27 सितंबर 2026
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मन की बात के 138वें एपिसोड में PM मोदी बोले — सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ पर आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

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मन की बात के 138वें एपिसोड में PM मोदी बोले — सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ पर आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

सारांश

'मन की बात' का 138वाँ एपिसोड महज एक रेडियो संबोधन नहीं था — यह सर्जिकल स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर भारत की बदली सुरक्षा नीति का खुला ऐलान था। मोदी का संदेश साफ था: प्रतीक्षा का दौर समाप्त हो चुका है, जीरो टॉलरेंस ही नया भारत है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 27 सितंबर 2026 को 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में देश को संबोधित किया।
सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ ( 28 29 सितंबर 2016 ) से एक दिन पहले भारत की आतंकवाद विरोधी नीति पर विस्तृत चर्चा।
पीएम ने कहा — पहले हमलों के बाद इंतजार होता था, अब जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू है।
बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत की निर्णायक कार्रवाइयों का उल्लेख।
13 सितंबर 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और 26/11 मुंबई हमले का संदर्भ।
9/11 की 25वीं वर्षगांठ पर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। यह एपिसोड विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में आए बुनियादी बदलाव को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाता है — वह दौर अब बीत चुका है जब हमलों के बाद केवल प्रतीक्षा की जाती थी।

सर्जिकल स्ट्राइक — एक ऐतिहासिक मोड़

प्रधानमंत्री मोदी ने 28 29 सितंबर 2016 की रात को याद करते हुए कहा, "दस वर्ष पहले 28 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। एलओसी के उस पार जाकर हमारे वीर जवानों ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी, वो देख दुनिया हैरान थी।" उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने पूरी दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।

उनके अनुसार सर्जिकल स्ट्राइक उन दशकों के दर्द का निर्णायक जवाब था, जो भारत ने आतंकी हमलों के कारण झेला था। गौरतलब है कि यह कार्रवाई भारतीय रणनीतिक सोच में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखी जाती है।

बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक — बदलती रणनीति

पीएम मोदी ने पिछले एक दशक में भारत द्वारा उठाए गए सैन्य कदमों की एक श्रृंखला का उल्लेख किया। उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर 'ऑपरेशन सिंदूर' तक के उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने बार बार यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद को सहन नहीं किया जाएगा और उसका करारा जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने पहले के दौर से तुलना करते हुए कहा कि पहले हर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई की माँग तो होती थी, लेकिन समय बीतने का इंतजार किया जाता था और उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था। "अब आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लेकर चल रहा है और हम इसके नतीजे भी देख रहे हैं" — यह उनके शब्द थे।

सीरियल ब्लास्ट और 26/11 का जिक्र

प्रधानमंत्री ने भारत की पीड़ा को ऐतिहासिक संदर्भ में रखते हुए कहा कि एक समय था जब भारत में सीरियल ब्लास्ट बेहद सामान्य बात हो गई थी। उन्होंने 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट का विशेष उल्लेख किया, जिसमें अनेक निर्दोष लोग मारे गए थे। उन्होंने याद दिलाया कि उसके कुछ सप्ताह बाद ही मुंबई में 26/11 का भीषण हमला हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब देश आतंकवाद विरोधी अभियानों की एक लंबी श्रृंखला के एक दशक के पड़ाव पर खड़ा है।

9/11 की 25वीं बरसी पर संवेदना

पीएम मोदी ने इस एपिसोड में अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले की 25वीं वर्षगांठ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में अमेरिका के बाद सबसे अधिक पीड़ित भारतीय नागरिक थे। उन्होंने स्मरण किया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद न्यूयॉर्क में उन्होंने उन निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने करोड़ों भारतीयों की ओर से पीड़ित परिवारों के प्रति पुनः संवेदना व्यक्त की।

आगे की दिशा

सर्जिकल स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ पर यह संबोधन केवल स्मरण नहीं, बल्कि भारत की बदली राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की पुनः पुष्टि है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीरो टॉलरेंस की यह घोषणा आने वाले समय में भारत के कूटनीतिक और सैन्य रुख दोनों पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचक पूछते हैं कि सीमापार आतंकवाद के ढाँचागत स्रोतों से निपटने में कितनी सफलता मिली है। बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक की सैन्य कार्रवाइयाँ निर्विवाद रूप से नीतिगत बदलाव दर्शाती हैं, परंतु 26/11 और 2008 के सीरियल ब्लास्ट जैसी घटनाओं का बार बार स्मरण यह भी संकेत देता है कि यह विमर्श चुनावी और कूटनीतिक दोनों परिप्रेक्ष्यों में सक्रिय रूप से आकार दिया जा रहा है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने 27 सितंबर 2026 को प्रसारित 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत की जीरो टॉलरेंस आतंकवाद विरोधी नीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पहले हमलों के बाद इंतजार किया जाता था, अब भारत तुरंत और निर्णायक कार्रवाई करता है।
सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ क्यों खास है?
28 29 सितंबर 2016 की रात को भारतीय सेना ने एलओसी पार कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, जो भारत की रणनीतिक नीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन माना जाता है। 2026 में इसके 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं, और इस अवसर को सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की सफलता के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया है।
PM मोदी ने 9/11 हमले का जिक्र क्यों किया?
पीएम मोदी ने बताया कि 9/11 हमले को इस वर्ष 25 साल पूरे हुए हैं और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में अमेरिका के बाद सर्वाधिक पीड़ित भारतीय नागरिक थे। उन्होंने करोड़ों भारतीयों की ओर से पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और 2014 में न्यूयॉर्क में दी गई अपनी श्रद्धांजलि को भी याद किया।
भारत की जीरो टॉलरेंस आतंकवाद नीति में क्या बदला है?
PM मोदी के अनुसार, पहले आतंकी हमलों के बाद कार्रवाई की माँग होती थी लेकिन उसे अनदेखा कर समय गुजरने का इंतजार किया जाता था। अब सर्जिकल स्ट्राइक (2016), बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयाँ भारत की नई नीति की मिसाल हैं।
'मन की बात' कार्यक्रम क्या है और यह कितनी बार प्रसारित होता है?
'मन की बात' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जिसमें वे देशवासियों को सीधे संबोधित करते हैं। 27 सितंबर 2026 को प्रसारित 138वाँ एपिसोड आतंकवाद विरोधी नीति और सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ के कारण विशेष रूप से चर्चा में रहा।
राष्ट्र प्रेस
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