22 सितंबर 2026
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जमुई कांड: तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी से माँगा इस्तीफा, मुठभेड़ की परिस्थितियों पर उठाए सवाल

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जमुई कांड: तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी से माँगा इस्तीफा, मुठभेड़ की परिस्थितियों पर उठाए सवाल

सारांश

तेजस्वी यादव ने जमुई घटना को लेकर बिहार सरकार को घेरा — CM से इस्तीफे की माँग, मुठभेड़ की पारदर्शिता पर सवाल और सासाराम जेल में बंदी की मौत — एक प्रेस वार्ता में विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर बहु-मोर्चा हमला बोला।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 22 सितंबर 2026 को पटना में प्रेस वार्ता कर जमुई घटना पर बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया।
मुख्य आरोपी नंदन यादव को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया; पहले तीन अन्य आरोपी भी पकड़े जा चुके थे।
जाँच के लिए SIT गठित; पुलिस के अनुसार घटना में 7-8 लोग शामिल थे।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व बयान के आधार पर इस्तीफे की माँग की।
सासाराम मंडल कारा में विचाराधीन बंदी की 15 सितंबर को मौत; परिवार ने न्यायिक जाँच व मुआवजे की माँग रखी।
तेजस्वी ने सरकार पर तबादला-पोस्टिंग में अनियमितता और पुलिस प्रशासन में जवाबदेही की कमी का भी आरोप लगाया।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को पटना में एक प्रेस वार्ता कर जमुई घटना के संदर्भ में राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके एक पूर्व बयान का हवाला देते हुए इस्तीफे की माँग की और बिहार में महिलाओं तथा बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मुख्य घटनाक्रम

जमुई मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को मंगलवार को एक मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ हुई और आरोपी घायल हुआ। इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका था और जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित की गई है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि पुलिस के अपने बयान के अनुसार घटना में सात से आठ लोग शामिल थे, इसलिए सभी आरोपियों के विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों पर कार्रवाई ज़रूरी है, परंतु हर पुलिस कार्रवाई में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल

तेजस्वी यादव ने मुठभेड़ की परिस्थितियों पर भी सरकार से जवाब माँगा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मुठभेड़ किन हालात में हुई और पुलिस कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया क्या थी। यह ऐसे समय में आया है जब मानवाधिकार संगठन कथित फर्ज़ी मुठभेड़ों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।

उन्होंने माँग की कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जाँच हो। उन्होंने विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित ख़बरों की कटिंग का हवाला देते हुए सरकार से पूछा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हुई अन्य घटनाओं में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

सासाराम जेल में बंदी की मौत का मामला

प्रेस वार्ता में तेजस्वी यादव ने रोहतास जिले के सासाराम मंडल कारा में एक विचाराधीन बंदी की मौत का मामला भी उठाया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मृतक को मद्यनिषेध के एक मामले में गिरफ्तार कर 13 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था और 15 सितंबर को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक के चाचा ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि जेल में तबीयत खराब होने की सूचना परिवार को दी गई थी, लेकिन बाद में अस्पताल में मौत की खबर मिली। परिवार ने पूरे मामले की न्यायिक जाँच, जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग रखी है। तेजस्वी यादव ने बिहार में कथित हिरासत में मौतों के आँकड़ों का भी हवाला दिया।

सरकार पर अन्य आरोप

तेजस्वी यादव ने सरकार पर तबादला-पोस्टिंग में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। गौरतलब है कि उन्होंने कुछ सरकारी नेताओं के उन बयानों की भी आलोचना की, जिनमें ऐसी गंभीर घटनाओं को कथित तौर पर 'छिटपुट' या 'इंडिविजुअल' बताया गया था।

आगे क्या होगा

जमुई मामले में SIT की जाँच जारी है और पुलिस शेष आरोपियों की तलाश कर रही है। तेजस्वी यादव ने सरकार से समयबद्ध तरीके से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय करने की माँग दोहराई। बिहार सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जेल मौत और तबादला अनियमितताएँ — लेकिन असली परीक्षण यह है कि क्या विपक्ष इन आरोपों को विधानसभा में ठोस जवाबदेही में बदल पाता है। मुठभेड़ की परिस्थितियों पर पारदर्शिता की माँग जायज़ है, पर यह भी ध्यान देने योग्य है कि SIT गठन और तीन से अधिक गिरफ्तारियाँ पहले ही हो चुकी हैं। सासाराम जेल मौत का मामला अधिक गंभीर है — मद्यनिषेध कानून के तहत हिरासत में गई जान, महज़ दो दिन में — यह संस्थागत जवाबदेही का सवाल है जिसे महज़ राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमुई घटना क्या है और इसमें कितने आरोपी हैं?
जमुई में महिलाओं/बच्चियों के खिलाफ एक गंभीर घटना सामने आई है जिसमें पुलिस के अनुसार सात से आठ लोग शामिल थे। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य आरोपी नंदन यादव शामिल हैं, जिन्हें मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया।
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा क्यों माँगा?
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक पूर्व बयान का हवाला देते हुए इस्तीफे की माँग की। उनका कहना है कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा की स्थिति उस बयान के विपरीत बनी हुई है।
सासाराम जेल में विचाराधीन बंदी की मौत कैसे हुई?
रिपोर्टों के अनुसार, मृतक को मद्यनिषेध के एक मामले में गिरफ्तार कर 13 सितंबर 2026 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था और 15 सितंबर को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जमुई मामले में जाँच की क्या स्थिति है?
जमुई मामले में बिहार पुलिस ने एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित की है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस शेष आरोपियों की तलाश में जुटी है।
तेजस्वी यादव ने पुलिस मुठभेड़ पर क्या सवाल उठाए?
तेजस्वी यादव ने माँग की कि सरकार यह स्पष्ट करे कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया क्या थी। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई ज़रूरी है, लेकिन हर पुलिस कार्रवाई में जवाबदेही और पारदर्शिता भी उतनी ही आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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