12 अक्टूबर 2026
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ओवैसी को 'बरसाती मेंढक' बोले कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत, भाजपा पर भी कसा तंज

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ओवैसी को 'बरसाती मेंढक' बोले कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत, भाजपा पर भी कसा तंज

सारांश

यूपी चुनाव 2027 से पहले सियासत गर्म — कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने ओवैसी को 'बरसाती मेंढक' कहकर उन पर भाजपा की 'बी-टीम' होने का आरोप लगाया, साथ ही भाजपा सरकार को यूपी के कर्ज़ और कॉर्पोरेट-पक्षपात के लिए आड़े हाथ लिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 12 अक्टूबर 2026 को ओवैसी को 'बरसाती मेंढक' की संज्ञा दी।
ओवैसी ने आज़मगढ़ में कहा था — 'नेहरू या गांधी की ज़रूरत नहीं, हमें अपना नेता चाहिए।' राजपूत ने आरोप लगाया कि ओवैसी मुसलमानों का नेता बनकर भाजपा को अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाते हैं।
राजपूत ने अखिलेश यादव के उस आरोप का समर्थन किया कि उत्तर प्रदेश भारी कर्ज़ के बोझ तले दब गया है।
आराधना मिश्रा 'मोना' के शपथ समारोह में हुए विवाद पर राजपूत ने कहा — भाजपा ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 12 अक्टूबर 2026 को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला और उन्हें 'बरसाती मेंढक' की संज्ञा दी। यह पलटवार तब आया जब ओवैसी ने आज़मगढ़ में कहा था, 'नेहरू या गांधी की ज़रूरत नहीं है, हमें अपना नेता चाहिए।' उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की सियासी बयानबाज़ी तेज़ होती दिख रही है।

ओवैसी पर राजपूत का पलटवार

राजपूत ने रहीम दास के दोहे का संदर्भ देते हुए कहा, 'जैसे ही बरसात आती है, बरसाती मेंढक टर्र-टर्र करने लगते हैं — ठीक वही हाल ओवैसी का है। जहाँ-जहाँ चुनाव आता है, वे मेंढक की तरह टर्र-टर्र करने लगते हैं।' उन्होंने ओवैसी से सवाल किया कि पिछले पाँच वर्षों में वे उत्तर प्रदेश कितनी बार आए और उन्होंने राज्य में कौन-सा ज़मीनी कार्यक्रम किया।

राजपूत ने आरोप लगाया कि जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के दौर में कथित तौर पर अल्पसंख्यकों के साथ ज़्यादतियाँ हो रही थीं, तब ओवैसी चुप रहे और केवल चुनाव के समय सक्रिय हो जाते हैं।

भाजपा-ओवैसी गठजोड़ का आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता ने ओवैसी पर भाजपा को अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'आप मुसलमानों का नेता बनने का ठेका लेकर भाजपा को जो लाभ पहुँचाते हैं, उसे पूरे देश का हिंदुस्तानी समाज अच्छी तरह समझता है।' उन्होंने तर्क दिया कि जब ओवैसी स्वयं को मुसलमानों का नेता और भाजपा खुद को हिंदुओं का नेता बताती है, तो सवाल उठता है कि समग्र हिंदुस्तानियों का नेता कौन है।

गौरतलब है कि यह आरोप नया नहीं है — कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) पहले भी कहती रही हैं कि एआईएमआईएम की सक्रियता मतों के धार्मिक ध्रुवीकरण में भाजपा की मदद करती है।

भाजपा और उत्तर प्रदेश के कर्ज़ पर तंज

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस आरोप का समर्थन करते हुए कि भाजपा सरकार की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश भारी वित्तीय कर्ज़ के बोझ तले दब गया है, राजपूत ने कहा, 'भाजपा सिर्फ देश के धन्ना सेठों को ही गरीब समझती है। दलित, पिछड़ा, आदिवासी, महिला, नौजवान, किसान, अल्पसंख्यक, पीड़ित, शोषित और वंचित के सारे हक छीनकर यह सरकार सिर्फ कॉर्पोरेट और अंतरराष्ट्रीय घरानों को देने का काम कर रही है।'

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पूरा उत्तर प्रदेश कर्ज़ के जाल में फँसा हुआ है और कोई ऐसी जगह नहीं बची जहाँ सरकार ने कर्ज़ न लिया हो। भाजपा के सवर्ण समाज को साधने की कथित कोशिशों पर राजपूत ने तंज कसते हुए कहा, 'भाजपा पहले आँखें छीन लेती है और फिर चश्मा दान करती है।'

यूपी कांग्रेस के विवाद पर सफाई

लखनऊ में यूपी कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा 'मोना' के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई कहासुनी और उसके वीडियो के वायरल होने पर राजपूत ने इसे 'कुछ अति-उत्साही कार्यकर्ताओं या पुराने बैर-भाव के कारण हुई छोटी-मोटी घटना' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके मीडिया हैंडल्स ने इस घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

राजपूत ने पलटवार करते हुए कहा, 'हम भाजपा को याद दिलाना चाहते हैं कि कैसे उनके ही सांसद शरद त्रिपाठी ने संत कबीरनगर में तीन सेकंड में भाजपा के ही विधायक को सात जूते मारे थे। इसलिए भाजपा को इस पर बोलने का हक नहीं है।'

आगे क्या

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 अभी करीब डेढ़ साल दूर हैं, लेकिन सभी प्रमुख दलों की आक्रामक बयानबाज़ी से स्पष्ट है कि ज़मीनी तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है। कांग्रेस, एसपी और एआईएमआईएम के बीच अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर खींचतान आने वाले महीनों में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ओवैसी को 'बी-टीम' बताना तब तक खोखला लगता है जब तक कांग्रेस अपनी ज़मीनी उपस्थिति साबित न करे। आराधना मिश्रा 'मोना' के शपथ समारोह में हुई कहासुनी और उसका वायरल वीडियो यह भी बताता है कि पार्टी के भीतर एकजुटता अभी भी एक चुनौती है — जिसे भाजपा के भरोसे का संदर्भ देकर टाला नहीं जा सकता।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेंद्र राजपूत ने ओवैसी को 'बरसाती मेंढक' क्यों कहा?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने ओवैसी पर आरोप लगाया कि वे केवल चुनाव के समय उत्तर प्रदेश में सक्रिय होते हैं और पाँच साल तक ग़ायब रहते हैं। रहीम दास के दोहे का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि ओवैसी बरसात में टर्राने वाले मेंढक की तरह हैं।
ओवैसी ने आज़मगढ़ में क्या कहा था?
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आज़मगढ़ में कहा कि उन्हें नेहरू या गांधी की ज़रूरत नहीं है और समुदाय को अपना नेता चाहिए। इसी बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस ओवैसी पर भाजपा की मदद करने का आरोप क्यों लगाती है?
कांग्रेस का तर्क है कि ओवैसी की पार्टी मुस्लिम मतों को विभाजित करती है, जिससे भाजपा को सीटें जीतने में मदद मिलती है। राजपूत ने कहा कि एआईएमआईएम मुसलमानों का नेता बनकर परोक्ष रूप से भाजपा को हिंदुओं का प्रतिनिधि बनने का मौका देती है।
उत्तर प्रदेश में कर्ज़ के मुद्दे पर राजपूत ने क्या कहा?
राजपूत ने अखिलेश यादव के उस आरोप का समर्थन किया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश कर्ज़ के जाल में फँस गया है। उन्होंने कहा कि सरकार दलित, पिछड़े, किसान और अल्पसंख्यकों के हक छीनकर कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुँचा रही है।
आराधना मिश्रा 'मोना' के शपथ समारोह में विवाद क्या था?
लखनऊ में यूपी कांग्रेस मुख्यालय पर आराधना मिश्रा 'मोना' के शपथ ग्रहण के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई और उसका वीडियो वायरल हो गया। राजपूत ने इसे 'कुछ अति-उत्साही कार्यकर्ताओं की छोटी-मोटी घटना' बताते हुए कहा कि भाजपा ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
राष्ट्र प्रेस
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