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अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण से पहले परिवारों को मिले उचित समय: CM सुवेंदु अधिकारी का KMC को निर्देश

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अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण से पहले परिवारों को मिले उचित समय: CM सुवेंदु अधिकारी का KMC को निर्देश

सारांश

पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने KMC को फटकार लगाई — तिलजाला-टॉपसिया में बिना उचित नोटिस दिए ध्वस्तीकरण पर। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी रोक लगाई। संदेश साफ है: अवैध निर्माण हटेंगे, पर कानून और इंसानियत के साथ।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने KMC को निर्देश दिया कि अवैध निर्माण ध्वस्त करने से पहले परिवारों को पर्याप्त समय और कानूनी प्रक्रिया का लाभ दिया जाए।
बैठक अलीपुर बरो-9 के अधिकारियों के साथ हुई; तिलजाला और टॉपसिया क्षेत्रों में कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विध्वंस नोटिस पर अंतरिम रोक लगाई; कहा — उचित सूचना और सुनवाई अनिवार्य।
भवन विभाग के महानिदेशक उज्ज्वल सरकार से स्पष्टीकरण माँगा गया है।
CM के निर्देश पूरे कोलकाता पर लागू होंगे, केवल एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता नगर निगम (KMC) अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित परिवारों और निवासियों को पर्याप्त समय और उचित कानूनी प्रक्रिया का लाभ दिया जाए। 1 जून 2026 को नगर निगम सूत्रों ने यह जानकारी साझा की।

बैठक में क्या हुआ

KMC सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शनिवार को अलीपुर क्षेत्र के बरो-9 के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में सीएम अधिकारी ने KMC द्वारा की गई कार्रवाई पर खुलकर असंतोष जताया।

बैठक में मुख्य रूप से तिलजाला और टॉपसिया क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के संबंध में नोटिस जारी करने और कानूनी प्रक्रिया के पालन पर सवाल उठाए गए। भवन विभाग के महानिदेशक उज्ज्वल सरकार से भी स्पष्टीकरण माँगे जाने की बात सामने आई है।

आरोप और विवाद की पृष्ठभूमि

आरोप है कि निवासियों को घर खाली करने के लिए बेहद कम समय देते हुए नोटिस जारी किए गए और उसके तुरंत बाद KMC ने तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। इस तरह की एकतरफा कार्रवाई को लेकर प्रभावित परिवारों में रोष था।

यह ऐसे समय में आया है जब कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विध्वंस नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भले ही कोई निर्माण अवैध हो, उसे ध्वस्त करने से पहले एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख

न्यायालय ने कहा कि प्रशासन संबंधित पक्षों को उचित सूचना दिए बिना, अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना और कानूनी रूप से तय समयसीमा का पालन किए बिना एकतरफा कार्रवाई नहीं कर सकता। यह आदेश नागरिकों के प्रक्रियागत अधिकारों की रक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री ने बैठक में दो-टूक कहा कि सरकार को अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं है, परंतु यह कार्रवाई कानून के दायरे में और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी स्थिति से बचा जाए जहाँ परिवारों को अचानक बेदखल किया जाए या बिना पर्याप्त समय दिए मकान ढहाए जाएँ।

साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी हालत में नए अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। निर्माण कार्य के प्रारंभिक चरण से ही निगरानी बढ़ाने, नियमित निरीक्षण करने और समय पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

पूरे कोलकाता पर लागू होंगे निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये निर्देश केवल भवानी विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे कोलकाता शहर पर समान रूप से लागू होंगे। आने वाले दिनों में KMC के कार्यप्रणाली में इन निर्देशों का असर देखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न्यायिक दबाव में अधिक दिखता है। असली सवाल यह है कि KMC में अवैध निर्माणों की निगरानी इतनी देर से क्यों होती है कि परिवार बस चुके होते हैं और फिर मानवीय संकट खड़ा होता है। 'सख्ती भी, इंसानियत भी' का संदेश तब तक अधूरा है जब तक निर्माण के प्रारंभिक चरण में ही रोकथाम की व्यवस्था नहीं बनती।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM सुवेंदु अधिकारी ने KMC को क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने KMC को निर्देश दिया है कि अवैध निर्माण ध्वस्त करने से पहले संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय, उचित नोटिस और कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। यह निर्देश पूरे कोलकाता शहर पर लागू होगा।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विध्वंस नोटिस पर रोक क्यों लगाई?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि भले ही निर्माण अवैध हो, प्रशासन बिना उचित सूचना, सुनवाई का अवसर और कानूनी समयसीमा के एकतरफा कार्रवाई नहीं कर सकता। इसी आधार पर न्यायालय ने अंतरिम रोक लगाई है।
तिलजाला और टॉपसिया में विवाद क्या था?
आरोप है कि इन क्षेत्रों में निवासियों को घर खाली करने के लिए बेहद कम समय देते हुए नोटिस जारी किए गए और तुरंत ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया। इस कार्रवाई पर CM ने असंतोष जताया और भवन विभाग के महानिदेशक से स्पष्टीकरण माँगा।
क्या अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी?
हाँ, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालाँकि कार्रवाई कानून के दायरे में और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए होनी चाहिए; निर्माण के शुरुआती चरण से ही निगरानी और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
ये निर्देश किन क्षेत्रों पर लागू होंगे?
CM अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ये निर्देश केवल भवानी विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे कोलकाता शहर पर समान रूप से लागू होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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