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केएमसी कमिश्नर स्मिता पांडे बोलीं — बेलेघाटा बुलडोजर कार्रवाई कानूनी, नोटिस व्यक्तिगत, किसी पार्टी से नहीं

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केएमसी कमिश्नर स्मिता पांडे बोलीं — बेलेघाटा बुलडोजर कार्रवाई कानूनी, नोटिस व्यक्तिगत, किसी पार्टी से नहीं

सारांश

केएमसी कमिश्नर स्मिता पांडे ने साफ किया कि बेलेघाटा बुलडोजर अभियान राजनीति नहीं, कानून है। राजू नस्कर के दो मकान ढहाए गए, छह और जगहों पर कार्रवाई जारी रही — और TMC-BJP के बीच सियासी जंग तेज हो गई।

मुख्य बातें

केएमसी कमिश्नर स्मिता पांडे ने 24 मई को कहा कि बेलेघाटा बुलडोजर कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत है।
राजू नस्कर के दो मकान ढहाए गए; उसी दिन छह अन्य स्थानों पर भी अभियान चला।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि नोटिस व्यक्तिगत हैं, किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं।
TMC ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया; BJP ने केएमसी के फैसले का स्वागत किया।
केएमसी कोलकाता के सभी अवैध निर्माणों का डेटाबेस तैयार कर रही है; आगे और कार्रवाई की संभावना।

कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (केएमसी) की कमिश्नर स्मिता पांडे ने रविवार, 24 मई को स्पष्ट किया कि बेलेघाटा में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाया जा रहा बुलडोजर अभियान पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत है और जारी किए गए नोटिस का किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। राजू नस्कर के दो मकानों को ढहाए जाने के बाद उठे विवाद के बीच कमिश्नर ने यह बयान दिया।

मुख्य घटनाक्रम

केएमसी कमिश्नर स्मिता पांडे ने कहा, 'यहाँ पर कई अवैध निर्माण हैं। एक ही नहीं, उसके बगल में भी कई अवैध निर्माण मौजूद हैं। हमने अपना पूरा प्रोसीजर फॉलो किया है। नोटिस जारी किया गया था और सुनवाई का भी पर्याप्त मौका दिया गया। कार्रवाई में कोई बाधा नहीं आई।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौके पर पुलिस बल सहायता के लिए मौजूद था और पुलिस कार्रवाई के विरुद्ध कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।

अभियान का दायरा

कमिश्नर ने बताया कि उसी दिन छह अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई जारी रही। उन्होंने कहा कि कोलकाता में बड़ी संख्या में अवैध निर्माण हैं और केएमसी उनका डेटाबेस तैयार कर रही है। कुछ स्थानों पर पहले भी नोटिस दिए जा चुके हैं, जबकि कई मामले न्यायालय में लंबित हैं। पांडे ने स्पष्ट किया, 'जहाँ-जहाँ बाधाएँ नहीं आतीं, वहाँ हम निश्चित रूप से कार्रवाई करते हैं।'

राजनीतिक प्रतिक्रिया

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस दिए जाने की खबरें सामने आई हैं। TMC ने इस पूरे अभियान को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केएमसी के फैसले का स्वागत किया है। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई है।

केएमसी का पक्ष

केएमसी अधिकारियों के अनुसार, बेलेघाटा इलाके में अवैध निर्माणों को लेकर लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं और उन्हीं के आधार पर यह अभियान शुरू किया गया। कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि नोटिस पूरी तरह व्यक्तिगत हैं और इनका किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है।

आगे क्या होगा

कमिश्नर स्मिता पांडे ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। डेटाबेस तैयार होने के बाद केएमसी की कार्रवाई और व्यापक होने की संभावना है, हालाँकि न्यायालय में लंबित मामलों में अदालती आदेशों की प्रतीक्षा करनी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब TMC नेता अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस मिलने की खबरें हैं — यह संयोग राजनीतिक संदेह को स्वाभाविक बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या केएमसी का यह अभियान पूरे शहर में एकसमान रूप से लागू होगा या चुनिंदा इलाकों तक सीमित रहेगा। डेटाबेस बनाने की बात सकारात्मक है, लेकिन जब तक पारदर्शी और सार्वजनिक सूची जारी नहीं होती, 'राजनीतिक प्रतिशोध' के आरोप बने रहेंगे।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेलेघाटा में केएमसी की बुलडोजर कार्रवाई क्यों हुई?
केएमसी अधिकारियों के अनुसार, बेलेघाटा इलाके में लंबे समय से अवैध निर्माणों की शिकायतें आ रही थीं। नोटिस जारी करने और सुनवाई का मौका देने के बाद राजू नस्कर के दो मकान ढहाए गए।
केएमसी कमिश्नर स्मिता पांडे ने नोटिस को व्यक्तिगत क्यों बताया?
कमिश्नर स्मिता पांडे ने स्पष्ट किया कि नोटिस संबंधित संपत्ति मालिक को व्यक्तिगत रूप से दिया गया है और इसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई।
TMC और BJP ने इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस अभियान को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केएमसी के फैसले का स्वागत किया है। अभिषेक बनर्जी को नोटिस दिए जाने के बाद यह विवाद और तेज हो गया।
क्या कोलकाता में और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होगी?
हाँ, कमिश्नर स्मिता पांडे ने संकेत दिया कि केएमसी कोलकाता के सभी अवैध निर्माणों का डेटाबेस तैयार कर रही है और जहाँ कोई कानूनी बाधा नहीं होगी, वहाँ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या न्यायालय में लंबित मामलों पर भी कार्रवाई होगी?
केएमसी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में अदालती आदेश हैं, वहाँ न्यायालय के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे मामलों में अदालती फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव होगी।
राष्ट्र प्रेस
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