27 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुवेंदु अधिकारी का ऐलान: तुष्टिकरण के लिए राष्ट्रीय सम्मान से समझौता अब नहीं, इस्लामपुर में विदेशी झंडे जब्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुवेंदु अधिकारी का ऐलान: तुष्टिकरण के लिए राष्ट्रीय सम्मान से समझौता अब नहीं, इस्लामपुर में विदेशी झंडे जब्त

सारांश

मिलाद-उन-नबी के जुलूसों के दौरान इस्लामपुर में दो गैर-कानूनी विदेशी झंडे जब्त होने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ कहा — तुष्टिकरण के लिए राष्ट्रीय सम्मान से समझौता अब नहीं। पूरे राज्य में जुलूस शांतिपूर्ण रहे, पुलिस की सराहना की गई।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 26 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट कर तुष्टिकरण की राजनीति पर कड़ा रुख स्पष्ट किया।
मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान इस्लामपुर जिला पुलिस ने पूरे राज्य में केवल 2 विदेशी झंडे जब्त किए और एफआईआर दर्ज कीं।
सरकार ने सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और पवित्र मौकों के राजनीतिक दुरुपयोग के विरुद्ध 'जीरो-टॉलरेंस' नीति की पुष्टि की।
मुख्यमंत्री ने बंगाल पुलिस , कोलकाता पुलिस और जिला प्रशासन की राज्यभर में शांतिपूर्ण जुलूस संपन्न कराने के लिए प्रशंसा की।
अधिकारी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टिकरण के लिए राष्ट्रीय सम्मान और कानून के शासन से समझौते का दौर समाप्त हो चुका है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 26 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार हर समुदाय की आस्था, अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है — लेकिन राष्ट्रीय सम्मान और कानून के शासन से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलाद-उन-नबी के अवसर पर इस्लामपुर जिला पुलिस द्वारा गैर-कानूनी विदेशी झंडे जब्त किए जाने और एफआईआर दर्ज किए जाने की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह बात कही।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में बताया कि मिलाद-उन-नबी के जुलूसों के दौरान पूरे राज्य में धार्मिक झंडों के साथ-साथ भारतीय तिरंगे को पूरी आज़ादी और सम्मान के साथ ले जाया गया। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में केवल दो विदेशी झंडे जब्त किए गए, जो गैर-कानूनी पाए गए।

इस्लामपुर जिला पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कीं और सख्त कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई की सराहना की।

सरकार का रुख

अधिकारी ने कहा, 'धार्मिक आयोजन आस्था और भाईचारे के लिए होते हैं, न कि विदेशी भू-राजनीतिक एजेंडे या समाज को बाँटने वाले प्रचार के लिए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने या पवित्र मौकों का राजनीतिक दुरुपयोग करने की किसी भी कोशिश के विरुद्ध 'जीरो-टॉलरेंस' नीति अपनाता है।

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते ऐसी घटनाओं को अक्सर अनदेखा किया जाता था। उनके अनुसार, 'तुष्टिकरण के लिए कानून के शासन और राष्ट्रीय सम्मान से समझौता करने का दौर अब खत्म हो चुका है।'

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और जिला प्रशासन के जमीनी कर्मचारियों की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में जुलूस शांतिपूर्ण और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुए, जो प्रशासन की सूझ-बूझ और सतर्कता का प्रमाण है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार का यह बयान राज्य में उसकी 'राष्ट्र-प्रथम' छवि को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में धार्मिक जुलूसों के दौरान झंडों और प्रतीकों को लेकर विवाद पहले भी उठते रहे हैं।

आगे क्या

मुख्यमंत्री अधिकारी ने संकेत दिया कि BJP सरकार पूरे पश्चिम बंगाल में कानून का सख्त पालन सुनिश्चित करते हुए हर नागरिक के पूजा करने और शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने के अधिकार की रक्षा जारी रखेगी। इस्लामपुर मामले में दर्ज एफआईआर की जाँच आगे बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह एक प्रतीकात्मक संदेश है जो आगामी चुनावी चक्र को ध्यान में रखकर दिया गया है। पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक सद्भाव की परीक्षा केवल जुलूसों में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की प्रशासनिक निष्पक्षता में होती है — और उस मोर्चे पर आँकड़े अभी भी मिले-जुले हैं।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने विदेशी झंडे जब्त होने पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस्लामपुर जिला पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि गैर-कानूनी विदेशी झंडे जब्त किए गए, एफआईआर दर्ज हुईं और सख्त कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि तुष्टिकरण के लिए राष्ट्रीय सम्मान से समझौते का दौर अब खत्म हो चुका है।
मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान पश्चिम बंगाल में कितने विदेशी झंडे जब्त हुए?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, पूरे पश्चिम बंगाल में मिलाद-उन-नबी के जुलूसों के दौरान केवल दो गैर-कानूनी विदेशी झंडे जब्त किए गए। यह कार्रवाई इस्लामपुर जिला पुलिस ने की।
BJP सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति का क्या अर्थ है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस नीति का अर्थ है कि सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने या धार्मिक अवसरों का विदेशी भू-राजनीतिक एजेंडे के लिए दुरुपयोग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार हर नागरिक के आस्था और शांतिपूर्ण उत्सव के अधिकार की रक्षा के साथ-साथ कानून का सख्त पालन सुनिश्चित करेगी।
पिछली सरकार पर अधिकारी का क्या आरोप है?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ऐसी घटनाओं को अक्सर होने देती थी और कानून के शासन से समझौता करती थी। उनके अनुसार, अब यह स्थिति बदल चुकी है।
क्या पश्चिम बंगाल में मिलाद-उन-नबी के जुलूस शांतिपूर्ण रहे?
हाँ, मुख्यमंत्री अधिकारी ने पुष्टि की कि पूरे राज्य में जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुए। उन्होंने बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले