24 अक्टूबर 2026
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वर्धा क्राइम ब्रांच ने नागपुर से दबोचा तीन साल से फरार चोरी का आरोपी कमलेश बैस

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वर्धा क्राइम ब्रांच ने नागपुर से दबोचा तीन साल से फरार चोरी का आरोपी कमलेश बैस

सारांश

वर्धा की स्थानीय अपराध शाखा ने तीन साल से फरार चोरी के आरोपी कमलेश ईश्वरसिंग बैस (42) को नागपुर के सक्करदरा इलाके से गिरफ्तार किया। मामला कारंजा (घाडगे) थाने में IPC धारा 380 और 34 के तहत दर्ज था।

मुख्य बातें

वर्धा की स्थानीय अपराध शाखा ने 22 अक्टूबर 2026 को नागपुर के सक्करदरा से फरार आरोपी को दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमलेश ईश्वरसिंग बैस (42 वर्ष) , निवासी आनंदनगर, नागपुर के रूप में हुई।
आरोपी तीन साल से अधिक समय से IPC धारा 380 और 34 के तहत दर्ज चोरी मामले में फरार था।
मामला कारंजा (घाडगे) पुलिस स्टेशन से संबंधित है; आगे की जांच वही थाना कर रहा है।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभकुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के नेतृत्व में हुई।

वर्धा जिले की स्थानीय अपराध शाखा ने 24 अक्टूबर 2026 को चोरी के मामले में तीन साल से अधिक समय से फरार चल रहे आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। यह मामला कारंजा (घाडगे) पुलिस स्टेशन में दर्ज था और आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था।

मामले की पृष्ठभूमि

कारंजा (घाडगे) पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 380 और 34 के तहत चोरी का यह मामला दर्ज किया गया था। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए कई वर्षों से फरार था और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

22 अक्टूबर 2026 को वर्धा की स्थानीय अपराध शाखा की टीम को गोपनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि वांछित आरोपी नागपुर शहर में छिपा हुआ है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने नागपुर में तलाशी अभियान शुरू किया।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नागपुर के सक्करदरा इलाके में रह रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल सक्करदरा क्षेत्र में छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमलेश ईश्वरसिंग बैस (42 वर्ष), निवासी आनंदनगर, सक्करदरा, नागपुर के रूप में हुई।

गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई

हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने आरोपी के परिजनों को सूचित किया। इसके पश्चात आगे की विधिक कार्रवाई के लिए कमलेश बैस को कारंजा (घाडगे) पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया। अब इस मामले की आगे की जांच कारंजा (घाडगे) पुलिस द्वारा की जा रही है।

किनके नेतृत्व में हुई कार्रवाई

यह पूरा अभियान पुलिस अधीक्षक सौरभकुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्रवाई में मनोज धात्रक, महादेव सानप, हर्षल सोनटक्के, अभिषेक नाईक और साइबर सेल वर्धा के दिनेश बोथकर की अहम भूमिका रही।

यह गिरफ्तारी इस बात का उदाहरण है कि वर्धा पुलिस की अपराध शाखा फरार आरोपियों की दीर्घकालिक निगरानी और अंतर-जिला समन्वय के जरिए सफलतापूर्वक कार्रवाई करने में सक्षम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दर्शाती है कि गोपनीय सूचना नेटवर्क और अंतर-जिला समन्वय के बिना फरार अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाना कठिन है। तीन वर्षों तक आरोपी का फरार रहना स्थानीय स्तर पर पुलिस-खुफिया तंत्र की सीमाओं को भी उजागर करता है। साइबर सेल की भागीदारी यह संकेत देती है कि अब डिजिटल ट्रेकिंग पारंपरिक पुलिसिंग का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्धा क्राइम ब्रांच ने किसे गिरफ्तार किया?
वर्धा की स्थानीय अपराध शाखा ने कमलेश ईश्वरसिंग बैस (42 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जो नागपुर के सक्करदरा इलाके में छिपा हुआ था। वह चोरी के मामले में तीन साल से अधिक समय से फरार था।
आरोपी पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी कमलेश बैस के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 380 (चोरी) और धारा 34 (सामान्य आशय) के तहत मामला दर्ज है। यह मामला कारंजा (घाडगे) पुलिस स्टेशन में दर्ज था।
आरोपी की गिरफ्तारी कहाँ और कब हुई?
गिरफ्तारी 22 अक्टूबर 2026 को नागपुर के सक्करदरा क्षेत्र में हुई। पुलिस को गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि आरोपी इसी इलाके में छिपा है, जिसके बाद छापेमारी की गई।
अब इस मामले की जांच कौन करेगा?
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कारंजा (घाडगे) पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया है और आगे की जांच वही थाना कर रहा है। विधिक कार्रवाई जारी है।
इस ऑपरेशन में किन अधिकारियों की भूमिका रही?
यह अभियान पुलिस अधीक्षक सौरभकुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे और पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी के नेतृत्व में हुआ। मनोज धात्रक, महादेव सानप, हर्षल सोनटक्के, अभिषेक नाईक और साइबर सेल के दिनेश बोथकर ने मैदानी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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