तमिलनाडु में प्रमोशन के लिए संपत्ति घोषणा अनिवार्य, 31 अक्टूबर तक IFHRMS पर अपलोड करना होगा ब्योरा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 8 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति घोषणा को प्रमोशन की अनिवार्य शर्त बना दिया है। मुख्य सचिव साईकुमार के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के तहत कर्मचारियों को अपनी समस्त वित्तीय जानकारी 31 अक्टूबर 2026 तक इंटीग्रेटेड फाइनेंस एंड ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (IFHRMS) की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। समय-सीमा के भीतर जानकारी न देने पर कर्मचारी आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
क्या-क्या घोषित करना होगा
आदेश के अनुसार कर्मचारियों को अपनी चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्तियाँ, बचत और लोन (देनदारियाँ) — सभी का विवरण IFHRMS पोर्टल पर एक साथ दर्ज करना होगा। विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर संपत्ति खरीदी है, तो उसे भी घोषणा में शामिल करना अनिवार्य होगा। ऐसी स्थिति में संपत्ति के विवरण के साथ-साथ उस व्यक्ति का नाम और कर्मचारी से उसका संबंध भी दर्ज करना होगा।
यह प्रावधान उन मामलों को भी दायरे में लेता है जहाँ संपत्ति बेनामी तरीके से किसी परिजन या अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत कराई गई हो। आदेश में साफ किया गया है कि संपत्ति का पंजीकरण किसी और के नाम पर होना, घोषणा की जिम्मेदारी से मुक्ति नहीं देता।
प्रमोशन से सीधा जुड़ाव
सरकार ने संपत्ति घोषणा को प्रमोशन सूची में नाम शामिल होने की पूर्वशर्त बना दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि 31 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा तक IFHRMS पर जानकारी अपलोड न करने वाले कर्मचारियों का नाम पदोन्नति की सूची से बाहर रखा जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर राज्य सरकारें देशभर में विभिन्न प्रशासनिक सुधारों की ओर बढ़ रही हैं।
गौरतलब है कि कई राज्य सरकारें पहले से ही सरकारी कर्मचारियों के लिए वार्षिक संपत्ति घोषणा की व्यवस्था लागू करती हैं, लेकिन तमिलनाडु का यह कदम उसे सीधे पदोन्नति प्रक्रिया से जोड़कर प्रवर्तन को और कड़ा करता है।
उल्लंघन पर क्या होगा
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि समय-सीमा के भीतर जानकारी न देने वाले कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी आचरण नियमों का उल्लंघन करने वाला माना जाएगा। यह एक अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना को भी खोलता है। हालाँकि आदेश में विशिष्ट दंड का उल्लेख नहीं किया गया है, आचरण नियमों का उल्लंघन सामान्यतः विभागीय जाँच और सेवा संबंधी परिणामों को आमंत्रित कर सकता है।
IFHRMS पोर्टल और प्रक्रिया
IFHRMS (Integrated Finance and Human Resource Management System) तमिलनाडु सरकार का एकीकृत ऑनलाइन मंच है जिसे वित्त और मानव संसाधन प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाता है। कर्मचारियों को इसी पोर्टल के माध्यम से अपनी संपत्ति, बचत और ऋण से जुड़ी समस्त जानकारी एक ही स्थान पर दर्ज करनी होगी। डिजिटल माध्यम से घोषणा का यह तरीका सत्यापन और रिकॉर्ड-कीपिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अपनाया गया है।
आगे क्या
राज्य के सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी 31 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा से पहले घोषणा पूरी कर लें। प्रमोशन सूचियाँ तैयार करते समय IFHRMS डेटा की जाँच की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अनिवार्य डिजिटल घोषणा प्रणाली दीर्घकाल में भ्रष्टाचार-रोधी प्रयासों को मजबूती दे सकती है, बशर्ते कि डेटा का नियमित सत्यापन भी हो।