सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष: नेताओं ने वीर जवानों को किया नमन, 'घर में घुसकर मारते हैं' का संदेश दोहराया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026। सर्जिकल स्ट्राइक दिवस की 10वीं वर्षगाँठ पर देशभर के नेताओं ने भारतीय सेना के जवानों के शौर्य और पराक्रम को नमन किया। 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने उरी आतंकी हमले के जवाब में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार जाकर आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और लक्षित कार्रवाई की थी, जो भारत की सुरक्षा नीति में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुई।
मुख्य घटनाक्रम
आज से ठीक 10 वर्ष पहले भारतीय सेना ने एलओसी के पार पाकिस्तान-अधिकृत क्षेत्र में स्थित आतंकवादी लॉन्चपैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। यह कार्रवाई 18 सितंबर 2016 को उरी (जम्मू-कश्मीर) में भारतीय सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले के प्रत्युत्तर में की गई थी, जिसमें 19 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया को यह संदेश दिया कि नया भारत सीमाओं की परवाह किए बिना आतंक का जवाब देने में सक्षम है।
नेताओं की श्रद्धांजलि और बयान
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने लिखा, 'भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के प्रतीक सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर मां भारती की रक्षा के लिए सदैव समर्पित हमारे वीर सैनिकों को कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उनका अद्वितीय साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत है।'
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर हमारी भारतीय सेना का सम्मान करते हुए, हमारे राष्ट्र के लिए खतरों के खिलाफ उनकी निर्णायक कार्रवाई भारत के सुरक्षा इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में खड़ी है।'
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय देने वाले भारतीय वीर जवानों को कोटि-कोटि नमन। देश की रक्षा के लिए आपका समर्पण और बलिदान सदैव राष्ट्रवासियों के लिए प्रेरणा रहेगा।'
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और अटूट पराक्रम के प्रतीक सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर मां भारती के वीर सपूतों को सादर नमन! देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना के जवानों ने साहस, शौर्य और अदम्य संकल्प का परिचय दिया।'
छत्तीसगढ़ और दिल्ली के मंत्रियों का संदेश
छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री केदार कश्यप ने इस दिवस की गौरवमयी 10वीं वर्षगाँठ पर लिखा, 'ये नया भारत है, घर में घुसकर मारता है! देश के स्वाभिमान, साहस और पराक्रम के प्रतीक सर्जिकल स्ट्राइक की गौरवमयी 10वीं वर्षगाँठ पर भारतीय सेना के वीर सपूतों के पराक्रम को सादर नमन।' यह वाक्य आज सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लिखा, '29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने आतंक के खिलाफ अपने अदम्य साहस, शौर्य और अडिग संकल्प का परिचय देते हुए पूरी दुनिया को भारत की निर्णायक शक्ति का संदेश दिया। आतंक के खिलाफ भारत के इस बड़े कदम ने नए भारत के उस संकल्प को मजबूती दी, जो शांति में विश्वास रखता है, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करता।' उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने भी राष्ट्र-रक्षा में समर्पित सेना के वीर सपूतों के शौर्य को सलाम किया।
ऐतिहासिक महत्त्व और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक भारत की रक्षा नीति में 'strategic restraint' से 'proactive deterrence' की ओर बदलाव का प्रतीक मानी जाती है। यह ऐसे समय में आई थी जब उरी हमले ने पूरे देश को आहत किया था और कड़ी कार्रवाई की माँग चरम पर थी। इस घटना के बाद 2019 के बालाकोट हवाई हमले तक भारत की सैन्य कार्रवाइयों की एक नई शृंखला शुरू हुई, जो आज भी राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्मरण की जाती है। आज की 10वीं वर्षगाँठ पर देशभर में यह संदेश दोहराया गया कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।