डकैती की पूरी कार्ययोजना तैयार की थी, और मन्तीश इस गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य था।
आगे क्या
पुलिस अब गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करने का प्रयास कर रही है। वाघेला के अनुसार, सभी आरोपियों के आपसी संबंधों और साजिश के विस्तृत खुलासे के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लूट की गई राशि का कुछ हिस्सा बरामद कर लिया गया है, और शेष की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।