रांची के कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में टाटा मोटर्स सर्विस सेंटर में भीषण आग, कई वाहन जलकर खाक
सारांश
मुख्य बातें
रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में टाटा मोटर्स के अधिकृत सर्विस सेंटर में रविवार, 23 अगस्त को भीषण आग भड़क उठी, जिसने परिसर में खड़ी अनेक गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जाँच में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है, हालाँकि अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त जाँच अभी जारी है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कैसे भड़की आग
जानकारी के अनुसार, रविवार को सर्विस सेंटर के खुले परिसर और वर्कशॉप में बड़ी संख्या में वाहन खड़े थे। अचानक कुछ गाड़ियों से धुआँ उठता दिखा और जब तक कर्मचारी स्थिति को समझ पाते, तब तक आग की लपटें तेज़ हो चुकी थीं। देखते-देखते आग आसपास खड़े अन्य वाहनों तक भी फैल गई और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
यह सर्विस सेंटर बासुदेव मोटर कंपनी द्वारा संचालित है, जो टाटा मोटर्स का अधिकृत डीलर है। आग ने वर्कशॉप उपकरणों को भी नुकसान पहुँचाया है, हालाँकि क्षति का पूरा आकलन अभी बाकी है।
दमकल की त्वरित कार्रवाई
आग की लपटें और धुएँ का गुबार देखते ही सर्विस सेंटर के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तत्काल अग्निशमन विभाग और सदर थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू हुआ। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कई वाहन बुरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
नुकसान का अनुमान
आग में परिसर में खड़ी कई गाड़ियाँ जलकर खाक हो गईं। सर्विस सेंटर के उपकरणों और अन्य सामग्री को भी नुकसान पहुँचने की आशंका है। संपत्ति के नुकसान का सटीक आँकड़ा जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गौरतलब है कि यह एक व्यावसायिक परिसर है, जहाँ ग्राहकों की गाड़ियाँ सर्विस के लिए आती हैं, इसलिए नुकसान की जिम्मेदारी का प्रश्न भी उठ सकता है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
घटना के बाद सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार जाँच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेगा। अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मामले की विस्तृत जाँच में जुटी है। यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।