मोदी सरकार के 12 साल: राजनाथ सिंह बोले — आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस', ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने दिखाई ताकत
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार, 17 जून को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी निर्णायक सैन्य कार्रवाइयों ने यह संदेश दे दिया है कि भारत की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
राजनाथ सिंह का बयान: सुरक्षित भारत के 12 साल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों तक, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी संप्रभुता अखंड है। उन्होंने आगे कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के संकल्प ने स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत किया है और सशस्त्र सेनाओं को आधुनिक बनाया है। जमीन, समुद्र, हवा, साइबर और अंतरिक्ष — सभी क्षेत्रों में देश की तैयारी बेहतर हुई है।
अमित शाह और नितिन गडकरी की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में भारत को एक ऐसे मजबूत गढ़ के रूप में फिर से खड़ा किया गया है जो नागरिकों की रक्षा करता है और दुश्मनों को तबाह कर देता है। शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने, नक्सलवाद के उन्मूलन और पूर्वोत्तर में 12 से अधिक शांति समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की ऐसी मिसालें पेश की हैं जिसकी दुनिया तारीफ करती है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की सुरक्षा नीति में सावधानी की जगह दृढ़ संकल्प की भावना आई है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर बालाकोट तक, भारत ने अपनी जवाबी कार्रवाई को नए सिरे से परिभाषित किया है और यह बदलाव एक 'नए भारत' को दर्शाता है जो 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहा है।
हरियाणा CM नायब सैनी का आकलन
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि 2014 के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में देश ने निर्णायक परिवर्तन का अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी, साइबर सुरक्षा ढाँचे और खुफिया समन्वय में सुधार ने संभावित खतरों से निपटने की क्षमता को और प्रभावी बनाया है। सैनी ने यह भी रेखांकित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक अवसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी ने सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय विकास को भी गति दी है।
व्यापक संदर्भ: क्यों मायने रखते हैं ये 12 साल
यह ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की सुरक्षा नीतियों पर राष्ट्रीय बहस तेज है। गौरतलब है कि भाजपा नेताओं के ये सामूहिक बयान एक्स पर एक साथ आए हैं, जो सुरक्षित भारत की 12 वर्षीय यात्रा को रेखांकित करने की सुनियोजित संचार रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं। आलोचकों का कहना है कि इन उपलब्धियों का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है, विशेष रूप से रक्षा आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों और रोजगार सृजन के संदर्भ में। आगे देखें तो रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की रफ्तार और सीमा सुरक्षा के ठोस परिणाम ही इन दावों की असली कसौटी होंगे।