तीन साल से फरार गैंगस्टर एक्ट का वांछित आरोपी नोएडा से गिरफ्तार, वाहन चोर गिरोह से कनेक्शन
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने 17 जुलाई 2025 को नोएडा के सूरजपुर घंटा चौक स्थित टेम्पो स्टैंड के पास एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में करीब तीन वर्षों से फरार वांछित आरोपी इंसाफ पुत्र खुर्शीद को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक संगठित वाहन चोर गिरोह का सक्रिय सदस्य है और उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी तथा आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान आरोपी को सूरजपुर घंटा चौक के पास दबोचा गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था, जिससे उसकी गिरफ्तारी में विलंब हुआ।
आरोपी की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी की पहचान इंसाफ पुत्र खुर्शीद, निवासी गाँव लाड़लाका, थाना जुरहरा, जिला ढींग (राजस्थान), उम्र लगभग 27 वर्ष, के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। थाना फेस-1, गौतमबुद्ध नगर में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चोरी, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 और 2023 के दौरान वाहन चोरी के कई मामले उसके नाम दर्ज हुए। एक मामले में उसके विरुद्ध धारा 307, 398, 401, 420, 467, 468, 471, 482 तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई थी। इसके अतिरिक्त वर्ष 2023 में 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
वाहन चोर गिरोह से संबंध
पुलिस जाँच में सामने आया है कि इंसाफ एक संगठित वाहन चोरी गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। यह गिरोह विभिन्न स्थानों से वाहन चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करता था। गौरतलब है कि इस तरह के संगठित गिरोह न केवल वाहन चोरी करते हैं, बल्कि चोरी के वाहनों को नकली दस्तावेजों के जरिए बेचने का नेटवर्क भी संचालित करते हैं।
आगे की जाँच
सेक्टर-58 थाने की पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से वाहन चोरी गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी किए गए वाहनों के नेटवर्क और गिरोह के संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि आरोपी की निशानदेही से गिरोह के कई और सदस्यों तक पहुँचा जा सकता है।