दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर तेजस्वी यादव की माँग — पटना में मूर्ति और आश्रम बनाए सरकार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 17 अगस्त 2026 को बिहार सरकार से माँग की कि पटना में 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की प्रतिमा स्थापित की जाए और उनके नाम पर एक आश्रम बनाया जाए। यह माँग राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पटना कार्यालय में आयोजित दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि श्रद्धांजलि सभा के बाद उठाई गई।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
सोमवार को राजद के पटना कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में तेजस्वी यादव के साथ कई राजद नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। दलित और महादलित समुदायों के अनेक लोगों ने भी इस श्रद्धांजलि सभा में भाग लेकर 'माउंटेन मैन' को नमन किया। गौरतलब है कि दशरथ मांझी ने अकेले दम पर गया जिले के गहलौर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया था, जो उनकी असाधारण इच्छाशक्ति का प्रतीक है।
सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
श्रद्धांजलि सभा के बाद तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर कथित भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कथित 'डस्टबिन घोटाले' का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कई अन्य मामलों में भी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं, परंतु जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों को सत्तारूढ़ दल का संरक्षण मिल रहा है।
राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल
राजद नेता ने बिहार सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा, 'यह सरकार पूरी तरह कंगाल हो गई है। सरकार न तो वेतन दे पा रही है और न ही पेंशन।' हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
19 अगस्त का राजभवन मार्च
तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक खुला विरोध प्रदर्शन होगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की। राजद नेता और कार्यकर्ता राजभवन तक मार्च करेंगे, राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और अपनी माँगों का ज्ञापन सौंपेंगे। इस मार्च में छात्रों से जुड़े मुद्दे और सिवान में हुई एके-47 फायरिंग की घटना भी उठाई जाएगी।
सिवान एके-47 घटना और पुलिस कार्रवाई
सिवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एके-47 से फायरिंग की घटना सामने आई थी। तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया और बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार को ज्ञापन सौंपकर वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की। बिहार पुलिस ने अब तक केवल उस कॉन्स्टेबल को निलंबित किया है जो वीडियो में एके-47 से फायरिंग करते दिखा था। विपक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई अपर्याप्त है और उच्च अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।